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शुआट्स के बर्खास्त प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 19 Aug 2017 01:24 AM IST
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शुआट्स में इंजीनियरिंग के इलेक्ट्रानिक एण्ड कम्यूनिकेशन विभाग के बर्खास्त एचओडी एके भारद्वाज पर यौन उत्पीड़न का मुकदमा संस्थान की ही कई शिक्षिकाओं ने नैनी थाने में दर्ज कराया है। इससे पूर्व विभागीय जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले थे, जिसके आधार पर उनको अप्रैल माह में ही बर्खास्त कर दिया गया था। शिक्षिकाओं का आरोप है कि इसके बाद भी प्रोफेसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और उनको प्रताड़ित करते रहे। इसके बाद ही प्रोफेसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।
प्रोफेसर एके भारद्वाज पर आरोप है कि पिछले एक साल से वह शिक्षिकाओं से छेड़छाड़ और उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। पीड़ितों में कुछ छात्राएं भी हैं। छेड़खानी और यौन उत्पीड़न की हद पार होने लगी तो उनके खिलाफ रजिस्ट्रार और वीपीसी से लिखित शिकायतें की गईं। विवि प्रशासन ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हए जांच के लिए हाईपावर कमेटी बना दी। हाईपावर कमेटी ने जांच के दौरान शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए। इस दौरान पीड़ितों ने साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। इन आरोपों के बारे में प्रोफेसर से जवाब मांगा गया लेकिन वह जांच कमेटी के समक्ष संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
जांच कमेटी ने अप्रैल में ही प्रोफेसर को दोषी मानते हुए बर्खास्त कर दिया। लेकिन शिक्षिकाओं का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। शिक्षिकाओं ने शुक्रवार को नैनी थाने में आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी। थाना प्रभारी ने बताया कि शिक्षिकाओं की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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‘शिक्षिकाओं से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पहले उच्चस्तरीय जांच कराई गई थी। जिसमें पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। विवि ने अपने स्तर से पूरा दायित्व निभाया है, प्रोफेसर के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर शिक्षिकाओं ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।’ -आरबी लाल, रजिस्ट्रार, शुआट्स
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प्रोफेसर एके भारद्वाज पर आरोप है कि पिछले एक साल से वह शिक्षिकाओं से छेड़छाड़ और उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। पीड़ितों में कुछ छात्राएं भी हैं। छेड़खानी और यौन उत्पीड़न की हद पार होने लगी तो उनके खिलाफ रजिस्ट्रार और वीपीसी से लिखित शिकायतें की गईं। विवि प्रशासन ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हए जांच के लिए हाईपावर कमेटी बना दी। हाईपावर कमेटी ने जांच के दौरान शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं के बयान दर्ज किए। इस दौरान पीड़ितों ने साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। इन आरोपों के बारे में प्रोफेसर से जवाब मांगा गया लेकिन वह जांच कमेटी के समक्ष संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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जांच कमेटी ने अप्रैल में ही प्रोफेसर को दोषी मानते हुए बर्खास्त कर दिया। लेकिन शिक्षिकाओं का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। शिक्षिकाओं ने शुक्रवार को नैनी थाने में आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी। थाना प्रभारी ने बताया कि शिक्षिकाओं की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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‘शिक्षिकाओं से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पहले उच्चस्तरीय जांच कराई गई थी। जिसमें पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। विवि ने अपने स्तर से पूरा दायित्व निभाया है, प्रोफेसर के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर शिक्षिकाओं ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।’ -आरबी लाल, रजिस्ट्रार, शुआट्स