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पटाखों की दुकानें व गोदाम बनाने के एनओसी मामले में नए सिरे से निर्णय लें डीएम : हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में पटाखों की पांच दुकानें और पांच गोदाम बनाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने से इन्कार करने के डीएम के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने याची को तीन दुकानें और दो गोदाम बनाने के लिए नए सिरे से प्रत्यावेदन देने की छूट दी है। साथ ही डीएम को 22 अक्तूबर को व्यक्तिगत सुनवाई कर 26 अक्तूबर तक नए सिरे से निर्णय लेने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने अनंत राज फायरवर्क्स की याचिका पर दिया। याची ने पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए एनओसी मांगी थी। डीएम ने 30 मई 2026 को सार्वजनिक सुरक्षा और आबादी के आसपास पटाखों के भंडारण संबंधी आपत्तियों के आधार पर आवेदन खारिज कर दिया था। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याची का कहना था कि अग्निशमन विभाग, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट में अनुकूल संस्तुतियां थीं। सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराने के बावजूद किसी ने आपत्ति नहीं की। इसके अलावा आवेदन खारिज करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया गया।
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कोर्ट ने याची की ओर से दुकानों और गोदामों की संख्या घटाने पर सहमति जताने के बाद डीएम को नए प्रत्यावेदन पर समग्रता से विचार कर निर्धारित समयसीमा में निर्णय लेने का आदेश दिया।
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यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने अनंत राज फायरवर्क्स की याचिका पर दिया। याची ने पटाखों के भंडारण और बिक्री के लिए एनओसी मांगी थी। डीएम ने 30 मई 2026 को सार्वजनिक सुरक्षा और आबादी के आसपास पटाखों के भंडारण संबंधी आपत्तियों के आधार पर आवेदन खारिज कर दिया था। याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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याची का कहना था कि अग्निशमन विभाग, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की रिपोर्ट में अनुकूल संस्तुतियां थीं। सार्वजनिक सूचना प्रकाशित कराने के बावजूद किसी ने आपत्ति नहीं की। इसके अलावा आवेदन खारिज करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया गया।
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कोर्ट ने याची की ओर से दुकानों और गोदामों की संख्या घटाने पर सहमति जताने के बाद डीएम को नए प्रत्यावेदन पर समग्रता से विचार कर निर्धारित समयसीमा में निर्णय लेने का आदेश दिया।