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चमकी किस्मत: ट्रेन में सात साल से भीख मांग रहा था सैनिक का दिव्यांग बेटा,अफसर ने साक्ष्य जुटाकर बना दिया लखपति
Fri, 28 Mar 2025 01:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 28 Mar 2025 01:50 PM IST
सार
किस्मत कब किसकी चमक जाए,कोई नहीं जान सकता। कुछ ऐसा ही हुआ जन्म से दिव्यांग कमलेश चौबे के साथ । सैनिक का दिव्यांग बेटा सात साल से ट्रेन में भीख मांग रहा था। लेकिन, रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) के वेलफेयर से उसकी भेंट हुई तो एक वर्ष में ही उसकी तकरीर बदल गई।
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- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
किस्मत कब किसकी चमक जाए,कोई नहीं जान सकता। कुछ ऐसा ही हुआ जन्म से दिव्यांग कमलेश चौबे के साथ । सैनिक का दिव्यांग बेटा सात साल से ट्रेन में भीख मांग रहा था। लेकिन, रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) के वेलफेयर से उसकी भेंट हुई तो एक वर्ष में ही उसकी तकरीर बदल गई। बृहस्पतिवार को रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) कार्यालय में अधिकारियों ने उसका सम्मान किया और इस पुनीत कार्य के लिए वेलफेयर की सराहना की।
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बिहार बक्सर के ठेढुआ निवासी कमलेश चौबे की कहानी बेहद मार्मिक हैं। पिता दीनानाथ चौबे सेना में नायक पद से 1989 में सेवानिवृत्त होने के बाद 1990 में डीएससी में भर्ती हो गए। वहां से वह वर्ष 2000 में सेवानिवृत्त हुए। उनके दो पुत्र हैं। बड़े बेटे कमलेश जन्म से ही दिव्यांग हैं। कमलेश की शादी उन्होंने वर्ष 2006 में कर दी। वर्ष 2009 में कमलेश की मां तारा मुनि का निधन हो गया। इसके बाद कमलेश के पिता दीनानाथ चौबे का निधन वर्ष 2014 में हो गया। पिता के निधन के बाद छोटे भाई ने खर्च देना बंद कर दिया।
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इसके बाद कमलेश भीख मांग कर गुजारा करने लगे। उन्हें नहीं पता था कि पिता की पेंशन कहां से उन्हें मिलेगी। पैसे थे नहीं इसलिए दाल , रोटी के लिए ट्रेन में बक्सर से पटना तक भीख मांग कर गुजारा करते थे। वर्ष 2023 में उनकी मुलाकात ट्रेन में रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) के वेलफेयर मनोज कुमार सिंह से हो गई। उन्हें पता लगा कि देश की शान के लिए लड़ने वाले सैनिक का बेटा ट्रेन में भीख मांग रहा है, तो उन्होंने विस्तार से जानकारी कर साक्ष्य जुटाया।
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काफी मशक्कत के बाद कमलेश की पेंशन मंजूर कराई। इसके बाद अगस्त 2024 में कमलेश को 15 लाख प्राप्त हुए और 21 हजार प्रतिमाह पेंशन मिलने लगी है। अब कमलेश के जीवन में उजाला आ गया है। इस मौके पर रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन) के अतिरिक्त महानिदेशक एएन दास, ज्वाइंट सीजीडीए मालीसेन गुप्ता , संदीप सरकार रूपवंत सोनी, आशीष यादव, अखिलेश गर्ग, दीपक कुमार आदि मौजूद थे।