Cyber Crime : पहले 25 रुपये ट्रांजेक्शन कराए फिर बैंक खाते से उड़ाए नौ लाख रुपये
फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर साइबर जालसाज ने कोरांव के ग्राम चिराव निवासी शिक्षिका शोखी गौतम से नौ लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
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फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर साइबर जालसाज ने कोरांव के ग्राम चिराव निवासी शिक्षिका शोखी गौतम से नौ लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी ने सर्विस चार्ज के नाम पर पहले 25 रुपये जमा करने के लिए कहा था।
शोखी जसरा गौहनिया स्थित स्कूल में सहायक अध्यापक हैं। वह नैनी के गंगोत्री नगर में किराये पर रहती हैं। पीड़िता के मुताबिक, 21 मई को उन्होंने गूगल पर सर्च कर उषा कंपनी के पंखे के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया। बातचीत के दौरान आरोपी कस्टमर केयर कर्मी ने व्हाट्सएप नंबर लिया और दूसरे नंबर से संपर्क कर कुछ फार्म भरवाए।
इसके बाद सर्विस चार्ज के नाम पर 25 रुपये जमा करने के लिए कहा। शोखी ने पहले पेटीएम से भुगतान करने की कोशिश की लेकिन असफल रहने पर एटीएम कार्ड के माध्यम से रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि अगले दिन तकनीशियन आएगा।
पीड़िता के अनुसार, 22 मई की दोपहर करीब दो से 2:40 बजे के बीच उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से आरटीजीएस और आईएमपीएस के माध्यम से चार बार में नौ लाख रुपये निकल गए। एसएमएस आने पर उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है।
चोरी हुए मोबाइल से निकाले 3.75 लाख रुपये
चोरी हुए मोबाइल से बदमाश ने कटियारी चकिया निवासी जमुना सिंह के खाते से 3.75 लाख निकाल लिए। पीड़ित को मामले की जानकारी तब हुई जब वह घर में शादी के खर्च के लिए बैंक से पैसे निकालने पहुंचा। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सरायइनायत थाना क्षेत्र के कटियारी चकिया निवासी जमुना ने पुलिस को बताया कि उनका और पत्नी सुशीला का हनुमानगंज में भारतीय स्टेट बैंक में संयुक्त खाता है। करीब तीन वर्ष पहले कीपैड वाला मोबाइल चोरी हो गया था। कानूनी जानकारी के अभाव में उन्होंने इसकी शिकायत दर्ज नहीं कराई।
आरोप है कि चोरी हुए मोबाइल और उसमें लगे सिम का दुरुपयोग करते हुए बदमाश ने बैंक से साठगांठ कर यूपीआई, गूगलपे और फोनपे जैसी सेवाएं सक्रिय करा लीं। इसके बाद 14 मार्च 2025 से 14 मई 2026 के बीच 3.75 लाख रुपये निकाल लिए गए।