{"_id":"5ded57068ebc3e1c060893c1","slug":"ctet-exam-2019-allahabad-news-ald262425549","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीटीईटी में पकड़े गए दो ‘मुन्नाभाई’, गिरफ्तारी के बाद मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीटीईटी में पकड़े गए दो ‘मुन्नाभाई’, गिरफ्तारी के बाद मुकदमा
Mon, 09 Dec 2019 01:33 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 01:33 AM IST
विज्ञापन
मुन्नाभाई
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) के दौरान रविवार को प्रयागराज में दो ‘मुन्नाभाई’ पकड़े गए। एक को फाफामऊ और दूसरे को नैनी स्थित एक केंद्र में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है। नैनी में पकड़ा गया ‘मुन्नाभाई’ को खुद को अधिवक्ता बता रहा है। पुलिस अब उन लोगों को खोज रहे है, जिनकी जगह ये दोनों परीक्षा देते पकड़े गए।
विज्ञापन
नैनी की जेल रोड पुलिस चौकी के समीप स्थित बेथनी कांवेंट स्कूल में भी सीटीईटी का सेंटर था था। सुबह 9.30 से दोपहर 12 बजे की पाली की परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले कक्ष संख्या 26 में कक्ष निरीक्षक ने जांच शुरू की तो अंजनी यादव पुत्र विश्वनाथ यादव के नाम के परीक्षार्थी की फोटो एवं परीक्षा कक्ष में बैठे परीक्षार्थी का फोटो का मिलान नहीं हो सका।
विज्ञापन
शक के आधार पर पूछताछ हुई तो परीक्षार्थी भागने लगा। मेन गेट पर सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। चौकी इंचार्ज प्रभात सिंह के अनुसार पूछताछ में उसने अपना नाम नागेंद्र सिंह बताया है, जो भननीपुर, सलोन रायबरेली का रहने वाला है। वह खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बता रहा था।
विज्ञापन
कक्ष निरीक्षककी तहरीर पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी एवं परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उधर, गंगा गुरुकुलम में कक्ष संख्या 102 में भी एक अभ्यर्थी दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा गया। सीबीएसई से आए ऑब्जर्वर और कक्ष निरीक्षक ने उससे पूछताछ की तो उसने अपने नाम अरविंद कुमार पुत्र काशी प्रसाद विश्वकर्मा बताया, जो उमरिया सारी, मऊआइमा कर रहने वाला है। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
बाद में उसने बताया कि वह उरुवांव, सोरांव के संदीप कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था। बताया कि प्रतापगढ़ के अजय यादव के माध्यम से 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था और दस हजार रुपये एडवांस भी मिल गए थे। उसके पास से दस हजार रुपये और फर्जी आईडी बरामद हुई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।