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आरएएफ के सिपाही ने खुद को गोली से उड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 05 May 2016 02:23 AM IST
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सिपाही ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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थरवई में आरएएफ की 101 बटालियन में मंगलवार देर रात सिपाही मनोज कुमार ने खुद को राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। भोर में दूसरे सिपाही ने उसे खून से लथपथ पड़ा देखा तो अफसरों को बताया। फिर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। खबर पाकर संत कबीर नगर से परिवार के लोग आ गए। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि सिपाही ने घरेलू कलह में जान दी है।
रैपिड एक्शन फोर्स का सिपाही मनोज कुमार यादव (35) संत कबीर नगर के धनघटा इलाके में रहने वाले भालचंद्र यादव का पुत्र था। वह चार बेटों और दो बेटियों में पांचवें नंबर पर था। मनोज की पत्नी पूनम, पांच साल की बेटी बुलबुल और 14 महीने का बेटा अध्ययन है। उसकी पोस्टिंग इसी साल 10 फरवरी को थरवई में पड़िला स्थित आरएएफ की 101 बटालियन में हुई थी। फिर उसे मार्च में एक महीने के लिए ट्रेनिंग पर मध्य प्रदेश के नीमच में भेज दिया गया था।
वहां से लौटने के बाद उसे बलिया में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में ड्यूटी पर भेजा गया। मंगलवार शाम ही वह बलिया से लौटा था। रात में उसे बटालियन में निगरानी ड्यूटी पर लगाया गया था। भोर में करीब सवा चार बजे एक सिपाही उधर पहुंचा तो मनोज को लहूलुहान पड़ा देखा। राइफल भी वहीं पड़ी थी। उसने शोर मचाया तो दूसरे सिपाही और अफसर आ गए। डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार ने थरवई थाने में सूचना दी तो पुलिस भी आ गई। मनोज की ठुड्डी के नीचे गोली लगी थी।
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उसकी मौत हो चुकी थी। ऑटोमेटिक राइफल चेक करने पर पता चला कि उससे दो फायर हुए थे। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद पुलिस ने माना कि सिपाही मनोज ने खुद राइफल से गोली मारकर जान दी है। खबर पाकर संत कबीर नगर से मनोज के भाई अशोक कुमार समेत परिवार और रिश्ते के लोग रोते-कलपते आ गए। अशोक ने बताया कि मनोज होली पर घर आया था। पांच दिन पहले उससे फोन पर बात की थी लेकिन तब भी उसने ऐसी कोई बात नहीं की थी जिससे लगता कि वह किसी परेशानी में है॥ उसकी पत्नी पूनम से बात नहीं हो सकी है क्योंकि वह तो पता चलने के बाद से ही विलाप कर रही है। ऐसे में खुदकुशी का कारण साफ नहीं है। हालांकि आरएएफ 101 बटालियन के सेनानायक दिनेश सिंह चंदेल कहा कि मनोज ने घरेलू कलह की वजह से आत्महत्या की है।
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रैपिड एक्शन फोर्स का सिपाही मनोज कुमार यादव (35) संत कबीर नगर के धनघटा इलाके में रहने वाले भालचंद्र यादव का पुत्र था। वह चार बेटों और दो बेटियों में पांचवें नंबर पर था। मनोज की पत्नी पूनम, पांच साल की बेटी बुलबुल और 14 महीने का बेटा अध्ययन है। उसकी पोस्टिंग इसी साल 10 फरवरी को थरवई में पड़िला स्थित आरएएफ की 101 बटालियन में हुई थी। फिर उसे मार्च में एक महीने के लिए ट्रेनिंग पर मध्य प्रदेश के नीमच में भेज दिया गया था।
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वहां से लौटने के बाद उसे बलिया में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में ड्यूटी पर भेजा गया। मंगलवार शाम ही वह बलिया से लौटा था। रात में उसे बटालियन में निगरानी ड्यूटी पर लगाया गया था। भोर में करीब सवा चार बजे एक सिपाही उधर पहुंचा तो मनोज को लहूलुहान पड़ा देखा। राइफल भी वहीं पड़ी थी। उसने शोर मचाया तो दूसरे सिपाही और अफसर आ गए। डिप्टी कमांडेंट दीपक कुमार ने थरवई थाने में सूचना दी तो पुलिस भी आ गई। मनोज की ठुड्डी के नीचे गोली लगी थी।
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उसकी मौत हो चुकी थी। ऑटोमेटिक राइफल चेक करने पर पता चला कि उससे दो फायर हुए थे। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद पुलिस ने माना कि सिपाही मनोज ने खुद राइफल से गोली मारकर जान दी है। खबर पाकर संत कबीर नगर से मनोज के भाई अशोक कुमार समेत परिवार और रिश्ते के लोग रोते-कलपते आ गए। अशोक ने बताया कि मनोज होली पर घर आया था। पांच दिन पहले उससे फोन पर बात की थी लेकिन तब भी उसने ऐसी कोई बात नहीं की थी जिससे लगता कि वह किसी परेशानी में है॥ उसकी पत्नी पूनम से बात नहीं हो सकी है क्योंकि वह तो पता चलने के बाद से ही विलाप कर रही है। ऐसे में खुदकुशी का कारण साफ नहीं है। हालांकि आरएएफ 101 बटालियन के सेनानायक दिनेश सिंह चंदेल कहा कि मनोज ने घरेलू कलह की वजह से आत्महत्या की है।