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घर के अंदर गोली लगने से फौजी की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 05 Dec 2016 01:51 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : allahabad
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शहर के प्रीतमनगर इलाके में रविवार दोपहर घर के अंदर गोली लगने से सेना के लांसनायक धर्मेंद्र कुमार मिश्र (34) की मौत हो गई। पत्नी की चीख सुनकर पड़ोसी पहुंचे तो बिस्तर पर फौजी का शव देखा। फौजी के माथे और दाहिने जांघ के पास गोली धंसी थी। बगल में रिवाल्वर पड़ा था। धूमनगंज थाने की पुलिस पहुंची। फील्ड यूनिट ने फिंगर प्रिंट उठाया और रिवाल्वर के साथ ही कारतूसों के खोखों को कब्जे में लिया। पत्नी ने कहा कि रिवाल्वर साफ करते अचानक फायर हुए थे मगर घटना शक के दायरे में है। पुलिस छानबीन कर रही है।
कौशाम्बी जनपद के सैनी इलाके में केन गांव निवासी युगल किशोर मिश्र सेना से कैप्टन पद से रिटायर हुए हैं। उनके दो बेटों मे छोटा धर्मेंद्र कुमार मिश्र सेना में लांसनायक था। उसकी तैनाती बंगलूरू में थी। उसके तीन बच्चे हैं। एक बेटा इंद्रसेन (12), और दो बेटियां अंशिका (10) तथा छह पांच की वैष्णवी। बच्चों की पढ़ाई के लिए उसने छह महीने पहले पत्नी मधुलिका को यहां प्रीतम नगर में विवेकानंद मार्केट के पास एलआईजी स्कीम निवासी रामनिरंजन सिंह के मकान में किराए पर ठहरा दिया था। बच्चों का दाखिला आर्मी स्कूल में करा दिया। कुछ दिन पहले धमेंद्र छुट्टी पर घर आया था। रविवार दोपहर अचानक मधुलिका और बच्चों की चीख सुनकर आसपास के लोग जुटे। पड़ोसी मकान के पहले तल के कमरे में पहुंचे तो धमेंद्र बेड पर मृत पड़ा था। पड़ा था। उसके पैर लटके थे। बगल में रिवॉल्वर पड़ा था। दाहिनी जांघ और माथे पर गोली धंसी थी। खून बह रहा था।
मौके पर धूमनगंज पुलिस के साथ सीओ आलोक मिश्र भी पहुंच गए। पत्नी मधुलिका ने बताया कि वह आंगन में थी। बच्चे छत पर खेल रहे थे। धमेंद्र कमरे में लाइसेंसी रिवॉल्वर साफ कर रहा था। गोलियां चलने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पति के माथे से खून बह रहा था।
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पत्नी के बयान पर भरोसा करें तो धमेंद्र की मौत हादसा है लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिसके चलते पुलिस ने मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाया। तब पता चला कि एक गोली बिस्तर पर रखे मोबाइल में भी लगी थी। पुलिस ने मौके से कारतूसों के खोखे उठाए और रिवॉल्वर भी कब्जे में लिया। सीओ आलोक मिश्र के मुताबिक पत्नी तो इसे रिवॉल्वर साफ करते वक्त हुआ हादसा बता रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच की जा रही है। अगर धमेंद्र के घरवाले आरोप लगाते हैं तो रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाएगी। हालांकि अभी तो परिजनों ने भी इसे हादसा ही मान लिया है।
लांसनायक धमेंद्र की मौत की घटना पर शक होने की वजह है रिवॉल्वर से तीन फायर होना। पुलिस का भी कहना है कि अगर यह एक्सीडेंटल फायरिंग थी तो एक ही गोली चलती। अगर पहली गोली माथे पर लगी तो बाकी दो फायर कैसे हुए। दूसरी गोली धमेंद्र के पैर और तीसरी गोली मोबाइल फोन में लगी। ऐसे में घटना को संदिग्ध माना गया है। दूसरी बात यह कि फील्ड यूनिट को धमेंद्र के चेहरे या माथे पर ब्लैकनिंग यानी करीब से फायर होने पर बारूद से होने वाला काला निशान नहीं मिला। अगर रिवॉल्वर से फायरिंग धमेंद्र के हाथों से हुई तो ब्लैकनिंग जरूर होनी चाहिए थी। कई और सवाल हैं मगर पत्नी के साथ ही कौशाम्बी से आए धमेंद्र के बड़े भाई अवधेश ने भी इसे दुर्घटना मान लिया और कोई केस नहीं दर्ज कराया गया। ऐसे में पुलिस अफसर भी शक होने के बावजूद कुछ नहीं बोल पा रहे। पुलिस को रिवॉल्वर तथा धमेंद्र के फिंगर प्रिंट के मिलान की रिपोर्ट का इंतजार है।
