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कोई भाग न सके, इसलिए लगा दिया था ताला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:27 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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धूमनगंज के पीपलगंाव में हुई घटना को फिलहाल आक्रोश में उठाया कदम माना जा रहा है। हालांकि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया, उससे पता चलता है कि मनोज ने पहले से काफी प्लानिंग कर रखी थी। कोई मौके से भाग न सके, इसके लिए ही उसने दरवाजा बंद कर भीतर से ताला लगा दिया था। दरवाजा तोड़ने के बाद भीतर का जो नजरा दिखा, उसे देख पुलिसकर्मी भी स्तब्ध थे। पुलिस के मुताबिक कमरे में भीतर से दरवाजे पर ताला बंद किया गया था और चाबी आलमारी पर रखी हुई थी।
सबसे खास बात यह थी कि भीतर से दरवाजे से सटाकर चारपाई भी रखी गई थी। पुलिस का मानना है कि घटनास्थल के जो हालात थे, उससे साफ था कि मनोज ने घटना को अंजाम देने से पहले ही सबकुछ सोच रखा था। माना जा रहा है कि उसने दरवाजे मेें ताला इसलिए लगाया कि वारदात के समय कोई भाग न सके। इसके साथ ही उसने टीवी ऑन करके उसकी आवाज भी काफी तेज कर दी थी। पुलिस का मानना है कि ऐसा उसने इसलिए कि ताकि घटना के समय कोई चीखे तो उसकी आवाज बाहर न जा सके। इसके साथ ही चारपाई दरवाजे से सटाकर रखने के बाबत अनुमान लगाया जा रहा है कि चीख पुकार मचने या शक होने पर कोई भीतर न आ सके, इसके लिए उसने ऐसा किया। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि फिलहाल अनुमान के मुताबिक ही सब कहा जा सकता है। जांच की जा रही है।
एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मौके पर फिलहाल किसी तरह के खून के धब्बे नहीं मिले हैं। सिर्फ एक बच्ची की नाक से कुछ खून बहा हुआ मिला था। हो सकता है कि गला कस जाने के कारण ऐसा हुआ। और किसी तरह के खून के धब्बे के निशान नहीं मिले हैं। महिला की लाश के पास भी किसी तरह के खून बहने की बात सामने नहीं आई है।
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सबसे खास बात यह थी कि भीतर से दरवाजे से सटाकर चारपाई भी रखी गई थी। पुलिस का मानना है कि घटनास्थल के जो हालात थे, उससे साफ था कि मनोज ने घटना को अंजाम देने से पहले ही सबकुछ सोच रखा था। माना जा रहा है कि उसने दरवाजे मेें ताला इसलिए लगाया कि वारदात के समय कोई भाग न सके। इसके साथ ही उसने टीवी ऑन करके उसकी आवाज भी काफी तेज कर दी थी। पुलिस का मानना है कि ऐसा उसने इसलिए कि ताकि घटना के समय कोई चीखे तो उसकी आवाज बाहर न जा सके। इसके साथ ही चारपाई दरवाजे से सटाकर रखने के बाबत अनुमान लगाया जा रहा है कि चीख पुकार मचने या शक होने पर कोई भीतर न आ सके, इसके लिए उसने ऐसा किया। धूमनगंज पुलिस का कहना है कि फिलहाल अनुमान के मुताबिक ही सब कहा जा सकता है। जांच की जा रही है।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मौके पर फिलहाल किसी तरह के खून के धब्बे नहीं मिले हैं। सिर्फ एक बच्ची की नाक से कुछ खून बहा हुआ मिला था। हो सकता है कि गला कस जाने के कारण ऐसा हुआ। और किसी तरह के खून के धब्बे के निशान नहीं मिले हैं। महिला की लाश के पास भी किसी तरह के खून बहने की बात सामने नहीं आई है।
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