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एजी ऑफिस के सीनियर अफसर को मिली थी धमकी
इलाहाबाद, अमर उजाला
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:50 AM IST
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एजी ऑफिस में कार्यरत अरविंद की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि ऑफिस के एक सीनियर अफसर को हफ्ते भर पहले पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसमें उन्हें मुकदमे की पैरवी न करने को कहा गया था। साथ ही बात न मानने पर अंजाम भुगतने को तैयार रहने के लिए कहा गया था।
एजी ऑफिस मे तैनात क्लर्क अरविंद की 28 जून को संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। कार्यालय के सातवीं मंजिल से संदिग्ध हाल में गिरने से अरविंद को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी सुनी गई थीं। खास बात यह है कि इस घटना से करीब हफ्ते भर पहले ही एजी ऑफिस में तैनात एक सीनियर अफसर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पत्र भेजकर उन्हें उस मुकदमे की परैवी न करने केलिए धमकाया गया था जो उन्होंने अपनी गाड़ी पर हुए हमले के मामले में दर्ज कराया था। बता दें कि 15 जून को यही अफसर कार्यालय से घर लौट रहे थे, इसी दौरान उनकी गाड़ी पर बाइक सवार दो लोगों ने पत्थर फेंके थे। जिससे गाड़ी के पीछे की ओर लगा शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था। अचानक हुए हमले से घबराए अफसर ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। जिसके बाद पुलिस ने उनसे तहरीर लेकर अज्ञात में एफआईआर दर्ज की थी। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि अफसर की ओर से शिकायत की गई थी कि उन्हें धमकी भरा पत्र मिला। जिसकी जांच की जा रही है।
प्रधान डाकघर से किया गया था पोस्ट
जिस पत्र केमाध्यम से एजी ऑफिस केसीनियर अफसर को धमकाया गया, वह शहर से ही पोस्ट किया गया था। पत्र कार्यालय केपते पर भेजा गया था। इस मामले की जानकारी भुक्तभोगी अफसर ने पुलिस को दी तो जांच पड़ताल शुरू की गई। इस दौरान पता चला कि धमकी भरा पत्र सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर से पोस्ट किया गया था। इसे स्पीड पोस्ट केजरिए भेजा गया था।
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सीसीटीवी कैमरे से भी नहीं लगा सुराग
सीनियर अफसर को पत्र भेजकर धमकी मिलने की जानकारी पर पुलिस अफसरों केकान खड़े हो गए। दरअसल हफ्ते भर के भीतर उनके साथ यह दूसरी वारदात थी। आननफानन में जांच पड़ताल शुरू की गई। प्रधान डाकघर पहुंचकर भी पुलिस ने जांच की। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली। इसके बावजूद ऐसा कोई सुराग हासिल नहीं हो सका, जिससे पता चल सकेकि पत्र किसने भेजा।
पुलिस फिर पहुंची एजी ऑफिस, की पूछताछ
उधर एजीकर्मी रसूलाबाद निवासी अरविंद कुमार की मौत के मामले में जांच के लिए सोमवार को फिर पुलिस एजी ऑफिस पहुंची। वहां अरविंद ेके सहकर्मियों के साथ ही अफसरों से भी पूछताछ की गई। हालांकि किसी तरह की विवाद की बात सामने नहीं आई। पुलिस के पूछने पर कर्मचारियों ने किसी तरह की विवाद की जानकारी की बात से इंकार कर दिया। उधर, अफसरों ने भी किसी तरह की जानकारी नहीं होने की बात बताई। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि पुलिस एजी ऑफिस गई थी। वहां कर्मचारियों के साथ ही अफसरों से बात की गई। लेकिन अरविंद से जुड़े किसी तरह केविवाद की बात सामने नहीं आई। परिजनों ने भी अभी कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है ।
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एजी ऑफिस मे तैनात क्लर्क अरविंद की 28 जून को संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। कार्यालय के सातवीं मंजिल से संदिग्ध हाल में गिरने से अरविंद को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था जहां कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी सुनी गई थीं। खास बात यह है कि इस घटना से करीब हफ्ते भर पहले ही एजी ऑफिस में तैनात एक सीनियर अफसर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पत्र भेजकर उन्हें उस मुकदमे की परैवी न करने केलिए धमकाया गया था जो उन्होंने अपनी गाड़ी पर हुए हमले के मामले में दर्ज कराया था। बता दें कि 15 जून को यही अफसर कार्यालय से घर लौट रहे थे, इसी दौरान उनकी गाड़ी पर बाइक सवार दो लोगों ने पत्थर फेंके थे। जिससे गाड़ी के पीछे की ओर लगा शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था। अचानक हुए हमले से घबराए अफसर ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। जिसके बाद पुलिस ने उनसे तहरीर लेकर अज्ञात में एफआईआर दर्ज की थी। सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि अफसर की ओर से शिकायत की गई थी कि उन्हें धमकी भरा पत्र मिला। जिसकी जांच की जा रही है।
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प्रधान डाकघर से किया गया था पोस्ट
जिस पत्र केमाध्यम से एजी ऑफिस केसीनियर अफसर को धमकाया गया, वह शहर से ही पोस्ट किया गया था। पत्र कार्यालय केपते पर भेजा गया था। इस मामले की जानकारी भुक्तभोगी अफसर ने पुलिस को दी तो जांच पड़ताल शुरू की गई। इस दौरान पता चला कि धमकी भरा पत्र सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर से पोस्ट किया गया था। इसे स्पीड पोस्ट केजरिए भेजा गया था।
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सीसीटीवी कैमरे से भी नहीं लगा सुराग
सीनियर अफसर को पत्र भेजकर धमकी मिलने की जानकारी पर पुलिस अफसरों केकान खड़े हो गए। दरअसल हफ्ते भर के भीतर उनके साथ यह दूसरी वारदात थी। आननफानन में जांच पड़ताल शुरू की गई। प्रधान डाकघर पहुंचकर भी पुलिस ने जांच की। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली। इसके बावजूद ऐसा कोई सुराग हासिल नहीं हो सका, जिससे पता चल सकेकि पत्र किसने भेजा।
पुलिस फिर पहुंची एजी ऑफिस, की पूछताछ
उधर एजीकर्मी रसूलाबाद निवासी अरविंद कुमार की मौत के मामले में जांच के लिए सोमवार को फिर पुलिस एजी ऑफिस पहुंची। वहां अरविंद ेके सहकर्मियों के साथ ही अफसरों से भी पूछताछ की गई। हालांकि किसी तरह की विवाद की बात सामने नहीं आई। पुलिस के पूछने पर कर्मचारियों ने किसी तरह की विवाद की जानकारी की बात से इंकार कर दिया। उधर, अफसरों ने भी किसी तरह की जानकारी नहीं होने की बात बताई। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर शिवमंगल सिंह ने बताया कि पुलिस एजी ऑफिस गई थी। वहां कर्मचारियों के साथ ही अफसरों से बात की गई। लेकिन अरविंद से जुड़े किसी तरह केविवाद की बात सामने नहीं आई। परिजनों ने भी अभी कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी है ।