{"_id":"58c057b54f1c1b5e3ddc5377","slug":"result-joining-letter","type":"story","status":"publish","title_hn":"निरस्त परीक्षा का जारी किया फर्जी रिजल्ट","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
निरस्त परीक्षा का जारी किया फर्जी रिजल्ट
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Thu, 09 Mar 2017 12:46 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डाक विभाग की फर्जी वेबसाइट गढ़ कर शातिर अभ्यर्थियों को जाल में फंसा रहे हैं। ‘इंडिया रिजल्ट पोस्ट आफिस डॉट कॉम’ नाम से वेबसाइट बनाकर उसमें पोस्टमैन, मेलगार्ड और एमटीएस के पद का रिजल्ट जारी कर दिया गया। इसमें चयनित अभ्यर्थियों से अंतिम चयन के लिए डेढ़ लाख तक की मांग की जा रही है। ताज्जुब बात यह कि इन पदों के लिए 27 सितंबर 2015 में परीक्षा कराई गई थी और बड़े पैमाने पर नकल एवं पर्चा आउट होने की शिकायत के बाद इसेे निरस्त कर दिया गया था।
परीक्षा के निरस्त होने के साल भर बाद अब परीक्षार्थियों के पास फोन पहुंच रहा है। शातिर अपनी फर्जी वेबसाइट पर परीक्षार्थियों के लिखित परीक्षा में सफल होने का रिजल्ट डालकर उनसे डेढ़ लाख की मांग कर रहे हैं। परीक्षा में शामिल रहीं देवरिया की सुशीला तिवारी सात मार्च को प्रधान डाकघर स्थित डाक निदेशक के कार्यालय अपने चयन की बाबत इसकी जानकारी करने पहुंची। निदेशक के मौजूद नहीं होने पर वह लौट गईं लेकिन उनको यह जरूर पता चल गया कि निरस्त परीक्षा का कोई रिजल्ट नहीं जारी किया गया है। वेबसाइट भी फर्जी है।
अमर उजाला से बातचीत में सुशीला तिवारी ने बताया कि वेबसाइट ‘इंडिया रिजल्ट पोस्ट आफिस डॉट कॉम’ पर इंडिया पोस्ट के नाम से बनाई गई साइट पर उनका रिजल्ट उपलब्ध है। अलग-अलग नंबर से उनके पास जब फोन आने लगे तो वह सशंकित हो गईं। सरकारी नौकरी के लिए बार-बार पैसा मांगे जाने से उनको संदेश उत्पन्न हुआ। बताया कि दिल्ली के नेहरू प्लेस से अलग-अलग नाम और मोबाइल नंबर से उनके पास पैसे की डिमांड आ रही है। उनसे अलग-अलग खाते में पैसा जमा करने को कहा जा रहा है। फोन करने वाले खाता नंबर के साथ आईएफएससी कोड भी दे रहे हैं।
विज्ञापन
सरकारी वेबसाइट के अंत में होता है ‘इन’
डाक विभाग के निदेशक केके यादव का कहना है कि किसी भी सरकारी वेबसाइट के अंत में ‘इन’ लिखा होता है, इस वेबसाइट में अंत में ‘कॉम’ लिखा है। जिस वेबसाइट के अंत में ‘कॉम’ लिखा होता है, वह कामर्शियल वेबसाइट होती है। बताया कि इस भर्ती को पहले ही निरस्त किया जा चुका है। उनके पास भी इस संबंध में लोगों की ओर से जानकारी के लिए कई फोन आए हैं। जब तक अभ्यर्थी की ओर से इस संबंध में पुलिस में शिकायत नहीं की जाएगी, विभाग सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।
विज्ञापन
परीक्षा के निरस्त होने के साल भर बाद अब परीक्षार्थियों के पास फोन पहुंच रहा है। शातिर अपनी फर्जी वेबसाइट पर परीक्षार्थियों के लिखित परीक्षा में सफल होने का रिजल्ट डालकर उनसे डेढ़ लाख की मांग कर रहे हैं। परीक्षा में शामिल रहीं देवरिया की सुशीला तिवारी सात मार्च को प्रधान डाकघर स्थित डाक निदेशक के कार्यालय अपने चयन की बाबत इसकी जानकारी करने पहुंची। निदेशक के मौजूद नहीं होने पर वह लौट गईं लेकिन उनको यह जरूर पता चल गया कि निरस्त परीक्षा का कोई रिजल्ट नहीं जारी किया गया है। वेबसाइट भी फर्जी है।
विज्ञापन
अमर उजाला से बातचीत में सुशीला तिवारी ने बताया कि वेबसाइट ‘इंडिया रिजल्ट पोस्ट आफिस डॉट कॉम’ पर इंडिया पोस्ट के नाम से बनाई गई साइट पर उनका रिजल्ट उपलब्ध है। अलग-अलग नंबर से उनके पास जब फोन आने लगे तो वह सशंकित हो गईं। सरकारी नौकरी के लिए बार-बार पैसा मांगे जाने से उनको संदेश उत्पन्न हुआ। बताया कि दिल्ली के नेहरू प्लेस से अलग-अलग नाम और मोबाइल नंबर से उनके पास पैसे की डिमांड आ रही है। उनसे अलग-अलग खाते में पैसा जमा करने को कहा जा रहा है। फोन करने वाले खाता नंबर के साथ आईएफएससी कोड भी दे रहे हैं।
विज्ञापन
सरकारी वेबसाइट के अंत में होता है ‘इन’
डाक विभाग के निदेशक केके यादव का कहना है कि किसी भी सरकारी वेबसाइट के अंत में ‘इन’ लिखा होता है, इस वेबसाइट में अंत में ‘कॉम’ लिखा है। जिस वेबसाइट के अंत में ‘कॉम’ लिखा होता है, वह कामर्शियल वेबसाइट होती है। बताया कि इस भर्ती को पहले ही निरस्त किया जा चुका है। उनके पास भी इस संबंध में लोगों की ओर से जानकारी के लिए कई फोन आए हैं। जब तक अभ्यर्थी की ओर से इस संबंध में पुलिस में शिकायत नहीं की जाएगी, विभाग सीधे कोई कार्रवाई नहीं कर सकता।