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High Court : गैंगस्टर एक्ट का पालन न करने पर हटाए गए अमरोहा के डीएम, सचिवालय से किया गया संबद्ध
Fri, 27 Sep 2024 05:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 27 Sep 2024 05:47 PM IST
सार
मामला अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने तीनों याचियों के खिलाफ में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके खिलाफ याचियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दलील दी थी कि डीएम ने कार्रवाई करते वक्त न एक्ट का पालन लिया और न ही हाईकोर्ट की ओर से सनी मिश्रा के मामले में देते गए दिशा-निर्देशों का। लिहाजा, याचियों के खिलाफ की गई कार्रवाई अवैधानिक है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते समय उसके प्रावधानों व हाईकोर्ट की ओर से जारी गाइडलाइन का सतर्कता से पालन न करने पर सरकार ने डीएम अमरोहा को पद से हटा दिया है। उनको सचिवालय से संबद्ध कर दिया गया है। यह जानकारी शासकीय अधिवक्ता ने गैंगस्टर कार्रवाई के खिलाफ दाखिल आसिफ, नस, चाहत की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की खंडपीठ को दी।
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मामला अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने तीनों याचियों के खिलाफ में गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके खिलाफ याचियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। दलील दी थी कि डीएम ने कार्रवाई करते वक्त न एक्ट का पालन लिया और न ही हाईकोर्ट की ओर से सनी मिश्रा के मामले में देते गए दिशा-निर्देशों का। लिहाजा, याचियों के खिलाफ की गई कार्रवाई अवैधानिक है। कोर्ट ने अधिकारियों के इस रवैए पर नाराजगी जताई थी। इस पर प्रदेश सरकार की ओर से कार्रवाई का आश्वासन देते हुए समय की मांग की गई थी।
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इसके बाद प्रदेश सरकार ने हलफनामा दाखिल कर कोर्ट को बताया कि जिला अधिकारी राजेश कुमार त्यागी को पद से हटाकर सचिवालय संबद्ध कर दिया गया है। कोर्ट ने तीनों याचियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई को नियम विरुद्ध करार देते हुए रद्द कर दिया। साथ ही अन्य लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कोई अन्य कार्रवाई का फैसला सरकार पर छोड़ दिया है। कहा है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सरकार अपने विवेक से करवाई कर सकती है।
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