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कानपुर से मिला मालदा गिरोह का क्लू
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 03 May 2018 01:15 AM IST
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सिविल लाइंस स्थित यूको बैंक में करोड़ों की चोरी के मामले में शक के दायरे में आए मालदा गिरोह का क्लू कानपुर से मिला है। कानपुर पुलिस ने वहां यूनियन बैंक में ठीक इसी तरह की एक घटना को मार्च में खुलासा किया था। वहां मालदा गिरोह के लोग पकड़े गए थे। उन लोगों ने बताया था कि इलाहाबाद समेत कई जिलों में बैंकों में चोरी के लिए उनके गिरोह ने रेकी की है। मालदा गिरोह के कृष्णा रविदास और उदवा को नहीं पकड़ा जा सका था। कृष्णा ही लॉकर काटने का एक्सपर्ट है। अब पुलिस को सबसे बड़ी तलाश कृष्णा की ही है। कानपुर से एक इंस्पेक्टर मदद के लिए इलाहाबाद आ गए हैं।
कानपुर पुलिस ने मार्च में मालदा गिरोह के राजकुमार शर्मा, मिथुन मंडल और फेंकू बसाक को गिरफ्तार किया था। उनके साथ कानपुर के भी कई स्थानीय पकड़े गए थे। मालदा गिरोह के कृष्णा रविदास और उदवा को अब तक पकड़ा नहीं जा सका है। कानपुर पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही है। पूछताछ में गिरोह के लोगों ने बताया कि प्रदेश के 17 जिलों के 50 से अधिक बैंकों में रेकी की जा चुकी है। यानी उन लोगों ने ऐसे बैंकों को शार्टलिस्ट किया था, जिसमें चोरी हो सकती है। सिर्फ उन्हीं बैंकों को चुना गया था, जिसके पीछे से कोई रास्ता या खुली जगह है। चारों ओर से बंद बैंकों में गिरोह चोरी नहीं करता।
सिविल लाइंस के यूको बैंक में भी सेम उसी पैटर्न पर चोरी हुई तो पुलिस ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया और गिरोह के बारे में जानकारी मांगी। कानपुर में खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी ने गिरोह के बारे में, उनके गांव के बारे में पूरी जानकारी मुहैया कराई है। उनसे पूछताछ में तमाम जानकारी मिली थी। वह भी इलाहाबाद पुलिस को बताई गई है। कानपुर से इंस्पेक्टर कौशलेंद्र सिंह को इलाहाबाद भेजा गया है। बुधवार को इंस्पेक्टर कौशलेंद्र ने मालदा गिरोह के बारे में इलाहाबाद पुलिस को जानकारी दी। बदमाशों ने कानपुर में जिस तरह घटना को अंजाम दिया था, लगभग सब कुछ वैसा ही इलाहाबाद में हुआ है। इसी से पुलिस मानकर चल रही है कि मालदा गिरोह के लोगों ने घटना को अंजाम दिया है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि कानपुर पुलिस से मदद ली जा रही है। वहां से एक टीम यहां आ चुकी है। जिस तरह कानपुर में स्थानीय लोगों की मदद से मालदा गिरोह ने घटना को अंजाम दिया, यहां भी इस बात की संभावना है। पुलिस ने कई लोगों को उठाया है। पूछताछ हो रही है।
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इलाहाबाद। क्राइम ब्रांच की दो टीमें मालदा और झारखंड रवाना हो गई हैं। दरअसल मालदा के एक खास इलाके में गैस कटर से चोरी करने वाले कई गिरोह हैं। इसमें झारखंड के लोग शामिल हैं। कानपुर यूनियन बैंक चोरी में पकड़ा गया फेंकू बसाक झारखंड का ही रहने वाला था। प्रतापगढ़ में गैस कटर से बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया था। हालांकि वह मामला खुल गया है लेकिन उसमें भी मालदा गिरोह शामिल था।
