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एक्सिस बैंक घोटाले में अब तक 24 अफसर नपे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 03 Aug 2017 02:00 AM IST
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axis bank and max newyork life insurance logo
- फोटो : file photo
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एक्सिस बैंक में शुआट्स के खाते से कई करोड़ के गबन की जांच कर रही विशेष जांच प्रकोष्ठ (एसआईटी) के सामने मुंबई से आए बैंक के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट मलप्पा ने खुलासा किया कि प्रबंधन ने इस प्रकरण में अब तक 24 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से आठ अफसरों को बर्खास्त किया जा चुका है। कार्रवाई के डर से चार अफसरों ने नौकरी छोड़ दी थी। छह अफसरों को निलंबित किया जा चुका है। इनके अलावा चार और अफसरों को चार्जशीट थमाई जा चुकी है। किस ने कितना अपराध किया है, इस बारे में हाईपावर कमेटी की ओर से विस्तृत जांच की जा रही है। बैंक में हुए इस गबन की ईडी और आयकर विभाग को भी जानकारी दे दी गई है।
पलिस लाइन में एसपी क्राइम बीके मिश्रा और सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्रा के सामने बैंक के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट मलप्पा देर शाम साढ़े सात बजे पेश हुए थे। उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ होती रही। इस बारे में गुरुवार को भी पूछताछ की जाएगी। बैंक की ओर से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा लिया गया है। इन सभी को हाईकोर्ट के आदे्श पर गठित की गई विशेष जांच टीम भी सीआरपीसी की धारा 160 के तहत जांच में सहयोग के लिए तलब करेगी।
बैंक की ओर से गबन के आरोप में हटाए गए 12 कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर अपना अपना बयान दर्ज कराने के लिए सीआरपीसी की धारा 160 के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है। एसपी क्राइम का कहना है कि शुआट्स के मामले में वहां के लेखाकार राजेश कुमार की गिरफ्तारी होने पर ही पूरी स्थिति साफ होगी। राजेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमों ने उसके ठिकानों पर दबिश दी। कुर्की के लिए एक दो दिन में आवेदन होगा।
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‘बैंक के वाइस प्रेसिंडेंट के बयान से जांच में काफी मदद मिली है। राजेश की गिरफ्तारी से और स्थिति साफ होगी। इसीलिए अब राजेश को गिरफ्तार करने पर जोर है।’ बीके मिश्रा, एसपी क्राइम
‘जांच में एसआईटी को शुआट्स की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। बैंक में 23. 50 करोड़ रुपयों का गबन हुआ है। हमको ब्याज सहित यह रकम चाहिए। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट में भी पैरवी की जाएगी।’ रोबिन प्रसाद, कुलसचिव शुआट्स
सीजेएम रेशमा प्रवीण ने शुआट्स संस्थान के निदेशक की अर्जी पर एक्सिस बैंक के मैनेजर योगेश बाजपेई सहित छह अन्य के खिलाफ विवेचना करने का आदेश दिया है। जिसमें बैंक मैनेजर, अधिकारियों और कर्मचारियों पर जालसाजी करके स्वयं चेकों से रुपये निकाल लेने का आरोप लगाया गया है। यह आदेश सीजेएम रेशमा प्रवीण ने दिया है।
शुआट्स की निदेशक शैरी सालोमन ने एक्सिस बैंक के मैनेजर योगेश बाजपेयी, मसूद अब्बास, तत्कालीन मैनेजर जावेद, डिप्टी मैनेजर कमाल एहसान, शुआट्स के वित्त विभाग के कर्मचारी राजेश कुमार, और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की अर्जी दी है। जिसमें संस्था के खातों से मैनेजर कमाल एहसान और अन्य कर्मचारियों से मिलकर करोड़ों रुपये निकाल लिए हैं। एक्सिस बैंक के मैनेजर योगेश कुमार अपने अधिकारियों के साथ संस्थान के कैंप कार्यालय लखनऊ में कुलपति से नौ मार्च को मिल कर जानकारी दी थी। उसी समय शुआट्स के लेखाकार राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया था। हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई है। जांच कराई गई है। जिसमें पता चला है कि एक्सिस बैंक ने संस्थान को खाते का फर्जी विवरण उपलब्ध कराया है। संस्थान के तीनों बैंक खातों से बैंक मैनेजरों ,अधिकारियों, कर्मचारियों के मिली भगत से जालसाजी और फर्जीवाड़ा करके स्वयं कूटरचित चेकों के द्वारा अनाधिकृत रुप से 2013 से 2017 तक 23 अरब से ज्यादा रुपए निकाल लिए हैं।