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कौशाम्बी जनपद के सैनी इलाके में केन गांव निवासी युगल किशोर मिश्र सेना से कैप्टन पद से रिटायर हुए हैं। उनके दो बेटों मे छोटा धर्मेंद्र कुमार मिश्र सेना में लांसनायक था। उसकी तैनाती बंगलूरू में थी। उसके तीन बच्चे हैं। एक बेटा इंद्रसेन (12), और दो बेटियां अंशिका (10) तथा छह पांच की वैष्णवी। बच्चों की पढ़ाई के लिए उसने छह महीने पहले पत्नी मधुलिका को यहां प्रीतम नगर में विवेकानंद मार्केट के पास एलआईजी स्कीम निवासी रामनिरंजन सिंह के मकान में किराए पर ठहरा दिया था। बच्चों का दाखिला आर्मी स्कूल में करा दिया। कुछ दिन पहले धमेंद्र छुट्टी पर घर आया था। रविवार दोपहर अचानक मधुलिका और बच्चों की चीख सुनकर आसपास के लोग जुटे। पड़ोसी मकान के पहले तल के कमरे में पहुंचे तो धमेंद्र बेड पर मृत पड़ा था। पड़ा था। उसके पैर लटके थे। बगल में रिवॉल्वर पड़ा था। दाहिनी जांघ और माथे पर गोली धंसी थी। खून बह रहा था।
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मौके पर धूमनगंज पुलिस के साथ सीओ आलोक मिश्र भी पहुंच गए। पत्नी मधुलिका ने बताया कि वह आंगन में थी। बच्चे छत पर खेल रहे थे। धमेंद्र कमरे में लाइसेंसी रिवॉल्वर साफ कर रहा था। गोलियां चलने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पति के माथे से खून बह रहा था।
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पत्नी के बयान पर भरोसा करें तो धमेंद्र की मौत हादसा है लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिसके चलते पुलिस ने मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाया। तब पता चला कि एक गोली बिस्तर पर रखे मोबाइल में भी लगी थी। पुलिस ने मौके से कारतूसों के खोखे उठाए और रिवॉल्वर भी कब्जे में लिया। सीओ आलोक मिश्र के मुताबिक पत्नी तो इसे रिवॉल्वर साफ करते वक्त हुआ हादसा बता रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच की जा रही है। अगर धमेंद्र के घरवाले आरोप लगाते हैं तो रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाएगी। हालांकि अभी तो परिजनों ने भी इसे हादसा ही मान लिया है।
लांसनायक धमेंद्र की मौत की घटना पर शक होने की वजह है रिवॉल्वर से तीन फायर होना। पुलिस का भी कहना है कि अगर यह एक्सीडेंटल फायरिंग थी तो एक ही गोली चलती। अगर पहली गोली माथे पर लगी तो बाकी दो फायर कैसे हुए। दूसरी गोली धमेंद्र के पैर और तीसरी गोली मोबाइल फोन में लगी। ऐसे में घटना को संदिग्ध माना गया है। दूसरी बात यह कि फील्ड यूनिट को धमेंद्र के चेहरे या माथे पर ब्लैकनिंग यानी करीब से फायर होने पर बारूद से होने वाला काला निशान नहीं मिला। अगर रिवॉल्वर से फायरिंग धमेंद्र के हाथों से हुई तो ब्लैकनिंग जरूर होनी चाहिए थी। कई और सवाल हैं मगर पत्नी के साथ ही कौशाम्बी से आए धमेंद्र के बड़े भाई अवधेश ने भी इसे दुर्घटना मान लिया और कोई केस नहीं दर्ज कराया गया। ऐसे में पुलिस अफसर भी शक होने के बावजूद कुछ नहीं बोल पा रहे। पुलिस को रिवॉल्वर तथा धमेंद्र के फिंगर प्रिंट के मिलान की रिपोर्ट का इंतजार है।