रंगभरी एकादशी : संगमनगरी में नगर देवता भगवान वेणी माधव संग भक्तों ने खेली अनूठी होली
रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को भक्त और भगवान के प्रेम का रंग खूब गाढ़ा हुआ। नगर देवता के साथ संगमनगरी के लोगों ने अनूठी होली खेली। नगर देवता भगवान वेणी माधव के साथ भक्त फूलों की होली देर रात तक खेलते रहे। इसी के साथ पांच दिवसीय रंगोत्सव की भी शुरुआत हो गई।
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रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को भक्त और भगवान के प्रेम का रंग खूब गाढ़ा हुआ। नगर देवता के साथ संगमनगरी के लोगों ने अनूठी होली खेली। नगर देवता भगवान वेणी माधव के साथ भक्त फूलों की होली देर रात तक खेलते रहे। इसी के साथ पांच दिवसीय रंगोत्सव की भी शुरुआत हो गई। द्वादश माधव में प्रथम भगवान वेणी माधव के दरबार में शुक्रवार को मंगला आरती के बाद मंत्रोच्चार के साथ विश्व शांति और लोक कल्याण के लिए आराधना की गई। इसके बाद फाल्गुन शुक्लपक्ष की एकादशी यानी रंगभरी एकादशी पर भगवान के दरबार में रंग अर्पित किया गया।
दोपहर भोग के बाद मंदिर परिसर को भव्यता के साथ रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया। शाम 7:30 बजे फाग और होरी गीतों पर भक्त भगवान के दरबार में झूमने लगे। वेणी माधव मंदिर में शहर के लोग होली गाकर मुग्ध हो रहे थे। इसके दौरान महाआरती हुई और फिर रात आठ बजे से सविधि पूजन के बाद मंत्रोच्चार के साथ भगवान वेणी माधव पर पुष्पवर्षा के साथ फूलों की होली आरंभ हो गई। इस दौरान गेंदा, गुलाब, टेसू के फूलों से भक्तों ने भगवान के साथ होली खेली। अबीर-गुलाल की भी बौछार होती रही।
वेणी माधव मंदिर प्रबंधन ने 10 कुंतल फूलों से खेली रंगपंचमी पर होली
इस बार भगवान वेणी माधव के दरबार में 10 कुंतल फूलों से होली खेली गई। इसके लिए शहर और आसपास के इलाकों के मालियों को फूलों के आर्डर दिए गए थे। गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा, मोहरा, चांदनी, टेसू के फूलों से भगवान का दरबार पट गया था।
खाटू श्याम महोत्सव में उमड़ी भक्तों की भीड़
राधेश्याम सेवा ट्रस्ट की ओर से आयोजित रंगभरी एकादशी को भक्तों ने धूमधाम से मनाया। भक्तों ने मारवाड़ी धर्मशाला से नगर भ्रमण यात्रा निकाली। यह यात्रा रामबाग स्थित खाटू श्याम मंदिर में पहुंचकर समाप्त हुई। जिसमें बड़े पैमाने पर भक्तों की संख्या मौजूद रही। श्रद्घालुओं की यात्रा में गुलाल, फूल और इत्र की वर्षा की गई।
यात्रा के अवसर पर खाटू श्याम के नवनिर्मित रजत सिंहासन का लोकार्पण किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्घालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद शाम को भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें बरेली के राम-श्याम ने बाबा तेरी फुल कृपा है, वृतिका बंकु की ओर मस्त मलंग फागुन आयो रे, रोमा निषाद ने चल बाबा के धाम वो झोली भर देंगे, भजनों की प्रस्तुति की गई। इन भजनों की धुन पर भक्त भावविभोर हो गए। भक्तों ने भी भजनों की धुन गुनगुनाई। भजन संध्या के बाद श्याम रसोई में छप्पन भोग और माखन मिश्री भोग प्रसाद का वितरण किया। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर खाटू श्याम के जयकारे लगाए।