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गैंगरेप और चार कत्ल में एसटीएफ की जांच शुरू

Tue, 30 May 2017 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 30 May 2017 01:59 AM IST
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STF investigation begins in gangrape and four murders
जांच - फोटो : demopic
सहावपुर गांव में गैंगरेप के बाद दो बेटियों समेत दंपति के कत्ल में बने रहस्य का राजफाश करने के लिए एसटीएफ ने सोमवार को तहकीकात शुरू कर दी। लखनऊ और इलाहाबाद से फोरेंसिक टीम ने दोपहर में सहावपुर गांव जाकर पीड़ित परिवार के मकान में नए सिरे से छानबीन की। फिंगर प्रिंट भी लिए। कोशिश है कि हत्याकांड में ज्यादा से ज्यादा वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा लिए जाएं ताकि कातिलों को बेनकाब कर उन्हें इन सुबूतों के आधार पर सजा दिलाई जा सके।
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सहावपुर में 23 अप्रैल की रात घर के भीतर घुसकर बलात्कार के बाद दो बेटियों समेत मक्खनलाल साहू और उनकी पत्नी का बेरहमी से कत्ल कर दिया था। सुबह प्रतापगढ़ से बेटे रंजीत ने बहन के मोबाइल पर फोन करने पर कॉल नहीं रिसीव होने पर चाचा को अपने घर भेजा तो इस जघन्य घटना का पता चला था। रंजीत ने पड़ोस में रहने वाले पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपियों ने गुनाह नहीं कुबूला। न तो उनके खिलाफ सुबूत मिले। मृत दंपति के बेटे रंजीत और बेटी बबीता ने मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम, मंत्रियों से मिलकर कहा कि पुलिस ने सभी कातिलों को गिरफ्तार नहीं किया है। घटना के खुलासे पर उठ रहे सवालों के चलते ही मुख्यमंत्री ने इस हत्याकांड का सही पर्दाफाश करने के लिए एसटीएफ को गहराई से जांच का आदेश दिया।
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सोमवार दोपहर एफएसएल लखनऊ के ज्वाइंट डायरेक्टर एसके रावत, डिप्टी डायरेक्टर डॉ.बृजेश भारतीय, इलाहाबाद फोरेंसिक टीम के नरेंद्र कुमार, मनीषा सिंह आदि के साथ एसटीएफ ने सहावपुर में मौके पर जाकर जांच की। फोरेंसिक वैज्ञानिकों की टीम ने घर का हर कोना खंगाला। आलमारी, तख्त, दरवाजों से दुबारा फिंगर प्रिंट, खून के नमूने उठाए। टीम ने करीब दो घंटे तक मकान के हर हिस्से में बारीक से जांच की। छत पर भी जाकर जायजा लिया एसटीएफ का कहना है कि जांच के पहले चरण में घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य के लिए सुबूत जुटाए गए हैं ताकि संदिग्ध लोगों में कातिलों को चिन्हित करने के साथ ही उनका अपराध साबित करने में भी मदद मिले। गिरफ्तार आरोपियों की घटना में संलिप्तता की जांच में भी वैज्ञानिक साक्ष्य मददगार होंगे। अब मोबाइल सविलांस और कॉल डिटेल जांच होगी। 
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