Prayagraj : सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, बच गई साइबर ठगी
सिविल लाइंस निवासी सेवानिवृत्त महिला शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट कर दो करोड़ रुपये की ठगी का प्रयास किया गया। ठगों ने शिक्षिका को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देकर तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट पर रखा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिविल लाइंस निवासी सेवानिवृत्त महिला शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट कर दो करोड़ रुपये की ठगी का प्रयास किया गया। ठगों ने शिक्षिका को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देकर तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट पर रखा। मंगलवार को पीएनबी में 1.20 करोड़ की एफडी तोड़कर दूसरे खाते में ट्रांसफर कराने पहुंची तो पीएनबी मैनेजर व कर्मचारियों ने संदेह से साइबर ठगी से बच गईं।
सिविल लाइन निवासी 65 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका घर पर अकेले ही रहती हैं। उनके दो बेटे बाहर रहकर नौकरी करते हैं। जबकि पति का निधन हो चुका है। शिक्षिका के पास 26 दिसंबर को अनजान नंबर से फोन आया। शातिरों ने महिला को उनके आधारकार्ड पर फर्जी बैंक खाते से करोड़ रुपये लेनदेन होने की जानकारी दी। इसके बाद मनी लॉड्रिंग के मामले में ईडी और सुप्रीम कोर्ट का डर दिखाया।
तत्काल गिरफ्तारी से बचने के लिए तीन दिन तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा। मंगलवार को पीएनबी शाखा सिविल लाइंस पहुंची और अपनी 1.20 करोड़ की एफडी को तोड़कर दूसरे बैंक खाते से भेजने लगी। इस पर शाखा प्रबंधक विपिन कुमार समेत कर्मियों ने महिला शिक्षिका की घबराहट देख आशंका व्यक्त की। पूछताछ करने पर महिला सही से जवाब नहीं दे सकी। सूचना पर पहुंची साइबर पुलिस की टीम ने महिला से काउंसलिंग की तो डिजिटल अरेस्ट होने का खुलासा हुआ।
सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर ठगने का था प्रयास
पुलिस जांच में पता चला कि महिला को साइबर ठगाें ने सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर ठगी करने का प्रयास किया था। पुलिस और बैंक कर्मियों ने जिस बैंक खाते में रुपये भेजना था, उसकी भी जांच की गई तो पता चला कि ठगों ने 25 अक्तूबर को नया बैंक खाता खोला है। वहीं, शाखा प्रबंधक विपिन कुमार कहना कि महिला शिक्षिका का खाता वर्तमान में फ्रीज कर दिया गया है। ताकि किसी तरह से रुपये न निकाल सके।
ठगी से ऐसे बचें
- कभी पुलिस डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है, अगर कोई वारंट होगा तो पुलिस घर आएगी।
- अंजान नंबर से बिलकुल भरोसा न करें, अगर कोई आपको डराए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- अंजान नंबर से आए वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी पहने कोई कॉल करें तो तुरंत फोन काट दें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्प लाइन नंबर 1930 या फिर cybercrime.in पर सूचना देंं।
सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर शातिराें ने महिला को डिजिटल अरेस्ट किया था। हालांकि, बैंक कर्मियों व साइबर पुलिस की सतर्कता से उन्हें बचा लिया गया है। - राजकुमार मीना, एसीपी, साइबर क्राइम।