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खौलते पानी से झुलसी बच्ची को पांच घंटे बाद किया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 18 Jan 2017 01:11 AM IST
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में एक बार फिर मानवता को तार-तार करने वाली घटना सामने आई है। मासूम को उपचार के लिए पांच घंटे तक भर्ती नहीं किया गया। वह गंभीर रूप से झुलसी थी। घरवाले उसे भर्ती कराने के लिए इधर से उधर दौड़ते रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। गोद में दर्द से तड़पती बच्ची पर भी किसी को दया नहीं आई। बाद में एसआईसी तक शिकायत पहुंची तो भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
सराय इनायत थाना क्षेत्र के देवरिया गांव के रहने वाले इंद्र बहादुर पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर हैं। उनकी डेढ़ माह की बेटी भावना मंगलवार की सुबह उबलते पानी से झुलस गई। बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए घरवाले उसे लेकर पहले चिल्ड्रेन हॉस्पिटल पहुंचे। यहां बच्ची का प्राथमिक उपचार ही किया जा सका। यहां के बाद एसआरएन चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। घरवाले अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बच्ची को देखकर दवा लिख दी मगर भर्ती नहीं किया। आरोप है कि पिता से दो हजार रुपये की दवा भी मंगाई गई। नहीं देने पर प्राईवेट अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। एक तरफ बच्ची की गंभीर होती हालत और दूसरी ओर डॉक्टरों का रवैया। घरवालों को कुछ नहीं सूझा तो वहीं पुलिस चौकी प्रभारी से अपनी पीड़ा बताई। चौकी प्रभारी के जरिए एसआईसी तक बात पहुंची। उन्होंने निर्देश दिया तो बच्ची को भर्ती कर लिया गया।
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सराय इनायत थाना क्षेत्र के देवरिया गांव के रहने वाले इंद्र बहादुर पेशे से होम्योपैथिक डॉक्टर हैं। उनकी डेढ़ माह की बेटी भावना मंगलवार की सुबह उबलते पानी से झुलस गई। बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए घरवाले उसे लेकर पहले चिल्ड्रेन हॉस्पिटल पहुंचे। यहां बच्ची का प्राथमिक उपचार ही किया जा सका। यहां के बाद एसआरएन चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। घरवाले अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने बच्ची को देखकर दवा लिख दी मगर भर्ती नहीं किया। आरोप है कि पिता से दो हजार रुपये की दवा भी मंगाई गई। नहीं देने पर प्राईवेट अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। एक तरफ बच्ची की गंभीर होती हालत और दूसरी ओर डॉक्टरों का रवैया। घरवालों को कुछ नहीं सूझा तो वहीं पुलिस चौकी प्रभारी से अपनी पीड़ा बताई। चौकी प्रभारी के जरिए एसआईसी तक बात पहुंची। उन्होंने निर्देश दिया तो बच्ची को भर्ती कर लिया गया।
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