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पत्नी को मायके में छोड़ फरार हो गया रूपचंद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:58 AM IST
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इलाहाबाद। सिविल लाइंस रेलवे कॉलोनी में जीजा विनोद तिवारी की हत्या के बाद फरार रूपचंद पाल को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ सकी है। पुलिस ने कुंडा में उसकी ससुराल में छापा मारा तो वहां उसकी पत्नी मिले जिसे वह कत्ल के बाद छोड़ गया था। मंगलवार रात उसने ही नैनी पुल पर स्कूटी और उस पर सुसाइड नोट लिखकर छोड़ा था ताकि पुलिस यह मान ले कि उसने यमुना में कूदकर जान दे दी है। बुधवार को उसकी लोकेशन मुट्ठीगंज इलाके में मिली मगर छापा मारने पर वहां भी वह हाथ नहीं आया। सिविल लाइंस थाने की दो पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है।
अशोक नगर कैंट इलाके के विनोद तिवारी (32) ने तीन साल पहले रेलवे कर्मचारी गायत्री पाल से प्रेम विवाह किया था। वह गायत्री के जीजा दक्खीलाल की कार चलाने के दौरान उसके करीब आया था। डीआरएम कार्यालय में खलासी पद पर तैनात गायत्री नेवादा में अपने जीजा-दीदी के साथ ही रहती थी। तीन माह पहले वह सिविल लाइंस रेलवे स्टेशन के करीब रेलवे कॉलोनी में रहने लगी।
छोटा भाई रूपचंद्र भी अपनी पत्नी माया के साथ उसके पास आ गया। सोमवार सुबह दस बजे गायत्री को स्कूटी पर बैठाकर डीआरएम कार्यालय छोड़ने के बाद विनोद कमरे में आकर फिर सो गया था। तभी घर में उसकी हत्या कर दी गई। रूपचंद्र पत्नी समेत स्कूटी लेकर फरार हो गया। ताला तोड़ने पर घर के भीतर बाथरूम में विनोद की रक्तरंजित लाश मिली। जांच में पुलिस को पता चला कि सोमवार को विनोद पत्नी गायत्री को ड्यूटी पर छोड़कर लौटा तो करीब एक घंटे बाद उसी स्कूटी पर पत्नी माया को बैठाकर साला रूपचंद्र अपने दूसरे जीजा दक्खीलाल के घर नेवादा ले गया। वहां उसने माया को छोड़ते वक्त जीजा दक्खीलाल से कहा था कि वह विनोद को जिंदा नहीं छोड़ेगा क्योकिं उसने माया के साथ गलत काम किया है।
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इसके बाद वह स्कटी पर चला गया। शाम को वह फिर लौटा और पत्नी माया को लेकर उसके मायके कुंडा चला गया। वहां उसे छोड़कर वह सुबह इलाहाबाद लौट आया। पुलिस को पता चला कि वह स्कूटी लेकर मुट्ठीगंज में गया है। पुलिस ने बुधवार को उधर छापेमारी की तो रात में रूपचंद ने स्कूटी नए पुल पर छोड़ी और उस पर एक सुसाइड नोट लिखकर छोड़ दिया कि वह यमुना में कूदकर आत्महत्या कर रहा है। हालांकि पुलिस ने इसे रूपचंद की चाल मानी है। उसकी तलाश की जा रही है। रूपचंद के पकड़ में आने पर ही साफ होगा कि कत्ल उसने अकेले अंजाम दिया या फिर कोई और भी इस घटना में शामिल रहा।
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अशोक नगर कैंट इलाके के विनोद तिवारी (32) ने तीन साल पहले रेलवे कर्मचारी गायत्री पाल से प्रेम विवाह किया था। वह गायत्री के जीजा दक्खीलाल की कार चलाने के दौरान उसके करीब आया था। डीआरएम कार्यालय में खलासी पद पर तैनात गायत्री नेवादा में अपने जीजा-दीदी के साथ ही रहती थी। तीन माह पहले वह सिविल लाइंस रेलवे स्टेशन के करीब रेलवे कॉलोनी में रहने लगी।
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छोटा भाई रूपचंद्र भी अपनी पत्नी माया के साथ उसके पास आ गया। सोमवार सुबह दस बजे गायत्री को स्कूटी पर बैठाकर डीआरएम कार्यालय छोड़ने के बाद विनोद कमरे में आकर फिर सो गया था। तभी घर में उसकी हत्या कर दी गई। रूपचंद्र पत्नी समेत स्कूटी लेकर फरार हो गया। ताला तोड़ने पर घर के भीतर बाथरूम में विनोद की रक्तरंजित लाश मिली। जांच में पुलिस को पता चला कि सोमवार को विनोद पत्नी गायत्री को ड्यूटी पर छोड़कर लौटा तो करीब एक घंटे बाद उसी स्कूटी पर पत्नी माया को बैठाकर साला रूपचंद्र अपने दूसरे जीजा दक्खीलाल के घर नेवादा ले गया। वहां उसने माया को छोड़ते वक्त जीजा दक्खीलाल से कहा था कि वह विनोद को जिंदा नहीं छोड़ेगा क्योकिं उसने माया के साथ गलत काम किया है।
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इसके बाद वह स्कटी पर चला गया। शाम को वह फिर लौटा और पत्नी माया को लेकर उसके मायके कुंडा चला गया। वहां उसे छोड़कर वह सुबह इलाहाबाद लौट आया। पुलिस को पता चला कि वह स्कूटी लेकर मुट्ठीगंज में गया है। पुलिस ने बुधवार को उधर छापेमारी की तो रात में रूपचंद ने स्कूटी नए पुल पर छोड़ी और उस पर एक सुसाइड नोट लिखकर छोड़ दिया कि वह यमुना में कूदकर आत्महत्या कर रहा है। हालांकि पुलिस ने इसे रूपचंद की चाल मानी है। उसकी तलाश की जा रही है। रूपचंद के पकड़ में आने पर ही साफ होगा कि कत्ल उसने अकेले अंजाम दिया या फिर कोई और भी इस घटना में शामिल रहा।