{"_id":"5adf835a4f1c1b85028b6435","slug":"rage-provoked-by-police-s-negligent-attitude","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस के लापरवाही भरे रवैये से भड़का आक्रोश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस के लापरवाही भरे रवैये से भड़का आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 25 Apr 2018 01:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली क्षेत्र के खरकौनी गांव में आठवीं के छात्र की हत्या के बाद लोग खासे आक्रोशित दिखे। खासतौर से स्थानीय पुलिस के रवैये को लेकर उनमें जबरदस्त नाराजगी थी। परिजनों का भी कहना था कि सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने तेजी दिखाई होती तो शायद अनिकेत जिंदा होता। इस दौरान कई बार पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक भी हुई।
नैनी कोतवाली के खरकौनी गांव निवासी फूल कारोबारी अशोक के तीन बेटों में अनिकेत छोटा था। शालू, पोप उसके दो अन्य बेटे हैं। छोटा होने के कारण अनिकेत ज्यादा दुलारा था। उसकी लाश मिलने की खबर मिली तो परिजनों में चीत्कार मच गया। स्थानीय लोग भी जुट गए। इसके बाद शव घर लाया जाने लगा तो आक्रोशित लोगों ने जेल रोड तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिसकर्मियों ने शव कब्जे में लेने की कोशिश की तो लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। उनकी जमकर नोकझोंक भी हुई जिससे स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। लोगों में गुस्सा खासतौर से पुलिस के रवैये को लेकर था। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि गुमशुदगी रात मेें ही दर्ज हो गई थी। इसके बावजूद पुलिस अलर्ट नहीं हुई। न ही उसे खोजने की कोशिश की। पुलिस ने जरा भी तेजी दिखाई होती तो शायद अनिकेत जिंंदा होता। सूचना पर पहुंची अफसरों ने किसी तरह मान-मनौव्वल की। हालांकि लोग मानने को तैयार नहीं थे। बाद में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर अफसरों ने लोगों को मनाया गया और तब जाकर जाम खत्म हुआ। इससे पहले तनाव बढ़ता देख घटनास्थल पर पीएसी भी बुला ली गई। मौके पर खटिक समाज के अध्यक्ष पूर्व पार्षद वीरेंद्र सोनकर भी पहुंचे।
खरकौनी गांव के लापता छात्र अनिकेत की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने नैनी कोतवाल को हटाए जाने की भी मांग की। एसपी यमुनापार ने उग्र लोगों को जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए शांत कराया। परिजनों का आरोप था कि 24 घंटे से वह पुलिस की मदद मांग रहे थे पर पुलिस ने एक नहीं सुनी।
विज्ञापन
लापता छात्र की हत्या के बाद पेशी से लौट रहे सेंट्रल जेल का बंदी वाहन दो घंटे हंगामे के बीच फंसा रहा। पुलिस ने बंदी वाहन को निकलवाने का प्रयास किया तो पब्लिक उग्र हो गई। किसी तरह लोगों को शांत कराते हुए बंदियों की गाड़ी को निकाला गया। इस दौरान यातायात भी बाधित रहा।
खरकौनी गांव के छात्र अनिकेत के मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। परिजनों की मानें तो उसने एक दोस्त से पूछा तो उसने कहा वह खेलने ही नहीं आया जब कि दूसरे ने कहा अनिकेत शाम को इलाहाबाद के सिविल लाइंस में देखा गया था। इन बातों के बीच क्या सच्चाई है इस बात को लेकर पुलिस भी उलझी हुई है। अनिकेत की हत्या के बाद परिजनों ने एडीएम प्रशासन से डॉक्टरो के पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की। इस पर एडीएम प्रशासन ने परिजनों को अस्वस्त किया कि पोस्टमार्टम पैनल से ही कराया जाएगा। इसके बाद परिजन लाश छोडने के लिए राजी हुए।
विज्ञापन
नैनी कोतवाली के खरकौनी गांव निवासी फूल कारोबारी अशोक के तीन बेटों में अनिकेत छोटा था। शालू, पोप उसके दो अन्य बेटे हैं। छोटा होने के कारण अनिकेत ज्यादा दुलारा था। उसकी लाश मिलने की खबर मिली तो परिजनों में चीत्कार मच गया। स्थानीय लोग भी जुट गए। इसके बाद शव घर लाया जाने लगा तो आक्रोशित लोगों ने जेल रोड तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिसकर्मियों ने शव कब्जे में लेने की कोशिश की तो लोगों का गुस्सा और भड़क उठा। उनकी जमकर नोकझोंक भी हुई जिससे स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। लोगों में गुस्सा खासतौर से पुलिस के रवैये को लेकर था। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि गुमशुदगी रात मेें ही दर्ज हो गई थी। इसके बावजूद पुलिस अलर्ट नहीं हुई। न ही उसे खोजने की कोशिश की। पुलिस ने जरा भी तेजी दिखाई होती तो शायद अनिकेत जिंंदा होता। सूचना पर पहुंची अफसरों ने किसी तरह मान-मनौव्वल की। हालांकि लोग मानने को तैयार नहीं थे। बाद में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर अफसरों ने लोगों को मनाया गया और तब जाकर जाम खत्म हुआ। इससे पहले तनाव बढ़ता देख घटनास्थल पर पीएसी भी बुला ली गई। मौके पर खटिक समाज के अध्यक्ष पूर्व पार्षद वीरेंद्र सोनकर भी पहुंचे।
विज्ञापन
खरकौनी गांव के लापता छात्र अनिकेत की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने नैनी कोतवाल को हटाए जाने की भी मांग की। एसपी यमुनापार ने उग्र लोगों को जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए शांत कराया। परिजनों का आरोप था कि 24 घंटे से वह पुलिस की मदद मांग रहे थे पर पुलिस ने एक नहीं सुनी।
विज्ञापन
लापता छात्र की हत्या के बाद पेशी से लौट रहे सेंट्रल जेल का बंदी वाहन दो घंटे हंगामे के बीच फंसा रहा। पुलिस ने बंदी वाहन को निकलवाने का प्रयास किया तो पब्लिक उग्र हो गई। किसी तरह लोगों को शांत कराते हुए बंदियों की गाड़ी को निकाला गया। इस दौरान यातायात भी बाधित रहा।
खरकौनी गांव के छात्र अनिकेत के मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। परिजनों की मानें तो उसने एक दोस्त से पूछा तो उसने कहा वह खेलने ही नहीं आया जब कि दूसरे ने कहा अनिकेत शाम को इलाहाबाद के सिविल लाइंस में देखा गया था। इन बातों के बीच क्या सच्चाई है इस बात को लेकर पुलिस भी उलझी हुई है। अनिकेत की हत्या के बाद परिजनों ने एडीएम प्रशासन से डॉक्टरो के पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की। इस पर एडीएम प्रशासन ने परिजनों को अस्वस्त किया कि पोस्टमार्टम पैनल से ही कराया जाएगा। इसके बाद परिजन लाश छोडने के लिए राजी हुए।