लंका विजय पर अयोध्या वापसी की तरह संगम नगरी में आज दिवाली
रामलला के भूमि पूजन का साक्षी बनने के लिए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, जूना अखाड़े के संरक्षक व परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि सहित अखाड़ों के कई पदाधिकारी मंगलवार की सुबह अयोध्या पहुंच गए। इससे पहले संगमनगरी के मठों-मंदिरों और घरों में दीपोत्सव मनन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
साधु-संतों ने संगम से लेकर शहर भर के मंदिरों को दीपों से जगमग करने का निर्णय लिया है। अखाड़ा परिषद के चुनिंदा पदाधिकारी सुबह ही अयोध्या पहुंच गए। इससे पहले संगम स्थित बड़े हनुमान के दरबार में निर्विघ्न भूमि पूजन के लिए पूजा-आरती की गई। पांच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केठों होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को अयोध्या प्रस्थान होने से पहले अखाड़ा परिषद ने देश भर के साधु-संतों और भक्तों से उत्सव मनाने की अपील की है।
परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि पांच अगस्त यानी बुधवार का दिन सनातन संस्कृति के इतिहास में सबसे बड़ी खुशहाली का दिन होगा। हर सनातनधर्मी के लिए इससे बड़ी खुशी का दिन और नहीं हो सकता। उन्होंने संगम व आसपास के मंदिरों के महंतों को तेल-बाती का वितरण किया।
उन्होंने कहा कि यह उत्सव उसी तरह मनाया जाता है, जैसे त्रेता में लंका पर विजय प्राप्त कर भगवान श्रीराम के अयोध्या प्रतीक्षा पर दिवाली मनाई गई थी। अयोध्या पहुंचने वाले संतों में पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक महंत हरी गिरि, जूना अखाड़ा के पंचानंद गिरिराज, आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरि महराज व महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभु नंदगिरि महाराज शामिल हैं। कोट पाँच सौ वर्षों के कठिन संघर्षों के बाद यह शुभ दिन आया है। मेरे साधु-संतों और भक्तों से विनती है कि बुधवार को सभी लोगों को अपने मन से लोग अयोध्या में रहें और मंदिरों -घरों में पूजन, भजन -कीर्तन करें।
न्योता न मिलने से नाराज जूना अखाड़े के दलित महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद गिरिराज भी मंगलवार को अयोध्या पहुंच गए। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व महामंत्री के साथ कन्हैया प्रभु नंद रामलला के भूमि पूजन में शामिल होंगे। जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरी गिरि ने बताया कि कन्हैया प्रभुनंद को लेकर नाराजगी दूर हो गई है। वह भूमि पूजन समारोह में भाग लेंगे। महंत दुर्गादास व ज्ञानदेव ने भी प्रयागराज छोड़ दिया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से भूमि पूजन समारोह का न्योता मिलने के बाद पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाणी के महंत दुर्गा दास व निर्मल पंचायती अखाड़ा के अध्यक्ष महंत ज्ञानदेव सिंह भी अय्य्या छोड़ गए हैं।
दोनों संत भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेंगे। अयोध्या प्रस्थान हो गए। दोनों संत भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेंगे। अयोध्या प्रस्थान हो गए। दोनों संत भूमि पूजन समारोह में हिस्सा लेंगे।