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सुरक्षा होती तो बच सकती थी दरवेश की जान: हरिशंकर सिंह
Fri, 14 Jun 2019 01:56 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 14 Jun 2019 01:56 AM IST
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DARVESH
- फोटो : प्रयागराज
बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव की आगरा में हत्या के बाद कौंसिल के पदाधिकारियों और सदस्यों की सुरक्षा सहित अधिवक्ता सुरक्षा का मामला फिर गरमा गया है। बृहस्पतिवार को बार कौंसिल के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह (दरवेश यादव के साथ संयुक्त रूप से अध्यक्ष पद का चुनाव जीते थे) ने सुरक्षा का मामला उठाया। पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष ने कहा कि बार कौंसिल के चेयरमैन का पद प्रदेश स्तर के महत्व का पद है, मगर अध्यक्ष और सदस्यों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।
हरिशंकर सिंह का कहना था कि जहां सरकार जिला पंचायत प्रमुखों और ब्लाक प्रमुखों तक को सुरक्षा उपलब्ध करा रही है, वहीं प्रदेश स्तर की इस संस्था के अध्यक्ष और सदस्यों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। कौंसिल का चुनाव प्रदेश स्तर का होता है। न्याय व्यवस्था का इतना महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद शासन ने इनका कोई प्रोटोकॉल निर्धारित नहीं किया है। उन्होंने सदस्यों को गनर मुहैया कराने और वकीलों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
हरिशंकर सिंह का कहना है कि दिवंगत पूर्व अध्यक्ष दरवेश के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा सरकार तत्काल दे। इसके अलावा जिला न्यायालयों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाए। न्यायालय परिसर में असलहा लेकर प्रवेश करने पर पूर्णतय: प्रतिबंध लगाया जाए। इससे पूर्व बार कौंसिल में एक शोक सभा का आयोजन कर दरवेश की हत्या पर शोक जताया गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। शोकसभा में कौंसिल के सदस्य बीके श्रीवास्तव, इमरान माबूद खां और अमरेंद्र नाथ सिंह के अलावा कौंसिल के कर्मचारी और अन्य नेता उपस्थित थे।
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बार कौंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की मृत्यु पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शोक श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर भोजनावकाश के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। शोक सभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि सुरक्षाकर्मियों के अलावा न्यायालय परिसर में अस्त्र-शस्त्र लेकर जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए। दरवेश के परिवार को पद के अनुरूप अधिकतम मुआवजा राशि दिए जाने की भी मांग की गई है।
बार एसोसिएशन की शोक सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र गांधी और संचालन महासचिव जितेंद्र बहादुर सिंह ने किया। भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी प्रांत के संयोजक देवेंद्र नाथ मिश्र और सह मीडिया प्रभारी मृत्युंजय तिवारी, सहायक सॉलिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश ने न्यायालय परिसर में हुई हत्या की निंदा की।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्रीकांत केशरवानी, संयुक्त सचिव नीलम शुक्ला, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्र, अनिल पाठक, काशीनाथ सिंह, रचना दुबे, डीएन मिश्र, उदय शंकर तिवारी आदि सभा में मौजूद थे। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बार कौंसिल ऑफ इंडिया सहित अन्य अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष और सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता बीके सिंह ने सदस्यों की सुरक्षा का इंतजाम करने और न्यायालय परिसरों में असलहों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की है। उन्होंने न्यायालय परिसर में चिकित्सक की व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
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हरिशंकर सिंह का कहना था कि जहां सरकार जिला पंचायत प्रमुखों और ब्लाक प्रमुखों तक को सुरक्षा उपलब्ध करा रही है, वहीं प्रदेश स्तर की इस संस्था के अध्यक्ष और सदस्यों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। कौंसिल का चुनाव प्रदेश स्तर का होता है। न्याय व्यवस्था का इतना महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद शासन ने इनका कोई प्रोटोकॉल निर्धारित नहीं किया है। उन्होंने सदस्यों को गनर मुहैया कराने और वकीलों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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हरिशंकर सिंह का कहना है कि दिवंगत पूर्व अध्यक्ष दरवेश के परिजनों को कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा सरकार तत्काल दे। इसके अलावा जिला न्यायालयों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जाए। न्यायालय परिसर में असलहा लेकर प्रवेश करने पर पूर्णतय: प्रतिबंध लगाया जाए। इससे पूर्व बार कौंसिल में एक शोक सभा का आयोजन कर दरवेश की हत्या पर शोक जताया गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। शोकसभा में कौंसिल के सदस्य बीके श्रीवास्तव, इमरान माबूद खां और अमरेंद्र नाथ सिंह के अलावा कौंसिल के कर्मचारी और अन्य नेता उपस्थित थे।
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बार कौंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की मृत्यु पर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने शोक श्रद्धांजलि अर्पित की। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर भोजनावकाश के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। शोक सभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि सुरक्षाकर्मियों के अलावा न्यायालय परिसर में अस्त्र-शस्त्र लेकर जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए। दरवेश के परिवार को पद के अनुरूप अधिकतम मुआवजा राशि दिए जाने की भी मांग की गई है।
बार एसोसिएशन की शोक सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र गांधी और संचालन महासचिव जितेंद्र बहादुर सिंह ने किया। भाजपा विधि प्रकोष्ठ काशी प्रांत के संयोजक देवेंद्र नाथ मिश्र और सह मीडिया प्रभारी मृत्युंजय तिवारी, सहायक सॉलिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश ने न्यायालय परिसर में हुई हत्या की निंदा की।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्रीकांत केशरवानी, संयुक्त सचिव नीलम शुक्ला, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्र, अनिल पाठक, काशीनाथ सिंह, रचना दुबे, डीएन मिश्र, उदय शंकर तिवारी आदि सभा में मौजूद थे। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बार कौंसिल ऑफ इंडिया सहित अन्य अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष और सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता बीके सिंह ने सदस्यों की सुरक्षा का इंतजाम करने और न्यायालय परिसरों में असलहों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की है। उन्होंने न्यायालय परिसर में चिकित्सक की व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की है।