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छोटे भाई के सीने में खंजर भोंका, मौत
अमर उजाला बयूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 24 Aug 2018 02:25 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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थरवई के बहमलपुर बाजार में गुरुवार की सुबह छोटे भाई ने पहनने के लिए अपनी नई जींस नहीं दी तो बड़ा भाई हैवान बन गया। उसने चाकू से छोटे भाई के दिल को निशाना बनाते हुए पांच वार किए और भाग निकला। छोटे को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी युवक की तलाश में पुलिस ने दबिश दी है लेकिन वह नहीं मिला।
बहमलपुर गांव के फूल चन्द्र के तीन बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा सुरेंद्र पासी (25) बुधवार को जींस की नई पैंट खरीदकर लाया था। गुरुवार की सुबह सबसे बड़ा भाई राजेंद्र पासी जींस पहनने लगा तो सुरेंद्र ने मना कर दिया। दोनों में झगड़ा हो गया। सुरेंद्र का कहना था कि नई जींस वह खरीदकर लाया है, इसलिए पहले वह पहनेगा। मारपीट होने लगी तो मां-बाप ने दोनों को छुड़वा दिया। इसी बीच मां राजेंद्र के लिए खाना निकालकर लाई तो वह खाना खाने बैठ गया। कुछ देर बाद सुरेंद्र कमरे में लौटा तो उसे देखकर राजेंद्र गुस्से से आग बबूला हो गया। उसने चाकू से सुरेंद्र के दिल के पास एक दो बार नहीं, पांच बार चाकू घोंप दिया। सुरेंद्र सीना पकड़कर गिर गया। आवाज सुनकर परिजन दौड़े। खून से लथपथ सुरेन्द्र को परिजन डाक्टर के पास ले गए लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, राजेन्द्र पासी कुछ दूर पर खेत में रक्तरंजित चाकू छोड़कर फरार हो गया।
इंस्पेक्टर थरवई अनुसार राजेन्द्र पासी चोरी, लूट आदि मामले में कई बार जेल जा चुका है। फूलचन्द्र का मझला बेटा महेन्द्र पासी भी थरवई के पाण्डेश्वर नाथ मेले मे हुए ट्रिपल मर्डर केस में जेल में बंद है। मौत की सूचना से मां कलावती एवं बहन प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। इधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश दी गई। अभी वह नहीं मिला।
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बहमलपुर गांव के फूल चन्द्र के तीन बेटे हैं। सबसे छोटा बेटा सुरेंद्र पासी (25) बुधवार को जींस की नई पैंट खरीदकर लाया था। गुरुवार की सुबह सबसे बड़ा भाई राजेंद्र पासी जींस पहनने लगा तो सुरेंद्र ने मना कर दिया। दोनों में झगड़ा हो गया। सुरेंद्र का कहना था कि नई जींस वह खरीदकर लाया है, इसलिए पहले वह पहनेगा। मारपीट होने लगी तो मां-बाप ने दोनों को छुड़वा दिया। इसी बीच मां राजेंद्र के लिए खाना निकालकर लाई तो वह खाना खाने बैठ गया। कुछ देर बाद सुरेंद्र कमरे में लौटा तो उसे देखकर राजेंद्र गुस्से से आग बबूला हो गया। उसने चाकू से सुरेंद्र के दिल के पास एक दो बार नहीं, पांच बार चाकू घोंप दिया। सुरेंद्र सीना पकड़कर गिर गया। आवाज सुनकर परिजन दौड़े। खून से लथपथ सुरेन्द्र को परिजन डाक्टर के पास ले गए लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उधर, राजेन्द्र पासी कुछ दूर पर खेत में रक्तरंजित चाकू छोड़कर फरार हो गया।
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इंस्पेक्टर थरवई अनुसार राजेन्द्र पासी चोरी, लूट आदि मामले में कई बार जेल जा चुका है। फूलचन्द्र का मझला बेटा महेन्द्र पासी भी थरवई के पाण्डेश्वर नाथ मेले मे हुए ट्रिपल मर्डर केस में जेल में बंद है। मौत की सूचना से मां कलावती एवं बहन प्रियंका का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। इधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी की तलाश में कई जगह दबिश दी गई। अभी वह नहीं मिला।
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