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मासूमों को मारते हुए कैसे नहीं कांपे मनोज के हाथ

Tue, 21 Aug 2018 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 21 Aug 2018 02:27 AM IST
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Manoj's hands do not tremble while killing innocent people
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
एक साथ पांच लोगों की मौत की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। कुछ ही देर में वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। गांववाले भी स्तब्ध दिखे। वह इस बात की चर्चा करते रहे कि आखिर मासूमों को मारते हुए कैसे मनोज के हाथ नहीं कांपे। उधर, पिता गुलाब का भी रो-रोकर बुरा हाल था। रात नौ बजे के करीब सूचना मिली तो धूमनगंज पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा भीतर से बंद था, ऐसे में अफसरों को सूचना दी गई। करीब आधे घंटे बाद सीओ श्रीश्चंद भी पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो घटना की जानकारी हुई। एक साथ पांच लोगों की मौत की खबर पर गांव में सनसनी फैल गई। देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। लोग स्तब्ध थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर यह घटना कैसे हो गई। जांच पड़ताल के बाद सामने आई कि मनोज ने ही पत्नी व बच्चियों की हत्या की है, तो गांववालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। गांववाले खुलकर कुछ बोलने से इंकार करते रहे। हालांकि दबी जुबान में उनके बीच चर्चा रही कि मनोज व उसकी पत्नी के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे। दोनों के बीच आए दिन कलह होती थी। लेकिन किसी को इस बात का अंदेशा तक नहीं था कि वह इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकता है। कुछ महिलाएं इस बात की भी चर्चा करती रहीं कि आखिर मासूमों को मारते वक्त मनोज के हाथ कैसे नहीं कांपे।
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मौके पर भीड़ हर बीतते पल के साथ बढ़ती जा रही थी। हर कोई घर के भीतर जाकर मौके के हालात देखना चाहता था। पुलिस को लोगों को घर से दूर रखने में काफी कठिनाई आ रही थीं। उधर उच्चाधिकारियों के मौका मुआयना करने के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाने की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस शवों को ले जाने वाली थी कि तभी गुलाबचंद ने बिलखते हुए कहा कि उसे एक बार उसके बहू-बेटे व पोतियाें का चेहरा दिखा दिया जाए। इस पुलिस उसे उस कमरे में ले गई जहां लाश पड़ी हुई थी। मृत पड़ी पोतियों व बेटे-बहू को देखते ही गुलाबचंद फूट-फूटकर रोने लगा। पुलिस किसी तरह उसे बाहर ले आई। बूढ़े पिता की हालत देख सभी की भी आंखें भर आईं।
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