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Prayagraj News: नवरात्र पर भी नहीं हुई अच्छी कमाई, इस बार कम हुए 736 बैनामे
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पिछले वर्ष नवरात्र की तुलना में इस बार बैनामों की संख्या में खासी कमी दर्ज की गई है। पिछली बार प्रयागराज में कुल 2279 बैनामे हुए थे वहीं, इस बार यह संख्या घटकर 1543 हो गई है। पिछली बार निबंधन विभाग को बैनामों से 23 करोड़ 41 लाख 61 हजार 1168 रुपये की आय हुई थी। इस बार 19 करोड़ 69 लाख 52 हजार 530 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
इस गिरावट के पीछे बड़ा कारण महंगाई और सर्किल रेट में बढ़ोतरी को बताया जा रहा है। साथ ही सरिया-सीमेंट के दाम बढ़ने से निर्माण की गति धीमी पड़ी है। इसका असर संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर देखने को मिल रहा है।
सिर्फ नवरात्र ही नहीं, बल्कि इस वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 17 अक्तूबर 2026 तक हुए बैनामों और उनसे प्राप्त होने वाली आय की भी यही स्थिति है। निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में इस अवधि के दौरान 38,918 बैनामे हुए थे। इस साल एक अप्रैल से 17 अक्तूबर तक 36,945 बैनामे ही हुए हैं।
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वहीं, अप्रैल से अक्तूबर तक बैनामों से हुई आय भी घटकर तीन अरब 37 करोड़ 42 लाख नौ हजार 888 रुपये रह गई है जबकि पिछले वर्ष निबंधन विभाग को इस अवधि में तीन अरब 39 करोड़ 28 लाख 36 हजार 829 रुपये की आय हुए थी। इन आंकड़ों से यह संकेत भी मिलते हैं कि आम दिनों के मुकाबले नवरात्र में बैनामों व आय का ग्राफ अधिक तेजी से नीचे आया है।
पीडीए की संपत्तियों से टूट सकता है रियल स्टेट का सन्नाटा
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की संपत्तियों से रियल स्टेट का सन्नाटा टूटने की उम्मीद है। पीडीए ने हाल ही में अपनी छह आवासीय योजनाओं में 465 फ्लैट के ऑनलाइन आवंटन के लिए आवेदन मांगे थे। इन संपत्तियों की बुकिंग तेजी से हो रही है। 103 से अधिक आवंटियों ने फ्लैट के मूल्य की 10 फीसदी अग्रिम धनराशि जमा करते हुए बुकिंग की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। दीपावली के आसपास इन आवासों की रजिस्ट्री होने की उम्मीद है जिससे बैनामों के साथ आय भी बढ़ेगी।
सरिया नौ रुपये किलो, सीमेंट 10 रुपये बोरी बढ़ी
भवन निर्माण सामग्री के कारोबारी प्रियंक कुमार गुप्ता का कहना है कि निर्माण सामग्री महंगी होने से कारोबार प्रभावित हुआ है। पिछले तीन महीनों में सरिया की कीमत नौ से 10 रुपये प्रति किलो बढ़ी है तो सीमेंट के मूल्य में भी पांच से 10 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से ग्राहकों की संख्या कम हुई है।
15 से 40 फीसदी तक बढ़ा है सर्किल रेट
- प्रशासन ने 15 दिसंबर 2025 को प्रयागराज में सर्किल रेट बढ़ाया था जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। सर्किल रेट में 15 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह से रजिस्ट्री भी महंगी हो गई। विस्तारित क्षेत्रों में सर्किल रेट अधिक बढ़ाया गया और वहीं पर जमीन की खरीद-फरोख्त भी अधिक हो रही थी।
बिल्डर एग्रीमेंट की संख्या में भी आई कमी
- बिल्डर एग्रीमेंट की संख्या में भी काफी कमी आई है जो इस बात का संकेत है कि कम संख्या में बिल्डर जमीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं। वर्ष 2025 में एक अप्रैल से 17 अक्तूबर तक 25 विक्रय अनुबंध विलेख (बिल्डर) हुए थे जबकि 2026 में इस अवधि के दौरान मात्र नौ बिल्डरों ने विक्रय अनुबंध विलेख कराए हैं।
वर्जन
