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एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर ने स्टाफ नर्स से की छेड़छाड़, हड़ताल
Fri, 31 May 2019 01:36 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 31 May 2019 01:36 AM IST
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nurses strike in srn
- फोटो : प्रयागराज
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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में एक डॉक्टर ने बुधवार की देर रात स्टाफ नर्स से छेड़छाड़ कर दी। नर्स ने जबरदस्ती करने पर उतारू डॉक्टर से खुद को बचाया। बाद में डॉक्टर ने नर्स को व्हाट्स एप पर अश्लील मैसेज भी भेजे। घटना से नाराज अस्पताल की सभी नर्सें बृहस्पतिवार को हड़ताल पर रहीं। तीन घंटे कार्य बहिष्कार कर नर्सों ने प्राचार्य का घेराव किया। इससे मरीज परेशान हो गए। प्राचार्य ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। पीड़िता ने कोतवाली में तहरीर दी लेकिन, पुलिस ने देर रात तक एफआईआर दर्ज नहीं की थी।
तहरीर के मुताबिक ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी ओटी में बुधवार रात 12 बजे अंतिम सर्जरी की गई। इसके बाद डॉक्टरों ने ड्यूटी रूम में खाना खाया। रात करीब डेढ़ बजे जूनियर डॉक्टरों के वहां से जाने के बाद एनेस्थीसिया विभाग के एक डॉक्टर ने नर्स को इशारे से अपने पास बुलाया। नर्स ने पूछा क्या काम है, इस पर उसने कुछ बोले बगैर उसे दबोच लिया। नर्स का आरोप है कि छेड़छाड़ कर रहे डॉक्टर ने जबरदस्ती करने की कोशिश की लेकिन, वह किसी तरह अपने को छुड़ाकर वहां से भाग निकली। उस वक्त वहां ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय और दो अन्य कर्मचारी भी थे।
सुबह स्टाफ नर्स के साथ छेड़खानी और जबरदस्ती के प्रयास की जानकारी होने पर नर्सें आक्रोशित हो गईं। नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष साफिया खातून की अगुवाई में एकजुट स्टाफ नर्सों ने हड़ताल का एलान किया। सभी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह के कक्ष में पहुंचीं। वहां एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. एलएस मिश्रा समेत अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकारी और डॉक्टर मौजूद थे। पीड़ित नर्स ने प्राचार्य को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। वहीं दूसरी तरफ नर्सों की हड़ताल से मरीजों को खासी दिक्कत हुई।
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प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित कर नर्सों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कमेटी सदस्यों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद स्टाफ नर्सें काम पर लौटीं। वार्ता के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन की पदाधिकारी और अन्य स्टाफ नर्सें मौजूद रहीं।
नर्सिंग एसोसिएशन ने पीएम, सीएम, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, महिला आयोग, डीएम, एसएसपी समेत अन्य विभागीय अफसरों को शिकायती पत्र भेजा है। साथ ही पीड़ित नर्स ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है लेकिन पुलिस ने जांच के बहाने रिपोर्ट नहीं लिखी।
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तहरीर के मुताबिक ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी ओटी में बुधवार रात 12 बजे अंतिम सर्जरी की गई। इसके बाद डॉक्टरों ने ड्यूटी रूम में खाना खाया। रात करीब डेढ़ बजे जूनियर डॉक्टरों के वहां से जाने के बाद एनेस्थीसिया विभाग के एक डॉक्टर ने नर्स को इशारे से अपने पास बुलाया। नर्स ने पूछा क्या काम है, इस पर उसने कुछ बोले बगैर उसे दबोच लिया। नर्स का आरोप है कि छेड़छाड़ कर रहे डॉक्टर ने जबरदस्ती करने की कोशिश की लेकिन, वह किसी तरह अपने को छुड़ाकर वहां से भाग निकली। उस वक्त वहां ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाय और दो अन्य कर्मचारी भी थे।
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सुबह स्टाफ नर्स के साथ छेड़खानी और जबरदस्ती के प्रयास की जानकारी होने पर नर्सें आक्रोशित हो गईं। नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष साफिया खातून की अगुवाई में एकजुट स्टाफ नर्सों ने हड़ताल का एलान किया। सभी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह के कक्ष में पहुंचीं। वहां एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, एनेस्थीसिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. एलएस मिश्रा समेत अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकारी और डॉक्टर मौजूद थे। पीड़ित नर्स ने प्राचार्य को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। वहीं दूसरी तरफ नर्सों की हड़ताल से मरीजों को खासी दिक्कत हुई।
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प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित कर नर्सों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कमेटी सदस्यों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद स्टाफ नर्सें काम पर लौटीं। वार्ता के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन की पदाधिकारी और अन्य स्टाफ नर्सें मौजूद रहीं।
नर्सिंग एसोसिएशन ने पीएम, सीएम, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, महिला आयोग, डीएम, एसएसपी समेत अन्य विभागीय अफसरों को शिकायती पत्र भेजा है। साथ ही पीड़ित नर्स ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है लेकिन पुलिस ने जांच के बहाने रिपोर्ट नहीं लिखी।