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Research : अपने ही शरीर के बैक्टीरिया से दूर होगी बीमारी, IIIT के वैज्ञानिकों ने की खोज

Sun, 27 Apr 2025 01:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 27 Apr 2025 01:15 PM IST
सार

अब अपने ही शरीर के बैक्टीरिया से बीमारी का इलाज होगा। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के वैज्ञानिक और टीम (शोध छात्रों) ने मिलकर पाचन तंत्र में मौजूद एक पेपटाइड (गुड बैक्टीरिया) ‘केआर रिपीट्स’ को खोजा है, जिससे घाव और आंखों की बीमारी का इलाज किया जा सकेगा।

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Diseases can be cured by bacteria in one's own body, IIIT scientists discovered
बैक्टीरिया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अब अपने ही शरीर के बैक्टीरिया से बीमारी का इलाज होगा। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के वैज्ञानिक और टीम (शोध छात्रों) ने मिलकर पाचन तंत्र में मौजूद एक पेपटाइड (गुड बैक्टीरिया) ‘केआर रिपीट्स’ को खोजा है, जिससे घाव और आंखों की बीमारी का इलाज किया जा सकेगा। केआर रिपीट्स पाचन तंत्र में मौजूद एक रोग प्रतिरोधक बैक्टीरिया है, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। इससे घाव और आंख की कैराटाइटिस बीमारी को ठीक किया जा सकता है।

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बैक्टीरिया को ट्रिपलआईटी इलाहाबाद के अप्लाइड साइंस के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सिंतु कुमार सामंता, शोध छात्र अनन्या अनुराग आनंद, आयुष अमोद, सचिन कुमार गुप्ता, सर्फ्राज अन्वर, रजत कुमार और विदुषी यादव ने मिलकर खोजा है। इस प्रोजेक्ट पर ट्रिपलआईटी के वैज्ञानिक के साथ एनयूएस सिंगापुर, सीडीआरआई लखनऊ और जेएनयू, नई दिल्ली के वैज्ञानिक भी काम कर रहे हैं। बैक्टीरिया को खोजने का कार्य वर्ष 2020 से चल रहा था।
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वर्ष 2024 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ पेप्टाइड रिसर्च एंड थेरेप्यूटिक्स में शोध का जर्नल भी प्रकाशित हो चुका है। प्रोजेक्ट के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश (यूपीसीएसटी) ने दिया 14 लाख रुपये का ग्रांट दिया है।
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ऐसे काम करेगा बैक्टीरिया

यह बैक्टीरिया को जेल के रूप में बदल कर घावों पर लगाया जाएगा। इसके बाद यह बैक्टीरिया घाव और आंखों में मौजूद इंफेक्शन फैलाने वाले जीवाणुओं को इंफेक्शन फैलाने से रोक देगा। इससे घाव और आंख के इंफेक्शन कैराटाइटिस जल्दी ठीक हो जाएंगे।


केआर रिपीट्स आधारित पेपटाइड को बीटा लैक्टम एंटीबायोटिक्स के साथ मिलाकर प्रतिरोधक बैक्टीरिया से लड़ने और कैराटाइटिस जैसे आंखों के संक्रमण और घावों का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाएगा। - डॉ. सिंतु कुमार सामंता, असिस्टेंट प्रोफेसर, अप्लाइड साइंस, ट्रिपलआईटी

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