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पलिस लाइन में एसपी क्राइम बीके मिश्रा और सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्रा के सामने बैंक के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट मलप्पा देर शाम साढ़े सात बजे पेश हुए थे। उनसे करीब तीन घंटे तक पूछताछ होती रही। इस बारे में गुरुवार को भी पूछताछ की जाएगी। बैंक की ओर से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा लिया गया है। इन सभी को हाईकोर्ट के आदे्श पर गठित की गई विशेष जांच टीम भी सीआरपीसी की धारा 160 के तहत जांच में सहयोग के लिए तलब करेगी।
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बैंक की ओर से गबन के आरोप में हटाए गए 12 कर्मचारियों को तीन दिन के अंदर अपना अपना बयान दर्ज कराने के लिए सीआरपीसी की धारा 160 के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है। एसपी क्राइम का कहना है कि शुआट्स के मामले में वहां के लेखाकार राजेश कुमार की गिरफ्तारी होने पर ही पूरी स्थिति साफ होगी। राजेश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमों ने उसके ठिकानों पर दबिश दी। कुर्की के लिए एक दो दिन में आवेदन होगा।
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‘बैंक के वाइस प्रेसिंडेंट के बयान से जांच में काफी मदद मिली है। राजेश की गिरफ्तारी से और स्थिति साफ होगी। इसीलिए अब राजेश को गिरफ्तार करने पर जोर है।’ बीके मिश्रा, एसपी क्राइम
‘जांच में एसआईटी को शुआट्स की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। बैंक में 23. 50 करोड़ रुपयों का गबन हुआ है। हमको ब्याज सहित यह रकम चाहिए। जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट में भी पैरवी की जाएगी।’ रोबिन प्रसाद, कुलसचिव शुआट्स
सीजेएम रेशमा प्रवीण ने शुआट्स संस्थान के निदेशक की अर्जी पर एक्सिस बैंक के मैनेजर योगेश बाजपेई सहित छह अन्य के खिलाफ विवेचना करने का आदेश दिया है। जिसमें बैंक मैनेजर, अधिकारियों और कर्मचारियों पर जालसाजी करके स्वयं चेकों से रुपये निकाल लेने का आरोप लगाया गया है। यह आदेश सीजेएम रेशमा प्रवीण ने दिया है।
शुआट्स की निदेशक शैरी सालोमन ने एक्सिस बैंक के मैनेजर योगेश बाजपेयी, मसूद अब्बास, तत्कालीन मैनेजर जावेद, डिप्टी मैनेजर कमाल एहसान, शुआट्स के वित्त विभाग के कर्मचारी राजेश कुमार, और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की अर्जी दी है। जिसमें संस्था के खातों से मैनेजर कमाल एहसान और अन्य कर्मचारियों से मिलकर करोड़ों रुपये निकाल लिए हैं। एक्सिस बैंक के मैनेजर योगेश कुमार अपने अधिकारियों के साथ संस्थान के कैंप कार्यालय लखनऊ में कुलपति से नौ मार्च को मिल कर जानकारी दी थी। उसी समय शुआट्स के लेखाकार राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया था। हाईकोर्ट के सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई गई है। जांच कराई गई है। जिसमें पता चला है कि एक्सिस बैंक ने संस्थान को खाते का फर्जी विवरण उपलब्ध कराया है। संस्थान के तीनों बैंक खातों से बैंक मैनेजरों ,अधिकारियों, कर्मचारियों के मिली भगत से जालसाजी और फर्जीवाड़ा करके स्वयं कूटरचित चेकों के द्वारा अनाधिकृत रुप से 2013 से 2017 तक 23 अरब से ज्यादा रुपए निकाल लिए हैं।