यूको बैंक में करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस की जांच फिलहाल कानपुर में पकड़े गए मालदा गिरोह के इर्द गिर्द ही घूम रही है। क्राइम ब्रांच और पुलिस की दो टीमें मालदा और झारखंड भेज दी गई हैं। पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस से भी मदद मांगी गई है। कानपुर के साथ ही मालदा गिरोह के लोगों ने प्रतापगढ़ में भी एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया था। उसमें भी गिरोह ने स्थानीय लोगों की मदद से गैस कटर से चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस टीम मालदा और झारखंड जाकर और भी गिरोहों के बारे में जानकारी इकट्ठी करेगी। शक के दायरे में आए गिरोह के लोगों की लोकेशन भी ली जाएगी।
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कानपुर पुलिस ने मार्च में मालदा गिरोह के राजकुमार शर्मा, मिथुन मंडल और फेंकू बसाक को गिरफ्तार किया था। उनके साथ कानपुर के भी कई स्थानीय पकड़े गए थे। मालदा गिरोह के कृष्णा रविदास और उदवा को अब तक पकड़ा नहीं जा सका है। कानपुर पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही है। पूछताछ में गिरोह के लोगों ने बताया कि प्रदेश के 17 जिलों के 50 से अधिक बैंकों में रेकी की जा चुकी है। यानी उन लोगों ने ऐसे बैंकों को शार्टलिस्ट किया था, जिसमें चोरी हो सकती है। सिर्फ उन्हीं बैंकों को चुना गया था, जिसके पीछे से कोई रास्ता या खुली जगह है। चारों ओर से बंद बैंकों में गिरोह चोरी नहीं करता।
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सिविल लाइंस के यूको बैंक में भी सेम उसी पैटर्न पर चोरी हुई तो पुलिस ने कानपुर पुलिस से संपर्क किया और गिरोह के बारे में जानकारी मांगी। कानपुर में खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर मनोज रघुवंशी ने गिरोह के बारे में, उनके गांव के बारे में पूरी जानकारी मुहैया कराई है। उनसे पूछताछ में तमाम जानकारी मिली थी। वह भी इलाहाबाद पुलिस को बताई गई है। कानपुर से इंस्पेक्टर कौशलेंद्र सिंह को इलाहाबाद भेजा गया है। बुधवार को इंस्पेक्टर कौशलेंद्र ने मालदा गिरोह के बारे में इलाहाबाद पुलिस को जानकारी दी। बदमाशों ने कानपुर में जिस तरह घटना को अंजाम दिया था, लगभग सब कुछ वैसा ही इलाहाबाद में हुआ है। इसी से पुलिस मानकर चल रही है कि मालदा गिरोह के लोगों ने घटना को अंजाम दिया है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि कानपुर पुलिस से मदद ली जा रही है। वहां से एक टीम यहां आ चुकी है। जिस तरह कानपुर में स्थानीय लोगों की मदद से मालदा गिरोह ने घटना को अंजाम दिया, यहां भी इस बात की संभावना है। पुलिस ने कई लोगों को उठाया है। पूछताछ हो रही है।
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इलाहाबाद। क्राइम ब्रांच की दो टीमें मालदा और झारखंड रवाना हो गई हैं। दरअसल मालदा के एक खास इलाके में गैस कटर से चोरी करने वाले कई गिरोह हैं। इसमें झारखंड के लोग शामिल हैं। कानपुर यूनियन बैंक चोरी में पकड़ा गया फेंकू बसाक झारखंड का ही रहने वाला था। प्रतापगढ़ में गैस कटर से बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया था। हालांकि वह मामला खुल गया है लेकिन उसमें भी मालदा गिरोह शामिल था।
यूको बैंक में करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस की जांच फिलहाल कानपुर में पकड़े गए मालदा गिरोह के इर्द गिर्द ही घूम रही है। क्राइम ब्रांच और पुलिस की दो टीमें मालदा और झारखंड भेज दी गई हैं। पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस से भी मदद मांगी गई है। कानपुर के साथ ही मालदा गिरोह के लोगों ने प्रतापगढ़ में भी एक बड़ी चोरी को अंजाम दिया था। उसमें भी गिरोह ने स्थानीय लोगों की मदद से गैस कटर से चोरी को अंजाम दिया था। पुलिस टीम मालदा और झारखंड जाकर और भी गिरोहों के बारे में जानकारी इकट्ठी करेगी। शक के दायरे में आए गिरोह के लोगों की लोकेशन भी ली जाएगी।