इस बार नवरात्र में पिछले साल के मुकाबले बैनामों की संख्या व कुल आय घटी है। हालांकि, औसत आय बेहतर हुई है। प्रयास यही है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व प्राप्ति कर लक्ष्य पूरा कर लिया जाए। इसके लिए समीक्षा की जा रही है।’ राकेश चंद्रा, एआईजी स्टाम्प
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इस गिरावट के पीछे बड़ा कारण महंगाई और सर्किल रेट में बढ़ोतरी को बताया जा रहा है। साथ ही सरिया-सीमेंट के दाम बढ़ने से निर्माण की गति धीमी पड़ी है। इसका असर संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर देखने को मिल रहा है।
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सिर्फ नवरात्र ही नहीं, बल्कि इस वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 17 अक्तूबर 2026 तक हुए बैनामों और उनसे प्राप्त होने वाली आय की भी यही स्थिति है। निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में इस अवधि के दौरान 38,918 बैनामे हुए थे। इस साल एक अप्रैल से 17 अक्तूबर तक 36,945 बैनामे ही हुए हैं।
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वहीं, अप्रैल से अक्तूबर तक बैनामों से हुई आय भी घटकर तीन अरब 37 करोड़ 42 लाख नौ हजार 888 रुपये रह गई है जबकि पिछले वर्ष निबंधन विभाग को इस अवधि में तीन अरब 39 करोड़ 28 लाख 36 हजार 829 रुपये की आय हुए थी। इन आंकड़ों से यह संकेत भी मिलते हैं कि आम दिनों के मुकाबले नवरात्र में बैनामों व आय का ग्राफ अधिक तेजी से नीचे आया है।
पीडीए की संपत्तियों से टूट सकता है रियल स्टेट का सन्नाटा
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की संपत्तियों से रियल स्टेट का सन्नाटा टूटने की उम्मीद है। पीडीए ने हाल ही में अपनी छह आवासीय योजनाओं में 465 फ्लैट के ऑनलाइन आवंटन के लिए आवेदन मांगे थे। इन संपत्तियों की बुकिंग तेजी से हो रही है। 103 से अधिक आवंटियों ने फ्लैट के मूल्य की 10 फीसदी अग्रिम धनराशि जमा करते हुए बुकिंग की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। दीपावली के आसपास इन आवासों की रजिस्ट्री होने की उम्मीद है जिससे बैनामों के साथ आय भी बढ़ेगी।
सरिया नौ रुपये किलो, सीमेंट 10 रुपये बोरी बढ़ी
भवन निर्माण सामग्री के कारोबारी प्रियंक कुमार गुप्ता का कहना है कि निर्माण सामग्री महंगी होने से कारोबार प्रभावित हुआ है। पिछले तीन महीनों में सरिया की कीमत नौ से 10 रुपये प्रति किलो बढ़ी है तो सीमेंट के मूल्य में भी पांच से 10 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी हुई है। इसकी वजह से ग्राहकों की संख्या कम हुई है।
15 से 40 फीसदी तक बढ़ा है सर्किल रेट
- प्रशासन ने 15 दिसंबर 2025 को प्रयागराज में सर्किल रेट बढ़ाया था जिसका असर अब देखने को मिल रहा है। सर्किल रेट में 15 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई थी। इसकी वजह से रजिस्ट्री भी महंगी हो गई। विस्तारित क्षेत्रों में सर्किल रेट अधिक बढ़ाया गया और वहीं पर जमीन की खरीद-फरोख्त भी अधिक हो रही थी।
बिल्डर एग्रीमेंट की संख्या में भी आई कमी
- बिल्डर एग्रीमेंट की संख्या में भी काफी कमी आई है जो इस बात का संकेत है कि कम संख्या में बिल्डर जमीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं। वर्ष 2025 में एक अप्रैल से 17 अक्तूबर तक 25 विक्रय अनुबंध विलेख (बिल्डर) हुए थे जबकि 2026 में इस अवधि के दौरान मात्र नौ बिल्डरों ने विक्रय अनुबंध विलेख कराए हैं।
वर्जन
इस बार नवरात्र में पिछले साल के मुकाबले बैनामों की संख्या व कुल आय घटी है। हालांकि, औसत आय बेहतर हुई है। प्रयास यही है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व प्राप्ति कर लक्ष्य पूरा कर लिया जाए। इसके लिए समीक्षा की जा रही है।’ राकेश चंद्रा, एआईजी स्टाम्प