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मां-बेटे की मौत, ट्रक में तोड़फोड़, हाइवे पर जाम
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 19 Apr 2017 01:27 AM IST
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यमुनापार इलाके में मंगलवार सुबह मेजा रोड चौराहे पर बेकाबू ट्रक ने साइकिल सवार महिला और उसके दो साल के बेटे को रौंद दिया। महिला का पति दूसरी तरफ गिरने से बच गया। पुलिस ने ड्राइवर को पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ के बाद आग लगाने की कोशिश की। कई अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाते हुए चक्काजाम कर दिया। तीन घंटे बाद एसडीएम से आर्थिक मदद का भरोसा मिलने के बाद भीड़ हटी तो पुलिस ने शवों को चीरघर भेजा।
पौसिया चौहान गांव निवासी विजय पटेल मजदूरी कर पत्नी वंदना पटेल (23) और दो साल के बेटे गोलू के साथ गुजारा कर रहा था। उसके पुत्र गोलू को कई दिन से बुखार था। दवा से फायदा नहीं हुआ तो विजय ने बेटे गोलू को बजहा स्थित उसकी ननिहाल ले जाकर झाड़-फूंक कराने की सोची। सोमवार शाम वह साइकिल पर बेटे और पत्नी को लेकर बजहा पहुंच गया। रात में वह ससुराल में ठहरा। मंगलवार सुबह झाड़-फूंक कराने के बाद वह बेटे और पत्नी को लेकर घर के लिए रवाना हुआ। करीब साढ़े सात बजे वे तीनों मेजा रोड चौराहे पर कोरांव मार्ग पर पहुंचे तभी पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। विजय सड़क पटरी पर गिरा जबकि वंदना बेटे गोलू समेत ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गई। उन दोनों का शरीर क्षतविक्षत हो गया। वहां भीड़ लगी तो मेजा रोड चौकी प्रभारी शिखर उपाध्याय भी पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल से भाग रहे ट्रक को रोका तो ड्राइवर उतरकर भागने लगा। उसे पकड़कर पुलिस ने मेजा थाने ले जाकर हवालात में डाल दिया।
शव देख भड़के लोग, तोड़फोड़ और पथराव
इसी बीच खबर पाकर पौसिया चौहान गांव से विजय के परिवार के लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण आ गए। मां-बेटे का शव देखकर लोग भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ के बाद आग लगाने की कोशिश की तो पुलिस बल ने किसी तरह उन्हें काबू में किया। भीड़ ने पथराव किया जिससे कई कार-जीप के कांच चूर हो गए। इसके बाद करीब सवा आठ बजे मिर्जापुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सीओ मेजा रविशंकर प्रसाद कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ आ गए। पुलिस ने बताया कि ड्राइवर पकड़ा गया है लेकिन लोगों ने कहा कि उसे सामने लाया जाए तभी उन्हें भरोसा होगा। एसडीएम को भी बुलाने की मांग की। करीब सवा ग्यारह बजे शहर से एसडीएम मेजा राकेश गुप्ता ने आकर 30 हजार रुपये नगद फौरन देने की बात कही। साथ ही दूसरी कल्याणकारी योजनाओं से लाभ का भरोसा दिया। लोगों की मांग पर वंदना की मां शीतला देवी को भी सहायता का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण शांत हुए तो पुलिस ने वंदना और गोलू के शवों को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। चक्काजाम से मिर्जापुर मार्ग पर करीब चार घंटे तक आवाजाही ठप रही।
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पौसिया चौहान गांव निवासी विजय पटेल मजदूरी कर पत्नी वंदना पटेल (23) और दो साल के बेटे गोलू के साथ गुजारा कर रहा था। उसके पुत्र गोलू को कई दिन से बुखार था। दवा से फायदा नहीं हुआ तो विजय ने बेटे गोलू को बजहा स्थित उसकी ननिहाल ले जाकर झाड़-फूंक कराने की सोची। सोमवार शाम वह साइकिल पर बेटे और पत्नी को लेकर बजहा पहुंच गया। रात में वह ससुराल में ठहरा। मंगलवार सुबह झाड़-फूंक कराने के बाद वह बेटे और पत्नी को लेकर घर के लिए रवाना हुआ। करीब साढ़े सात बजे वे तीनों मेजा रोड चौराहे पर कोरांव मार्ग पर पहुंचे तभी पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। विजय सड़क पटरी पर गिरा जबकि वंदना बेटे गोलू समेत ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गई। उन दोनों का शरीर क्षतविक्षत हो गया। वहां भीड़ लगी तो मेजा रोड चौकी प्रभारी शिखर उपाध्याय भी पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल से भाग रहे ट्रक को रोका तो ड्राइवर उतरकर भागने लगा। उसे पकड़कर पुलिस ने मेजा थाने ले जाकर हवालात में डाल दिया।
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शव देख भड़के लोग, तोड़फोड़ और पथराव
इसी बीच खबर पाकर पौसिया चौहान गांव से विजय के परिवार के लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण आ गए। मां-बेटे का शव देखकर लोग भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने ट्रक में तोड़फोड़ के बाद आग लगाने की कोशिश की तो पुलिस बल ने किसी तरह उन्हें काबू में किया। भीड़ ने पथराव किया जिससे कई कार-जीप के कांच चूर हो गए। इसके बाद करीब सवा आठ बजे मिर्जापुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सीओ मेजा रविशंकर प्रसाद कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ आ गए। पुलिस ने बताया कि ड्राइवर पकड़ा गया है लेकिन लोगों ने कहा कि उसे सामने लाया जाए तभी उन्हें भरोसा होगा। एसडीएम को भी बुलाने की मांग की। करीब सवा ग्यारह बजे शहर से एसडीएम मेजा राकेश गुप्ता ने आकर 30 हजार रुपये नगद फौरन देने की बात कही। साथ ही दूसरी कल्याणकारी योजनाओं से लाभ का भरोसा दिया। लोगों की मांग पर वंदना की मां शीतला देवी को भी सहायता का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण शांत हुए तो पुलिस ने वंदना और गोलू के शवों को सीलकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। चक्काजाम से मिर्जापुर मार्ग पर करीब चार घंटे तक आवाजाही ठप रही।
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