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मोबाइल दुकानदार ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 14 Aug 2016 02:24 AM IST
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फाइनेंसर सुसाइड
- फोटो : bureau
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प्रयाग स्टेशन के पास शनिवार रात मोबाइल दुकानदार विपिन यादव (18) ने घर में गमछे से फांसी लगा ली। घरवालों ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और उसे एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने अपनी मौत के लिए पड़ोसियों को कसूरवार बताया है। दुकानदार की मौत से घर में कोहराम मचा है।
प्रयाग स्टेशन के पास रहने वाले राजकुमार यादव उर्फ बच्चा पान की दुकान चलाते हैं। उनका चार बेटों में दूसरे नंबर का विपिन यादव घर में ही मोबाइल की दुकान चलाता था। पिता राजकुमार यादव ने बताया कि लगभग एक साल पहले उसका पड़ोसी से विवाद हुआ था। जिसमें विपिन को गंभीर चोट आई थी। इस मामले में कर्नलगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही आरोपी उसे आए दिन धमकी देते थे। इसे लेकर वह काफी तनाव में रहता था।
विपिन रात वह खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। रात लगभग साढ़े दस बजे घरवालों के बुलाने के बाद भी उसने दरवाजा नहीं खोला तो परिजन परेशान हो गए। खिड़की से अंदर का नजारा देख घर में चीख-पुकार मच गई। अंदर कमरे में विपिन का शव फ ांसी के फंदे पर लटक रहा था। परिजन उसे लेकर अस्पताल गए। लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी। जवान बेटे की मौत से राजकुमार का रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज समीर सिंह ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।
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प्रयाग स्टेशन के पास रहने वाले राजकुमार यादव उर्फ बच्चा पान की दुकान चलाते हैं। उनका चार बेटों में दूसरे नंबर का विपिन यादव घर में ही मोबाइल की दुकान चलाता था। पिता राजकुमार यादव ने बताया कि लगभग एक साल पहले उसका पड़ोसी से विवाद हुआ था। जिसमें विपिन को गंभीर चोट आई थी। इस मामले में कर्नलगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही आरोपी उसे आए दिन धमकी देते थे। इसे लेकर वह काफी तनाव में रहता था।
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विपिन रात वह खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। रात लगभग साढ़े दस बजे घरवालों के बुलाने के बाद भी उसने दरवाजा नहीं खोला तो परिजन परेशान हो गए। खिड़की से अंदर का नजारा देख घर में चीख-पुकार मच गई। अंदर कमरे में विपिन का शव फ ांसी के फंदे पर लटक रहा था। परिजन उसे लेकर अस्पताल गए। लेकिन तब तक उसकी सांसे थम चुकी थी। जवान बेटे की मौत से राजकुमार का रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज समीर सिंह ने घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।
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