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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Doctor in America on son ventilator, stream of tears from mother's eyes

अमेरिका में चिकित्सक बेटा वेंटिलेटर पर, मां की आंखों से फूटी आंसुओं की धारा

Sun, 10 May 2020 11:57 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 10 May 2020 11:57 PM IST
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अमेरिका में दूसरों की जान बचाने में जुटे प्रयागराज के चिकित्सक डॉ मुकुल चंद्रा कोरोना वायरस महामारी की चपेट में आ गए हैं। फिलहाल उन्हें वहां के मशहूर क्लेवलैंड क्वीनिक में वेंटिलेटर पर रखा गया है और वह दिन रात जीवन से जूझ रहे हैं। इस बात की यहां जानकारी मिलने के बाद मां और बहन का रो रोकर बुरा हाल हो गया है। रविवार को उनकी हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। मीलों दूर से उनकी मां अपने इकलौते बेटे की सलामती के लिए हर वक्त प्रार्थना कर रही हैं, ताकि उनकी खुशियां आबाद रह सकें।
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टैगोर टाउन स्थित डॉ मुकुल चंद्रा के घर के बाहर उदासी का आलम है। घर में उनकी मां शकुंतला चंद्रा और बहन प्रो पूनम मित्तल हर पल उनके स्वस्थ होने के लिए जहां ईश्वर से अरजी लगा रही हैं, वहीं उनकी आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं। शनिवार को जब फोन पर बहू ने अमेरिका से उनकी हालत बिगड़ने की जानकारी दी तो एक बार फिर चीख निकल गई। परिजनों के अनुसार मुकुल के पिता सुरेश चंद्रा वहां एक कंपनी में जनरल मैनेजर थे। इसलिए दोनों भाई बहनों की पढ़ाई बड़ौदा में ही पूरी हुई। बड़ौदा मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद मुकुल चंद्रा ने मेडिकल सर्जरी की पढ़ाई की।
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इसके बाद 1997 में वो अमेरिका चले गए और वहीं पर उन्होंने हृदय रोग में विशेषज्ञता हासिल की। फिलहाल डॉ मुकुल अमेरिका के ओहियो प्रांत के डॉयटन शहर में हृदय रोग विशेषज्ञ के तौर पर काम कर रहे थे। उनकी पत्नी भी फीजिशियन हैं। उनकी बहन पूनम ने अमर उजाला से बातचीत में मुकुल की बीमारी से जुड़े पहलुओं को साझा किया।  उन्होंने बताया कि अमेरिका में कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान वह मरीजों के उपचार में लगे हुए थे।
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इसी दौरान बीते 22 मार्च को उनको बुखार आ गया। अस्पताल में जांच कराई गई तो कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई। इसके बाद वह अस्पताल में भर्ती हुए। हालत बिगड़ने पर उनको बीते दो अप्रैल को वेंटिलेटर पर रखा गया। तब से वह वेंटिलेटर पर ही जिंदगी से संघर्ष कर रहे हैं। मां शकुंतला चंद्रा बेटे के बारे में पूछते ही फोन पर फफक पड़ीं। बोलीं, कि वह सिर्फ यही चाहती हैं कि परमात्मा किसी तरह उनके लाडले मुकु को ठीक कर दे।

 

थियोसोफिकल सोसाइटी में हुई डॉ मुकुल के स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना

अमेरिका में टैगोरटाउन के चिकित्सक मुकुल चंद्रा के कोरोना की चपेट में आने के बाद उनके स्वस्थ होने के लिए रविवार को थियोसोफिकल सोसाइटी में प्रार्थना की गई। सोसाइटी की अध्यक्ष ज्ञान कुमारी अजीत की मौजूदगी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए प्रार्थना की गई। स्काउट गाइड इंटर कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्य ज्ञानकुमारी ने बताया कि डॉ मुकुल सोसाइटी से जुड़े रहे हैं। वह वर्ष में एक बार लेक्चर देने के लिए सोसाइटी में आते भी रहे हैं। अच्छा बात यह है वह गरीबों, असहायों के मददगार चिकित्सक हैं। जब वो यहां आते थे तो कहते थे कि किसी भी तरह की किसी गरीब को अगर चिकित्सकीय सलाह की जरूरत हो तो बिना किसी संकोच के बताइएगा। वह सबकी सुनने वाले डॉक्टर हैं।
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