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Prayagraj News: फॉल्ट के चलते 120 गांव 17 घंटे तक उजाले से दूर
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बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। मामूली से फॉल्ट की वजह से इलाके में 17 घंटे बिजली गुल रही। ग्रामीण बिजली-पानी के संकट से दिनभर जूझते रहे। आरोप है कि इस दौरान अफसरों ने फोन तक नहीं उठाया।
फूलपुर के बरेस्ता- प्रतापपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र से बसना, सोरों और प्रतापपुर फीडर संचालित होते हैं। इन तीन फीडरों के सहारे विकास खंड प्रतापपुर के करूआड़ीह, पूरे ठकुराइन, उग्रसेनपुर, भोगवारा समेत 120 गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। रविवार शाम हल्की बारिश हुई तो रात करीब नौ बजे बिजली गुल हो गई और सोमवार शाम 3:30 बजे आई।
इस बीच उपभोक्ता भीषण गर्मी में बिजली और पानी के संकट से जूझते रहे। पता चला कि हाईटेंशन तार पर पेड़ की डाल गिरने से फॉल्ट हुआ था। जिस वजह से करीब 17 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
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बोले उपभोक्ता -
सरकारी रोस्टर के मुताबिक कस्बे में 22 घंटे एवं ग्रामीण इलाके में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का सरकारी फरमान है। लेकिन, बिजली कटौती का आलम यह है कि कभी भी 4 से 8 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है।
- मनोज कुमार, ग्रामीण बसनेहटा प्रतापपुर।
प्रतापपुर- बरेस्ता उपकेंद्र पर तैनात अधिकारियों का हाल यह है कि यहां बिजली आने और जाने की कोई समय सीमा नहीं है। मामूली फॉल्ट हो जाने पर भी घंटों बिजली बाधित कर दी जाती है। - रमेश कुमार यादव, ग्रामीण करुआडीह।
- सरकारी आंकड़ों में रोस्टर निर्धारित कर दिया गया है। लेकिन यहां बिजली व्यवस्था का हाल बेहाल है। लोग गर्मी में परेशान हैं। - जितेंद्र कुमार, ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता।
12 घंटे बाद जेई ने लिया शटडाउन तो शुरू हुआ कम
बरेस्ता- प्रतापपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं का आरोप है कि रविवार रात नौ बजे बिजली गई तो पूरी रात नहीं आई। जेई सोमवार सुबह 10 बजे आए और 12 घंटे बाद शटडाउन लिया तो फॉल्ट ढूंढने का काम शुरू हुआ। टूटे तारों की मरम्मत के बाद शाम करीब साढ़े तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
नहीं उठा फोन, दिनभर परेशान रहे उपभोक्ता
प्रतापपुर निवासी डॉ. साधु चरण तिवारी, जमुआ के फूल चंद्र, बसना गांव के जियाउद्दीन अहमद, राम निरंजन आदि का आरोप है कि संबंधित उपकेंद्र पर तैनात जेई और एसडीओ विद्युत से बिजली कटौती की जानकारी के लिए कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि जेई विद्युत प्रतापपुर एवं खंसार कभी-कभार ही उपकेंद्र पर पहुंचते हैं।
बोले अफसर
बरेस्ता- प्रतापपुर विद्युत उपकेंद्र पर 17 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने की जानकारी नहीं है लापरवाही के संदर्भ में एसडीओ से बात की जाएगी। - शिवकुमार, एक्सईएन विद्युत
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फूलपुर के बरेस्ता- प्रतापपुर स्थित 33/11 विद्युत उपकेंद्र से बसना, सोरों और प्रतापपुर फीडर संचालित होते हैं। इन तीन फीडरों के सहारे विकास खंड प्रतापपुर के करूआड़ीह, पूरे ठकुराइन, उग्रसेनपुर, भोगवारा समेत 120 गांवों में विद्युत आपूर्ति होती है। रविवार शाम हल्की बारिश हुई तो रात करीब नौ बजे बिजली गुल हो गई और सोमवार शाम 3:30 बजे आई।
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इस बीच उपभोक्ता भीषण गर्मी में बिजली और पानी के संकट से जूझते रहे। पता चला कि हाईटेंशन तार पर पेड़ की डाल गिरने से फॉल्ट हुआ था। जिस वजह से करीब 17 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।
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बोले उपभोक्ता -
सरकारी रोस्टर के मुताबिक कस्बे में 22 घंटे एवं ग्रामीण इलाके में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का सरकारी फरमान है। लेकिन, बिजली कटौती का आलम यह है कि कभी भी 4 से 8 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है।
- मनोज कुमार, ग्रामीण बसनेहटा प्रतापपुर।
प्रतापपुर- बरेस्ता उपकेंद्र पर तैनात अधिकारियों का हाल यह है कि यहां बिजली आने और जाने की कोई समय सीमा नहीं है। मामूली फॉल्ट हो जाने पर भी घंटों बिजली बाधित कर दी जाती है। - रमेश कुमार यादव, ग्रामीण करुआडीह।
- सरकारी आंकड़ों में रोस्टर निर्धारित कर दिया गया है। लेकिन यहां बिजली व्यवस्था का हाल बेहाल है। लोग गर्मी में परेशान हैं। - जितेंद्र कुमार, ग्रामीण विद्युत उपभोक्ता।
12 घंटे बाद जेई ने लिया शटडाउन तो शुरू हुआ कम
बरेस्ता- प्रतापपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं का आरोप है कि रविवार रात नौ बजे बिजली गई तो पूरी रात नहीं आई। जेई सोमवार सुबह 10 बजे आए और 12 घंटे बाद शटडाउन लिया तो फॉल्ट ढूंढने का काम शुरू हुआ। टूटे तारों की मरम्मत के बाद शाम करीब साढ़े तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
नहीं उठा फोन, दिनभर परेशान रहे उपभोक्ता
प्रतापपुर निवासी डॉ. साधु चरण तिवारी, जमुआ के फूल चंद्र, बसना गांव के जियाउद्दीन अहमद, राम निरंजन आदि का आरोप है कि संबंधित उपकेंद्र पर तैनात जेई और एसडीओ विद्युत से बिजली कटौती की जानकारी के लिए कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि जेई विद्युत प्रतापपुर एवं खंसार कभी-कभार ही उपकेंद्र पर पहुंचते हैं।
बोले अफसर
बरेस्ता- प्रतापपुर विद्युत उपकेंद्र पर 17 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने की जानकारी नहीं है लापरवाही के संदर्भ में एसडीओ से बात की जाएगी। - शिवकुमार, एक्सईएन विद्युत