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रेप पीड़िता से अस्पताल में बेरहमी की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 18 Feb 2017 01:42 AM IST
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अतरसुइया इलाके की 13 साल की दिव्यांग रेप पीड़िता और उसके परिजनों से डफरिन अस्पताल में बदसलूकी की आरोपी महिला डॉक्टर के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार के अंक में अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद एडी स्वास्थ्य ने अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक से मामले की रिपोर्ट मांगी है। जिसके बाद प्रमुख अधीक्षक ने दो महिला डॉक्टरों की टीम गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
अतरसुइया इलाके में मंगलवार को रेप पीड़िता दिव्यांग बालिका को लेकर अतरसुइया पुलिस डफरिन अस्पताल पहुंची थी। पीड़िता को आठ टांके लगे। अस्पताल में एक महिला डॉक्टर ने अमानवीय व्यवहार किया और पीड़िता के परिजनों को पुलिस के सामने धमकाया कि इसे यहां से ले जाओ, नहीं तो अस्पताल से बाहर फिंकवा देंगे। महिला डॉक्टर का संवदेनहीन रवैया देख अतरसुइया इंस्पेक्टर ने एसपी सिटी विपिन टाडा को मामले की जानकारी दी। एसपी सिटी ने सीएमओ से मामले की शिकायत की। सीएमओ के आदेश पर किशोरी को अस्पताल में भर्ती किया गया।
शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं डॉ.वीपी सिंह ने खबर को संज्ञान में लेकर डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीरजा बाला से रिपोर्ट मांगी। प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीरजा बाला ने एडी हेल्थ के आदेश पर जांच के लिए डॉ. मनीषा और डॉ. वंदना के नेतृत्व में दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी से तीन दिन में रिपोर्ट देगी। आरोपी महिला डॉक्टर के खिलाफ जांच शुरू होने से अस्पताल में खलबली मची है।
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रेप पीड़िता से डफरिन अस्पताल में बदसलूकी के धमकाने के मामले की शिकायत सीएमओ से की गई है। एसपी सिटी ने शुक्रवार को इस मामले की रिपोर्ट सीएमओ को दी। एसपी सिटी ने शिकायत में आरोपी महिला डॉक्टर का नाम नहीं दिया है। इससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठते हैं कि आखिर पुलिस ने महिला डॉक्टर का नाम क्यों हटाया। एसपी सिटी विपिन टाडा का कहना है कि सीएमओ से शिकायत की है। महिला डॉक्टर का नाम नहीं पता चला था। जांच में खुद ही नाम सामने आ जाएगा। वहीं डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीरजा बाला का कहना है कि किसने बदसलूकी की है। यह जांच में सामने आएगा।
डफरिन अस्पताल में दिव्यांग रेप पीड़िता किशोरी से संवेदनहीन बर्ताव को डीएम संजय कुमार ने गंभीर मामला माना है। उन्होंने प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश किया है। जिलाधिकारी संजय कुमार ने एडीएम सिटी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। एडीएम पुनीत शुक्ला शुक्रवार को डफरिन अस्पताल जांच के लिए पहुंचे भी। उन्होंने कर्मचारियों और डॉक्टरों से मामले की बाबत जानकारी ली।
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अतरसुइया इलाके में मंगलवार को रेप पीड़िता दिव्यांग बालिका को लेकर अतरसुइया पुलिस डफरिन अस्पताल पहुंची थी। पीड़िता को आठ टांके लगे। अस्पताल में एक महिला डॉक्टर ने अमानवीय व्यवहार किया और पीड़िता के परिजनों को पुलिस के सामने धमकाया कि इसे यहां से ले जाओ, नहीं तो अस्पताल से बाहर फिंकवा देंगे। महिला डॉक्टर का संवदेनहीन रवैया देख अतरसुइया इंस्पेक्टर ने एसपी सिटी विपिन टाडा को मामले की जानकारी दी। एसपी सिटी ने सीएमओ से मामले की शिकायत की। सीएमओ के आदेश पर किशोरी को अस्पताल में भर्ती किया गया।
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शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं डॉ.वीपी सिंह ने खबर को संज्ञान में लेकर डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीरजा बाला से रिपोर्ट मांगी। प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीरजा बाला ने एडी हेल्थ के आदेश पर जांच के लिए डॉ. मनीषा और डॉ. वंदना के नेतृत्व में दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी से तीन दिन में रिपोर्ट देगी। आरोपी महिला डॉक्टर के खिलाफ जांच शुरू होने से अस्पताल में खलबली मची है।
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रेप पीड़िता से डफरिन अस्पताल में बदसलूकी के धमकाने के मामले की शिकायत सीएमओ से की गई है। एसपी सिटी ने शुक्रवार को इस मामले की रिपोर्ट सीएमओ को दी। एसपी सिटी ने शिकायत में आरोपी महिला डॉक्टर का नाम नहीं दिया है। इससे पुलिस की मंशा पर सवाल उठते हैं कि आखिर पुलिस ने महिला डॉक्टर का नाम क्यों हटाया। एसपी सिटी विपिन टाडा का कहना है कि सीएमओ से शिकायत की है। महिला डॉक्टर का नाम नहीं पता चला था। जांच में खुद ही नाम सामने आ जाएगा। वहीं डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीरजा बाला का कहना है कि किसने बदसलूकी की है। यह जांच में सामने आएगा।
डफरिन अस्पताल में दिव्यांग रेप पीड़िता किशोरी से संवेदनहीन बर्ताव को डीएम संजय कुमार ने गंभीर मामला माना है। उन्होंने प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश किया है। जिलाधिकारी संजय कुमार ने एडीएम सिटी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। एडीएम पुनीत शुक्ला शुक्रवार को डफरिन अस्पताल जांच के लिए पहुंचे भी। उन्होंने कर्मचारियों और डॉक्टरों से मामले की बाबत जानकारी ली।