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जेल में आमरण अनशन पर बैठे छात्र
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 30 Apr 2017 02:10 AM IST
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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल
- फोटो : SELF
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में वॉश आउट के खिलाफ हुए बवाल में पकड़े गए 22 छात्र नैनी सेंट्रल जेल में अनशन पर बैठ गए हैं। छात्र इस मांग पर पर अड़े हैं कि विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) अपने स्तर से जांच कराएं और इस दौरान कुलपति को लंबी छुट्टी पर भेज दिया जाए। छात्रों पर लाठीचार्ज के लिए प्रशासन एवं पुलिस के जिम्मेदार अफसरों को निलंबित किए जाने की मांग भी की गई है।
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और कुलपति के रवैये से कार्यपरिषद के सदस्यों को अवगत कराने के लिए विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में ज्ञापन देने पहुंचे थे। वहां शांतिपूर्वक धरना चल रहा था, लेकिन इविवि प्रशासन ने छात्रों के साथ सहयोग नहीं किया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर लिया। छात्रों का आरोप है कि जिन छात्रों को पकड़कर पुलिस लाइन ले जाया गया, वहां उनसे मिलने पहुंचे साथी छात्रों पर भी लाठियां बरसाई गईं। इन तमाम आरोपों के साथ छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र और उपाध्यक्ष अदील हमजा समेत 22 छात्र शनिवार को नैनी जेल में आमरण अनशन पर बैठ गए। छात्र विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार की एमएचआरडी से जांच कराने, आंदोलनकारी छात्रों पर लगीं गंभीर धाराओं को तुरंत हटाने, पुलिस लाइन में छात्रों से मिलने पहुंचे लोगों पर लाठीचार्ज के लिए दोषी अफसरों को निलंबित किए जाने और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन में हिंसक तत्वों की पहचान कार्रवाई किए जाने की मांग भी की जा रही है।
छात्रों का आरोप है कि इस बवाल के पीछे शिक्षकों के दो गुटों से जुड़े अराजक तत्वों के शामिल होने की आशंका है। आमरण अनशन में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र, उपाध्यक्ष अदील हमजा, विवेका नंद पाठक, अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अजीत विधायक, दिनेश यादव, विकास तिवारी, देवमणि मिश्र, शैलेंद्र मौर्य, दानिश, धीरज, उमेश सिंह यादव, सतेंद्र यादव, कृष्ण मुरारी, पवन, हनी, दिग्विजय, सुधांशु शेखर, मनीष राय आदि बैठे हैं। उधर, आंदोलनकारी छात्रों ने छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के नेतृत्व में बैठक कर अपील की है कि आम छात्र एवं हॉस्टल के छात्र शांति व्यवस्था बनाए रखें, परिणाम छात्रों के पक्ष में होगा। बैठक में छात्र नेता आनंद सिंह, चंदन सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, अश्विनी मौर्य, सुरेश यादव, सर्वेश सिंह, धीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शनिवार को एलएलबी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षा थी। हॉस्टल को लेकर हुए बवाल के बाद जिन छात्रों को जेल भेजा गया, उनमें देवमणि मिश्र और शैलेंद्र मौर्या एलएलबी के छात्र हैं। इन दोनों छात्रों को परीक्षा में शामिल होने के लिए जेल से विश्वविद्यालय भेजा गया और दोनों छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा मुख्य कैंपस के राजनीति विज्ञान और मध्यकालीन इतिहास विभाग में थी। दोनों छात्रों को जेल से लाए जाने के कारण परिसर में बड़ी संख्या में आरएएफ और पीएसी तैनात रही। फोर्स की मौजूदगी के कारण शनिवार को परीक्षा के दौरान नकल को लेकर कोई हंगामा भी नहीं हुआ जबकि इससे पहले हर दिन नकल को लेकर हंगामा हो रहा था।
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छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और कुलपति के रवैये से कार्यपरिषद के सदस्यों को अवगत कराने के लिए विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में ज्ञापन देने पहुंचे थे। वहां शांतिपूर्वक धरना चल रहा था, लेकिन इविवि प्रशासन ने छात्रों के साथ सहयोग नहीं किया और पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रनेताओं को गिरफ्तार कर लिया। छात्रों का आरोप है कि जिन छात्रों को पकड़कर पुलिस लाइन ले जाया गया, वहां उनसे मिलने पहुंचे साथी छात्रों पर भी लाठियां बरसाई गईं। इन तमाम आरोपों के साथ छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र और उपाध्यक्ष अदील हमजा समेत 22 छात्र शनिवार को नैनी जेल में आमरण अनशन पर बैठ गए। छात्र विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार की एमएचआरडी से जांच कराने, आंदोलनकारी छात्रों पर लगीं गंभीर धाराओं को तुरंत हटाने, पुलिस लाइन में छात्रों से मिलने पहुंचे लोगों पर लाठीचार्ज के लिए दोषी अफसरों को निलंबित किए जाने और शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन में हिंसक तत्वों की पहचान कार्रवाई किए जाने की मांग भी की जा रही है।
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छात्रों का आरोप है कि इस बवाल के पीछे शिक्षकों के दो गुटों से जुड़े अराजक तत्वों के शामिल होने की आशंका है। आमरण अनशन में छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र, उपाध्यक्ष अदील हमजा, विवेका नंद पाठक, अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अजीत विधायक, दिनेश यादव, विकास तिवारी, देवमणि मिश्र, शैलेंद्र मौर्य, दानिश, धीरज, उमेश सिंह यादव, सतेंद्र यादव, कृष्ण मुरारी, पवन, हनी, दिग्विजय, सुधांशु शेखर, मनीष राय आदि बैठे हैं। उधर, आंदोलनकारी छात्रों ने छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के नेतृत्व में बैठक कर अपील की है कि आम छात्र एवं हॉस्टल के छात्र शांति व्यवस्था बनाए रखें, परिणाम छात्रों के पक्ष में होगा। बैठक में छात्र नेता आनंद सिंह, चंदन सिंह, सूर्य प्रकाश मिश्र, अश्विनी मौर्य, सुरेश यादव, सर्वेश सिंह, धीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शनिवार को एलएलबी तीन वर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षा थी। हॉस्टल को लेकर हुए बवाल के बाद जिन छात्रों को जेल भेजा गया, उनमें देवमणि मिश्र और शैलेंद्र मौर्या एलएलबी के छात्र हैं। इन दोनों छात्रों को परीक्षा में शामिल होने के लिए जेल से विश्वविद्यालय भेजा गया और दोनों छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा मुख्य कैंपस के राजनीति विज्ञान और मध्यकालीन इतिहास विभाग में थी। दोनों छात्रों को जेल से लाए जाने के कारण परिसर में बड़ी संख्या में आरएएफ और पीएसी तैनात रही। फोर्स की मौजूदगी के कारण शनिवार को परीक्षा के दौरान नकल को लेकर कोई हंगामा भी नहीं हुआ जबकि इससे पहले हर दिन नकल को लेकर हंगामा हो रहा था।