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Prayagraj News: सांसों में धूल... हवा में उड़ाए मानक

Thu, 22 Oct 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Thu, 22 Oct 2026 01:56 AM IST
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Dust in every breath... standards cast to the wind
शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। सड़क और पुल के निर्माण कार्य स्थलों पर मिट्टी के ऊंचे-ऊंचे टीले बना दिए गए हैं। इन्हें न तो पर्दे से ढका गया है, न ही धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है। परिणाम यह है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में दिनभर धूल के गुबार छाए रहते हैं।
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सबसे बुरा हाल हाईकोर्ट पानी की टंकी रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण स्थल का है। यहां पर पुराने आरओबी को ध्वस्त करके नए का निर्माण किया जा रहा है। बीते छह माह से काम चल रहा है। दिन-रात कहीं खोदाई, कहीं तोड़ाई हो रही है। धूल रोकने के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं। बाईं तरफ 50 मीटर की दूरी तक हरा पर्दा जरूर लगाया गया है, लेकिन यह धूल रोकने में नाकाम है। पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है। सेतु निगम जन स्वास्थ्य के नियमों का बिलकुल भी ध्यान नहीं रख रहा है।
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मकानों-दुकानों में धूल, राहगीरों का चलना मुश्किल
धूल की वजह से इस इलाके के मकानों और दुकानों का बुरा हाल हो गया है। पास में बनी रेलवे कॉलोनी, मछली चौराहा, खुल्दाबाद व अग्रसेन इंटर कॉलेज तक धूल का गुबार बना रहता है। सामानांतर पुल से गुजरने वालों को धूलभरी हवा में सांस लेनी पड़ रही है। धूल के कण आंखों में भरने से वाहन चलाने में भी मुश्किल हो रही है। निर्माण कार्य में लगी गाड़ियों के टायर साफ न किए जाने से समानांतर पुल पर मिट्टी की परत बन गई है। पेड़-पौधों पर धूल-मिट्टी की परत चढ़ गई है। प्रकाश संश्लेषण रुकने से बड़ी संख्या में पौधे मुरझा रहे हैं।
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यहां भी हालात ठीक नहीं

राजापुर, अतरसुइया, ट्रांसपोर्ट नगर, करैली व प्रीतम नगर में सीएम ग्रिड की सड़कों का निर्माण हो रहा है। यहां भी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मानकों को दरकिनार कर दिया गया है। मुख्य मार्ग सहित आसपास के करीब 200 मीटर तक के इलाकों में धूल-मिट्टी से लोग परेशान हैं।
ये हैं नियम
1-निर्माण क्षेत्र को चारों तरफ से ऊंचे रहे नेट व टिन से ढकना जरूरी है ताकि धूल बाहर न फैले।
2-निर्माण स्थल और आस-पास की सड़कों पर दिन में दो-तीन बार पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए।
3-रेत, सीमेंट और मलबे को हमेशा तिरपाल व प्लास्टिक शीट से ढककर रखना चाहिए।
4-निर्माण स्थल से बाहर निकलने वाले ट्रकों और गाड़ियों के टायरों को धोना जरूरी है, ताकि वे सड़क पर मिट्टी न फैलाएं।

घर के अंदर धूल भरी रहती है। सेतु निगम के अधिकरियों से कई बार मानकों को अपनाने के लिए कहा, मगर ध्यान नहीं दिया गया। प्रदीप भटनागर, नवाब युसुफ रोड, सिविल लाइंस


अग्रसेन इंटर काॅलेज के आसपास धूल ही धूल रहती है। धूल-धक्कड़ से बचना मुश्किल हो रहा है। घर को दिन में कई बार साफ करना पड़ता है। -सुमित नादान, लूकरगंज


लंबे समय से सड़क का निर्माण चल रहा है। पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। धूल बीमार करने लगी है। बीके मिश्र, प्रीतम नगर


मेरी तरफ से कई बार विभाग के अधिकारियाें को हरा पर्दा लगाने व पानी का छिड़काव करने के लिए कहा गया, मगर शिकायतों को अनसुना कर दिया। पंकज जायसवाल, पार्षद


कार्यदाई संस्था को सुरक्षा मानकों को अपनाने के लिए निर्देशित किया जाएगा। अगर फिर भी लापरवाही होती है तो संबंधित कार्यदाई संस्था के खिलाफ कार्यवाई होगी। -शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त



निर्माण स्थल पर सुरक्षा के मानकों की अनदेखी नहीं की जाएगी। आरओबी निर्माण स्थल पर हरे पर्दे का इस्तेमाल पूरी तरह से होगा। पानी का छिड़काव भी नियमित किया जाएगा। मेरी तरफ से तत्काल निर्देश जारी किया जा रहा है। -रोहित मिश्रा, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम।
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