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देवी के दरबार में बाजे ढोल, नगाड़ा

Sun, 02 Apr 2017 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 02 Apr 2017 02:10 AM IST
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Dhol, Nagada in the court of Goddess
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
नवरात्र के चौथे दिन शनिवार को शहर के शक्तिपीठों सहित प्रमुख मंदिरों में ध्वजा, निशान चढ़ाने को भीड़ उमड़ी। देवी का स्कंदमाता स्वरूप में शृंगार और पूजन किया गया। मंदिर जगमगाए और दुर्गासप्तशती के मंत्रों से गूंजते रहे। शक्तिपीठ अलोपशंकरी में ध्वजा निशान चढ़ाने ग्रामीण क्षेत्र से आने वालों की भारी भीड़ जुटी।
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मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में इलेक्ट्रानिक ढोल संग मजीरे, नगाड़े, शंख आदि की मंगलध्वनि के बीच देवी की महामंगल आरती उतारी गई। शृंगार दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का आना लगा रहा। अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा के मुताबिक रविवार को ललिता देवी का कात्यायनी स्वरूप में शृंगार किया जाएगा। चौक गंगादास स्थित शक्ति स्वरूपा खेमामाई मंदिर में देवी के नवदुर्गा स्वरूप का फूलों और रत्नजड़ित आभूषणों से मनोहारी शृंगार किया गया। मंदिर के गर्भगृह और परिसर की सजावट पुजारिन कंचन मालवीय की देखरेख में की गई। भजनों और जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। इसी क्रम में रोडवेज के सामने स्थित सिद्धेश्वरी गुप्त महापीठ, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर की देवी दुर्गा, हाईकोर्ट पानी टंकी स्थित अष्टभुजी देवी, समिया माई, मुट्ठीगंज कालीबाड़ी, कर्नलगंज कालीबाड़ी, कटरा कालीथान  सहित देवी के अनेक मंदिरों में दर्शन, पूजन, पाठ और अन्य अनुष्ठान हुए।
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शक्तिपीठ अलोपशंकरी देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ी। देवी का दर्शन पाकर भक्त निहाल हुए। भक्तों के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। बच्चों के मुंडन-छेदन कराने आए परिवारों ने देवी का भोग प्रसाद परिसर में तैयार किया। निशान चढ़ाने के लिए आसपास के जिलों से बड़ी संख्या श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत यमुना पुरी की देखरेख में भोर से आरंभ हुआ पूजन-अर्चन का क्रम देर रात तक होता रहा। आंध्र प्रदेश से आए आचार्यों द्वारा शतचंडी यज्ञ हुआ। पुरोहितों द्वारा मंदिर परिसर में दुर्गा सप्तशती का पाठ किया गया। प्रधान पुजारी शिवानंद पुरी की देखरेख में महाआरती हुई।  
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सिविल लाइंस रोडवेज के सामने स्थित सिद्धेश्वरी गुप्तपीठ में विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। पीठाधीश्वर आचार्य कुशमुनि के निर्देशन में मंदिर के दीक्षित साधकों ने देश की खुशहाली के लिए हवन किया। आचार्य कुशमुनि ने कहा कि देश की अखंडता, खुशहाली एवं विश्व शांति की कामना से हवन नवमी तक किया जाएगा। पूर्णाहुति रामनवमी को होगी। व्यवस्थापक पूनम ने व्यवस्था संभाली।

कल्याणी देवी मंदिर में शृंगार दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। देवी का स्वर्ण, चांदी के आभूषणों और बहुरंगी फूलों से मनोहारी शृंगार देख लोग चकित होते रहे। मंदिर परिसर में मुंडन छेदन कराने के लिए तांता लगा रहा। अध्यक्ष सुशील पाठक ने देवी कल्याणी की महिमा बताई। व्यवस्थापक श्याम जी पाठक सहित मंदिर समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी व्यवस्था में जुटे।


अतरसुइया स्थित सिद्धपीठ शनिधाम में शनिवासरीय पंचमी पर शनि, शक्ति की उपासना की गई। पीठाधीश्वर पराग जी की देखरेख में जलाभिषेक, तैलाभिषेक, अष्टभुजी के पंचामृत स्नान के बाद दीपदान हुआ। शाम को माता मनसा, गायत्री और शनिदेव का फूलों से शृंगार किया गया। रात में अनेक दीपों से महाआरती उतारी गई। कार्यक्रम में धर्मेंद्र कुशवाहा, प्रदीप कनौजिया, शिवम सेठ, प्रवीण मल्होत्रा, शीबू विश्वास, मिनी सेठ, भगवती, साक्षी, प्रियंका सहित शनि परिवार सेवा समिति के सदस्य मौजूद थे।
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