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UP: पूर्व जिला पंचायत सदस्य का कत्ल...इसलिए कूंचा चेहरा, लाश ठिकाने लगाने को 50 हजार में डील; विजय ने खोला राज

Sun, 31 Aug 2025 12:33 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 31 Aug 2025 12:33 PM IST
सार

प्रयागराज में पूर्व जिला पंचायत सदस्य का शव ठिकाने लगाने के लिए 50 हजार में डील हुई थी। पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य को फाफामऊ में एकांत जगह गाड़ी रोककर आरोपी रामसिंह ने शराब पिलाई थी। इसके बाद खाना खिलाया और मार डाला।

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deal was struck for Rs 50,000 to dispose of body of a former district panchayat member one more arrested
prayagraj murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज के कौड़िहार के पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर यादव की हत्या मामले में पुलिस ने धूमनगंज के नींवा निवासी फरार आरोपी विजय पासी (24) को लालगोपालगंज स्थित निंदूरा मोड़ के पास से शनिवार को गिरफ्तार किया। 
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शव को ठिकाने लगाने के लिए 50 हजार रुपये में डील हुई थी। मामले में अब तक पुलिस तीन लोगों को गिरफ्तार चुकी है। जबकि उदय यादव और सुजीत श्रीवास्तव अब भी फरार हैं।
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पूछताछ में आरोपी विजय ने बताया कि उसकी दोस्ती जय सिंह यादव व रवि पासी से है। वह एक ही मोहल्ले में रहते हैं। एक दिन उदय ने रवि पासी के माध्यम से संपर्क किया। कहा कि रणधीर के शव को ठिकाना लगाना है और इसके लिए 50 हजार रुपये देगा। 
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तय योजना के मुताबिक, हत्या के बाद जय, रवि, उदय व उसके भाई विजय यादव, रामसिंह के कहने पर उसने गाड़ी से शव को ले जाकर बम्हरौली में रेल पटरी पर रखा। हत्या को हादसा दिखाने के लिए इससे पहले पत्थर से चेहरा भी कूंच दिया। 
 

यही वजह रही कि पूरामुफ्ती थाना पुलिस ने अज्ञात शव को बरामद किया गया तो उसकी पहचान नहीं हो पाई। आरोपी रामसिंह की निशानदेही पर कपड़े से रणधीर के शव की पहचान की गई।

 

ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पूछताछ में पता चला कि 22 अगस्त की रात योजनाबद्ध तरीके से रणधीर को उनकी स्कार्पियो गाडी के साथ रामसिंह ने बुलाकर शराब पिलाता रहा। बाद में एक होटल से खाना भी मंगाया। उसके बाद उसे लेकर वह लोग फाफामऊ की तरफ गए और एकांत जगह गाड़ी रोककर रामसिंह व रणधीर यादव ने फिर शराब पी। 

चालाकी से रामसिंह ने रणधीर को ज्यादा शराब पिला दी। उसके नशे में धुत होने पर रामसिंह स्कार्पियो चलाने लगा। आगे बढ़ने पर उदय यादव, विजय यादव, उनका नौकर सुजीत श्रीवास्तव, जय यादव व रवि पासी मिले और सभी को गाडी में बिठा लिया।

 

गाड़ी से शव उतारकर कंधा लगाकर ले गए आरोपी
पुलिस जांच में पता चला कि गाड़ी में सभी ने मिलकर रणधीर का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद योजना के मुताबिक रणधीर के शव की पहचान छिपाने के लिए शव को उसी स्कार्पियो से बम्हरौली रेलवे ट्रैक के पास ले गए। यहां पर रवि पासी मिला। 
 

सभी लोग उनको साथ लेकर बम्हरौली रेलवे स्टेशन आउटर सिग्नल के आगे सूबेदारगंज के तरफ जाने वाले रेल लाइन के करीब स्कार्पियो रोककर रणधीर यादव के शव को सभी लोग कंधा लगाकर ले गए, ताकि किसी को शक न हो।

 

ट्रैक पर फेंकने से पहले चेहरे को पत्थर से कूंचा
शव को रेलवे ट्रैक पर रख कर सभी ने रणधीर के चेहरे को पत्थर से कूंच दिया ताकि कोई उसकी पहचान न कर सके। आस-पास छिपकर आने वाली ट्रेनों का इंतजार करने लगे। जब एक ट्रेन गुजरी तो देखा कि रणधीर का शव क्षत विक्षत हो चुका था। 
 

इसके बाद राम सिंह व उदय यादव, रणधीर की स्कार्पियो से जबकि विजय यादव व सुजीत श्रीवास्तव अपाचे बाइक से चित्रकूट गए और वहीं पर स्कॉपियो छोड़कर भाग निकले। उधर रवि पासी व जय सिंह यादव अपने अपने घर लौट आए।
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