फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Cyber Crime: Rs 7 lakh stolen from constable's account by downloading Anydesk

Cyber Crime : एनीडेस्क डाउनलोड कराके सिपाही के खाते से सात लाख रुपये उड़ाए

Sat, 31 Dec 2022 11:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 31 Dec 2022 11:10 PM IST
सार

मूल रूप से बक्सर बिहार के रहने वाले अरविंद कुमार आईटीबीपी में सिपाही हैं। यहां पर 18वीं वाहिनी बम्हरौली में तैनात हैं। अरविंद ने एक आनलाइन साइट पर फ्रिज बुक कराने के लिए पूछताछ की। इसके बाद एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया, बताया कि वह कंपनी का प्रतिनिधि है।

विज्ञापन
Cyber Crime: Rs 7 lakh stolen from constable's account by downloading Anydesk
Cyber attack - फोटो : iStock

विस्तार

साइबर ठगों ने आईटीबीपी के सिपाही के मोबाइल पर एनीडेस्क डाउनलोड कराके खाते से सात लाख रुपये उड़ा दिए। सिपाही ने एक ऑनलाइन साइट पर फ्रिज बुक कराने के लिए पूछताछ की थी। इसी तरह दरभंगा कालोनी के सत्यदयाल के मोबाइल पर भी एनीडेस्क डाउनलोड कराके 48 हजार उड़ा दिए गए। एक अन्य घटना में गयासुद्दीनपुर के संदीप के खाते से कई बार में एक लाख रुपये उड़ा दिए गए। 

विज्ञापन


मूल रूप से बक्सर बिहार के रहने वाले अरविंद कुमार आईटीबीपी में सिपाही हैं। यहां पर 18वीं वाहिनी बम्हरौली में तैनात हैं। अरविंद ने एक आनलाइन साइट पर फ्रिज बुक कराने के लिए पूछताछ की। इसके बाद एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया, बताया कि वह कंपनी का प्रतिनिधि है। साल के अंत में भारी छूट मिल रही है। उसने अरविंद के मोबाइल पर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराके खाते संबंधित पूरी जानकारी ले ली।

विज्ञापन

उनके खाते से सात लाख 11 हजार नौ सौ 50 रुपये कट गए। अरविंद के मोबाइल पर जब मैसेज आया तो उन्हें पता चला। धूमनगंज थाने में 27 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसी तरह दरभंगा कालोनी के सत्य दयाल सिंह ने अमेजन से कोई सामान मंगवाया था। सामान गड़बड़ निकलने पर उन्होंने कंपनी के कस्टमर केयर पर फोन कर वापसी की गुजारिश की। कुछ देर बाद एक व्यक्ति आया। उसने खुद को अमेजन का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि तुरंत पैसा वापस हो जाएगा। उसने एनीडेस्क डाउनलोड कराया। फिर खाते से 48 हजार 132 रुपये गायब कर दिए। 28 दिसंबर को जार्जटाउन में रिपोर्ट लिखाई गई। 

धूमनगंज के गयासुद्दीनपुर के रहने वाले अरविंद कुमार के मोबाइल पर कुछ समय पहले फोन आया। खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर जालसाज ने जानकारी ली और कई बार में एक लाख रुपये का ट्रांजैक्शन कर दिया। 

पेटीएम और गूगल पे से एक लाख निकाले 
प्रयागराज। साइबर जालसाजों ने बाघंबरी स्कीम अल्लापुर की रहने वाली किरन सिंह के खाते से 55 हजार 390 रुपये निकाल लिए। किरन का कहना है कि साइबर ठगों ने पेटीएम हैक कर रुपये निकाले। उन्होंने खुद कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया। मालवीय रोड जार्जटाउन की रहने वाली डिंपल गौतम के गूगल पे एकाउंट से जालसाजों ने 50 हजार उड़ा दिए। दोनों घटनाओं की रिपोर्ट 29 दिसंबर को जार्जटाउन थाने में लिखाई गई। 

बिजली काटने की धमकी देकर 85 हजार उड़ाए 
बाघंबरी गद्दी अल्लापुर के रहने वाले बीएस कुशवाहा के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि बिजली का बिल नहीं जमा है। रात में बिजली काट दी जाएगी। उसने कहा कि भेजे गए लिंक को क्लिक करें। बीएस कुशवाहा ने जैसे ही लिंक क्लिक किया, खाते से तीन बार में 85 हजार कट गए। जार्जटाउन थाने में 29 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 

विज्ञापन

साइबर कैफे खुलवाने में सरकारी मदद के नाम पर 90 हजार उड़ाए
गोविंदपुर शिवकुटी के रहने वाले छात्र दिग्विजय सिंह के खाते से 90 हजार साइबर ठगों ने उड़ा दिए। दिग्विजय ने इंटरनेट पर सरकारी मदद की सहायता से साइबर कैफे खोलने के लिए छानबीन की थी। इसके बाद एक व्यक्ति ने मेल कर डेढ़ लाख की मदद दिलाने की बात कही। फिर रजिस्ट्रेशन तथा अन्य चीजों के नाम पर 90 हजार रुपये ले लिए। बताया कि उसके खाते में डेढ़ लाख आ जाएंगे। जब खाते में रुपये नहीं आए तो शिवकुटी थाने में 28 दिसंबर को रिपोर्ट लिखाई गई। 

बैंक कर्मचारी बताकर खाते से 18 हजार निकाले 
छोटा बघाड़ा के रहने वाले विवेक कुमार के मोबाइल पर किसी ने बैंक कर्मचारी बनकर फोन किया। खाते की डीटेल्स लेकर 18 हजार उड़ा दिए। कर्नलगंज थाने में 29 दिसंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 

मेल पर टू स्टेप सिक्योरिटी एक्टिव करें 
साइबर थाना प्रभारी राजीव तिवारी ने बताया कि साइबर ठगी की जितनी भी घटनाएं होती हैं, उनमें से अधिकांश ईमेल हैकिंग के द्वारा होती हैं। इसी कारण सभी अपने मेल पर टू स्टेप सिक्योरिटी को एक्टिव कर लेना चाहिए। अगर हैकर को यूजर नेम और पासवर्ड का पता भी चल जाए तो भी वह खाते से रुपये नहीं निकाल सकता। हैकर अगर दूसरे मोबाइल से यूजरनेम और पासवर्ड डालेगा तो आपके मोबाइल पर मैसेज आएगा कि किसी ने दूसरी जगह से लॉगिन किया है। जब तक आपके मोबाइल से पेमेंट के लिए हरी झंडी नहीं दी जाएगी, कोई ट्रांजैक्शन नहीं होगा। कोई भी साइट बिना मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस के नहीं चल सकती। इसी कारण टू स्टेप सिक्योरिटी से काफी हद तक फ्राड से बचा जा सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed