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मेला प्रशासन की समन्वय बैठक में साधु-संत फिर नाराज, फाफामऊ में महामंडलेश्वर नगर पर असहमति
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Sat, 08 Dec 2018 01:25 AM IST
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प्रयागराज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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सीएम के आगमन से पहले शुक्रवार को अखाड़ा परिषद के साथ मेला प्रशासन की हुई समन्वय बैठक में साधु-संत फिर नाराज हो गए। संतों ने सेक्टर-11 में महामंडलेश्वर नगर बसाने पर असहमति जताई। कहा, फाफामऊ से आकर महामंडलेश्वरों को शाही स्नान में शामिल होने में परेशानी होगी। इसके अलावा कुंभ के तहत खोदी गईं सड़कों को जल्द बनाने, मेला क्षेत्र में बिजली, पानी, प्रसाधन और सफाई की समुचित व्यवस्था करने का संतों ने सुझाव दिया।
दोपहर बाद तीन बजे प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय के गंगोत्री सभागार में हुई समन्वय बैठक में कुंभ के तहत हो रहे विकास कार्यों के चलते शहर में फैली बदइंतजामी का मुद्दा उठा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने महामंडलेश्वर नगर सेक्टर-11 में बसाने के मेला प्रशासन के प्रस्ताव को अनुचित करार दिया। उनका कहना था कि फाफामऊ से महामंडलेश्वर शाही स्नान में हिस्सा लेने के लिए नहीं आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि गंगा इस पार जहां जमीन बची है, वहां प्रमुख महामंडलेश्वरों को बसाया जाए। साथ ही शाही स्नान के लिए पांटून पुल को बढ़ाने के लिए भी कहा। उनका कहना था कि बाघंबरी रोड दो महीने से बंद है। पूरे शहर को खोद कर छोड़ दिया गया है। सड़कें ठीक नहीं हुईं तो स्थिति नारकीय हो जाएगी। पेशवाई मार्गों की साफ-सफाई कराने, लटकते बिजली के तारों को हटाने पर जोर दिया। साथ ही शाही स्नान के वापसी मार्ग को जल्द निर्धारित करने को कहा। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि ने नालियों को ढंकने के साथ ही मेला क्षेत्र के मार्गों का नाम ऋषियों के नाम पर करने का सुझाव दिया। इसके अलावा प्रयागराज की धार्मिक पहचान के लिए त्रिशूल की स्थापना करने की बात कही।
बैठक में कमिश्नर डॉ. आशीष कुमार गोयल ने मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि अखाड़ों की समस्याओं को गंभीरता से लें। बाघंबरी मार्ग को हर हालत में नौ दिसंबर तक दुरुस्त कराएं। इसी समयसीमा में मटियारा रोड, कुंदन गेस्ट हाउस और दारागंज अंडरपास की रोड को भी पूरा कराने का निर्देश दिया। कहा, अखाड़ा परिषद के सुझावों को अमल में लाया जाएगा। मेला क्षेत्र में पेशवाई मार्ग और सड़कों को भी शीघ्र ठीक कराने का आश्वासन दिया। इससे पहले मंडलायुक्त के अलावा आईजी मोहित अग्रवाल, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, एसएसपी कुंभ केपी सिंह ने संतों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार के अलावा मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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हफ्ते भर के भीतर अखाड़ा परिषद के संत शाही स्नान का रिहर्सल करेंगे। इसके लिए परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने अफसरों से शाही स्नान के मार्ग का निर्धारण करने के लिए कहा। आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निर्देशन में जल्द ही शाही स्नान का रूट निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने अखाड़ा परिषद से अनुरोध किया कि किसी नए व्यक्ति को अखाडे़ में प्रवेश दें तो उसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखने की जरूरत है। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो पुलिस को तुरंत बताएं। पुलिस पांच मिनट में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अफसरों, थानों का नंबर और चार्ट दिया जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर साधु-संत संपर्क कर सकें।
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दोपहर बाद तीन बजे प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय के गंगोत्री सभागार में हुई समन्वय बैठक में कुंभ के तहत हो रहे विकास कार्यों के चलते शहर में फैली बदइंतजामी का मुद्दा उठा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने महामंडलेश्वर नगर सेक्टर-11 में बसाने के मेला प्रशासन के प्रस्ताव को अनुचित करार दिया। उनका कहना था कि फाफामऊ से महामंडलेश्वर शाही स्नान में हिस्सा लेने के लिए नहीं आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि गंगा इस पार जहां जमीन बची है, वहां प्रमुख महामंडलेश्वरों को बसाया जाए। साथ ही शाही स्नान के लिए पांटून पुल को बढ़ाने के लिए भी कहा। उनका कहना था कि बाघंबरी रोड दो महीने से बंद है। पूरे शहर को खोद कर छोड़ दिया गया है। सड़कें ठीक नहीं हुईं तो स्थिति नारकीय हो जाएगी। पेशवाई मार्गों की साफ-सफाई कराने, लटकते बिजली के तारों को हटाने पर जोर दिया। साथ ही शाही स्नान के वापसी मार्ग को जल्द निर्धारित करने को कहा। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि ने नालियों को ढंकने के साथ ही मेला क्षेत्र के मार्गों का नाम ऋषियों के नाम पर करने का सुझाव दिया। इसके अलावा प्रयागराज की धार्मिक पहचान के लिए त्रिशूल की स्थापना करने की बात कही।
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बैठक में कमिश्नर डॉ. आशीष कुमार गोयल ने मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया कि अखाड़ों की समस्याओं को गंभीरता से लें। बाघंबरी मार्ग को हर हालत में नौ दिसंबर तक दुरुस्त कराएं। इसी समयसीमा में मटियारा रोड, कुंदन गेस्ट हाउस और दारागंज अंडरपास की रोड को भी पूरा कराने का निर्देश दिया। कहा, अखाड़ा परिषद के सुझावों को अमल में लाया जाएगा। मेला क्षेत्र में पेशवाई मार्ग और सड़कों को भी शीघ्र ठीक कराने का आश्वासन दिया। इससे पहले मंडलायुक्त के अलावा आईजी मोहित अग्रवाल, कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद, एसएसपी कुंभ केपी सिंह ने संतों को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर नगर आयुक्त डॉ. उज्ज्वल कुमार के अलावा मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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हफ्ते भर के भीतर अखाड़ा परिषद के संत शाही स्नान का रिहर्सल करेंगे। इसके लिए परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने अफसरों से शाही स्नान के मार्ग का निर्धारण करने के लिए कहा। आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निर्देशन में जल्द ही शाही स्नान का रूट निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने अखाड़ा परिषद से अनुरोध किया कि किसी नए व्यक्ति को अखाडे़ में प्रवेश दें तो उसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखने की जरूरत है। यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो पुलिस को तुरंत बताएं। पुलिस पांच मिनट में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अफसरों, थानों का नंबर और चार्ट दिया जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर साधु-संत संपर्क कर सकें।