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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Woman burnt alive in ground fighting

जमीन के झगडे़ में महिला को जिंदा जलाया

Mon, 01 Dec 2014 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 01 Dec 2014 12:10 AM IST
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 फूलपुर थाना क्षेत्र के मैलहन गांव के रसूलपुर मजरा में जमीन के झगड़े में सविता श्रीवास्तव (30) को रविवार दिन में घर में जिंदा जला दिया गया। जिस वक्त मिट्टी का तेल छिड़ककर उसे आग लगाई गई, उसका पति संतोष कुमार मोबाइल रिचार्ज कराने के लिए बाजार की तरफ गया था। आरोप गांव के ही रहने वाले गुलाब चंद्र के परिवार पर लगा है। विपक्षियों ने आग लगाने के बाद दरवाजे पर बाहर से ताला भी जड़ दिया था। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे पति ने ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। शव को कब्जे में लेने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
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विवाद 14 बिस्वा जमीन का था। मैलहन के चंद्रकली रामनरेश मिश्र बालिका इंटर कॉलेज के कर्मचारी संतोष कुमार के पिता रामबाबू ने जमीन कोनार गांव के गुलाब चंद्र की पत्नी अनीता सोनी के नाम 16 अगस्त को रजिस्ट्री कर दी थी। जमीन बिक जाने के बाद भी संतोष इस पर खेती कर रहा था। गुलाब का परिवार भी कोनार गांव छोड़कर रसूलपुर आ गया था लेकिन उसे कब्जा नहीं मिल पाया था। जिस वक्त रजिस्ट्री हुई थी तब खेत में धान की फसल लगी हुई थी। दो दिन से संतोष फसल काटकर बोझ अपने दरवाजे पर रख रहा था। रविवार सुबह गेहूं की बोआई के लिए वह ट्रैक्टर से जुताई करने लगा। आरोप है कि इसी वक्त अनीता, उसका पति गुलाब, बेटियां पूजा, प्रीति और कोमल वहां पहुंच गई। मौके पर संतोष की पत्नी सविता भी थी। संतोष के साथ मारपीट की जाने लगी तो सविता ने बीचबचाव किया। आरोप है कि संतोष और सविता को बुरी तरह पीटा गया और विपक्षी जबरन गेहूं के बीज छिड़कने लगे। उस हिस्से में भी बीज डाले गए जिसकी संतोष बोआई कर चुका था। पिटाई के बाद पति-पत्नी अपने घर पहुंचे। इसी बीच संतोष ने पुलिस को खबर देनी चाही लेकिन मोबाइल में बैलेंस नहीं था। वह 10 बजे के आसपास मैलहन अपने स्कूल के पास पहुंचा और दुकान से मोबाइल रिचार्ज करवाया।
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वह घर पहुंचा तो उसके पांव तले जमीन ही खिसक गई। कमरे से धुआं निकल रहा था और बाहर ताला लगा हुआ था। शोर सुनकर गांव के लोग जुट गए और ताले को तोड़कर दरवाजा खोला। भीतर सविता की जली हुई लाश पड़ी थी। वह चारपाई और तख्त के बीच थी। आग के कारण चारपाई भी जल गई थी। पति का आरोप है कि जब सविता घर पर अकेली थी तो गुलाब चंद्र के परिवार ने मारपीट कर उसे जिंदा लगाने के बाद कमरे के बाहर ताला लगा दिया। सविता के तीन बच्चे सुधांशु, दिव्यांशु और सुप्रिया हैं। सविता भी पति के साथ स्कूल में काम करती थी।
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घटना के बाद ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने आरोपियों के घर पर धावा बोल दिया। अनीता और गुलाब चंद्र घर के भीतर दुबक गए तो लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। मौके पर पुलिस पहुंची और सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिया। मौके पर नायब तहसीलदार राजीव वर्मा पहुंचे और ग्रामीणों को एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में ले सकी।




ग्रामीणों के मुताबिक संतोष का पिता रामबाबू अपनी काफी जमीन बेच चुका है। उसने संतोष के परिवार को कुछ भी नहीं दिया था। संतोष तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। इस बात को लेकर भी घर में तनाव था।
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