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दोस्त निकला पंकज का हत्यारा, गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 19 Sep 2017 01:08 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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कैंट थाना क्षेत्र में मिलिट्री फार्म हाउस के पास पिछले हफ्ते ठेकेदार पंकज पोरवाल की हत्या का खुलासा हो गया है। दो लाख रुपये के ब्याज के विवाद में उसके दोस्त ने ही उसका कत्ल किया था। ब्लाइंड मर्डर में पुलिस को सबसे बड़ा सुराग पंकज के मोबाइल में आई आखिरी कॉल से मिला था। हत्या के आरोप में कौशाम्बी के प्रमोद यादव को गिरफ्तार किया गया है। हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
आदर्श नगर करेली निवासी पंकज पोरवाल की 14 सितंबर की रात मिलिट्री फार्म के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी समेत घरवालों ने उसकी किसी से भी दुश्मनी से इनकार किया था। पुलिस ने उसके मोबाइल पर आई अंतिम चार काल करने वाले संदिग्धों की लिस्ट बनाई और जांच शुरू की तो पता चला कि पंकज एक ठेकेदार के आफिस में सुपरवाइजर था और ब्याज पर रुपये चलाने का भी काम करता था।
इसी एंगल पर जांच आगे बढ़ी और आखिरी कॉल करने वाले प्रमोद यादव निवासी पिपरी, कौशांबी को पकड़ लिया गया। प्रमोद छह महीने पहले तक मिलिट्री फार्म में चौकीदारी करता था। पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उसने पंकज से दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। वह लगातार ब्याज दे रहा था, लेकिन कर्ज चुकता नहीं कर पा रहा था। किसी महीने ब्याज न देने पर रकम और बढ़ जाती। पंकज लगातार पैसे के लिए उस पर दबाव बना रहा था। वह पूरी तरह ऊब गया था। इंस्पेक्टर कैंट आरएस रावत ने बताया कि आजिज आकर प्रमोद ने पैसे देने के नाम पर पंकज को मिलिट्री फार्म हाउस के पास बुलवाया। वहीं पर उसे गोली मार दी और भाग निकला। पुलिस ने तमंचा बरामद कर लिया है।
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आदर्श नगर करेली निवासी पंकज पोरवाल की 14 सितंबर की रात मिलिट्री फार्म के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी समेत घरवालों ने उसकी किसी से भी दुश्मनी से इनकार किया था। पुलिस ने उसके मोबाइल पर आई अंतिम चार काल करने वाले संदिग्धों की लिस्ट बनाई और जांच शुरू की तो पता चला कि पंकज एक ठेकेदार के आफिस में सुपरवाइजर था और ब्याज पर रुपये चलाने का भी काम करता था।
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इसी एंगल पर जांच आगे बढ़ी और आखिरी कॉल करने वाले प्रमोद यादव निवासी पिपरी, कौशांबी को पकड़ लिया गया। प्रमोद छह महीने पहले तक मिलिट्री फार्म में चौकीदारी करता था। पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उसने पंकज से दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। वह लगातार ब्याज दे रहा था, लेकिन कर्ज चुकता नहीं कर पा रहा था। किसी महीने ब्याज न देने पर रकम और बढ़ जाती। पंकज लगातार पैसे के लिए उस पर दबाव बना रहा था। वह पूरी तरह ऊब गया था। इंस्पेक्टर कैंट आरएस रावत ने बताया कि आजिज आकर प्रमोद ने पैसे देने के नाम पर पंकज को मिलिट्री फार्म हाउस के पास बुलवाया। वहीं पर उसे गोली मार दी और भाग निकला। पुलिस ने तमंचा बरामद कर लिया है।
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