{"_id":"5d3f40dd8ebc3e6cae4ef71c","slug":"district-panchayat-president-postponed-by-post-allahabad-news-ald250812113","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उपचुनाव स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उपचुनाव स्थगित
विज्ञापन
District Panchayat President postponed by post
- फोटो : KAUSHAMBI
कौशाम्बी जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उपचुनाव स्थगित
- मतदान से चंद घंटे पहले राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला
- प्रत्याशी अवधरानी ने विपक्षी पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त का लगाया था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर (कौशाम्बी)। मतदान से चंद घंटे पहले सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उपचुनाव स्थगित कर दिया गया। उप चुनाव में प्रत्याशी अवधरानी पटेल ने विपक्षी उम्मीदवार पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया था। डीईओ/डीएम मनीष वर्मा ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव स्थगित किए जाने के फैसले से अवगत कराया तो सभी अवाक रह गए।
आठ अक्तूबर 2018 को अनामिका सिंह के इस्तीफा देने के बाद से खाली चल रही जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर शासन ने डीएम को बतौर प्रशासक नियुक्त कर रखा है। आठ महीने से रिक्त चल रहे पद पर राज्य निर्वाचन आयोग ने 29 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान की घोषण की तो जिले का सियासी पारा चढ़ गया। उपचुनाव में खुले तौर पर किसी भी राजनीतिक दल द्वारा नहीं कूदने के कारण निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति और वार्ड नंबर 22 की सदस्य अवधरानी पटेल ने नामांकन किया। बाद में सत्ताधारी दल भाजपा के सांसद व तीनों विधायक अवधरानी के समर्थन में आ गए। इसी बीच अवधरानी पटेल के बेटे जगजीत ने विपक्षी उम्मीदवार मधुपति पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाते हुए डीएम व राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की। साक्ष्य के तौर पर वीडियो भी प्रस्तुत किया। डीएम के निर्देश पर मधुपति के पति व पूर्व विधायक वाचस्पति समेत 11 लोगों के खिलाफ पूरामुफ्ती कोतवाली में केस दर्ज कर लिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी ने पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी। इसी के आधार पर आयोग ने रविवार को आधी रात के बाद उपचुनाव स्थगित करने का फरमान जारी कर दिया। सोमवार की सुबह दस बजे डीईओ/डीएम ने आयोग के फैसले को बताया तो सियासत गरमा गई। आननफानन मधुपति के सैकड़ों समर्थक व जिला पंचायत सदस्य कलक्ट्रेट पहुंच गए। मतदान के अंतिम समय तीन बजे तक 18 सदस्य डीएम के चैंबर में डटे रहे। इन सभी ने मधुपति के पक्ष में नोटरी हलफनामा प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
- मतदान से चंद घंटे पहले राज्य निर्वाचन आयोग का फैसला
- प्रत्याशी अवधरानी ने विपक्षी पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त का लगाया था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर (कौशाम्बी)। मतदान से चंद घंटे पहले सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उपचुनाव स्थगित कर दिया गया। उप चुनाव में प्रत्याशी अवधरानी पटेल ने विपक्षी उम्मीदवार पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया था। डीईओ/डीएम मनीष वर्मा ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव स्थगित किए जाने के फैसले से अवगत कराया तो सभी अवाक रह गए।
आठ अक्तूबर 2018 को अनामिका सिंह के इस्तीफा देने के बाद से खाली चल रही जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर शासन ने डीएम को बतौर प्रशासक नियुक्त कर रखा है। आठ महीने से रिक्त चल रहे पद पर राज्य निर्वाचन आयोग ने 29 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान की घोषण की तो जिले का सियासी पारा चढ़ गया। उपचुनाव में खुले तौर पर किसी भी राजनीतिक दल द्वारा नहीं कूदने के कारण निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधुपति और वार्ड नंबर 22 की सदस्य अवधरानी पटेल ने नामांकन किया। बाद में सत्ताधारी दल भाजपा के सांसद व तीनों विधायक अवधरानी के समर्थन में आ गए। इसी बीच अवधरानी पटेल के बेटे जगजीत ने विपक्षी उम्मीदवार मधुपति पर सदस्यों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाते हुए डीएम व राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की। साक्ष्य के तौर पर वीडियो भी प्रस्तुत किया। डीएम के निर्देश पर मधुपति के पति व पूर्व विधायक वाचस्पति समेत 11 लोगों के खिलाफ पूरामुफ्ती कोतवाली में केस दर्ज कर लिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी ने पूरे मामले की रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी। इसी के आधार पर आयोग ने रविवार को आधी रात के बाद उपचुनाव स्थगित करने का फरमान जारी कर दिया। सोमवार की सुबह दस बजे डीईओ/डीएम ने आयोग के फैसले को बताया तो सियासत गरमा गई। आननफानन मधुपति के सैकड़ों समर्थक व जिला पंचायत सदस्य कलक्ट्रेट पहुंच गए। मतदान के अंतिम समय तीन बजे तक 18 सदस्य डीएम के चैंबर में डटे रहे। इन सभी ने मधुपति के पक्ष में नोटरी हलफनामा प्रस्तुत किया।
विज्ञापन