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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, भर्ती ठप, मरीजों की फजीहत

Thu, 05 Oct 2017 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 05 Oct 2017 01:49 AM IST
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Jr. doctors strike, recruitment stops, pandemic patients
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर बुधवार शाम हड़ताल पर चले गए। प्राचार्य से मिलकर डॉक्टरों ने पुलिस पर बसपा नेता राजेश यादव की हत्या में डॉक्टर मुकुल सिंह और उनके भाई राहुल सिंह का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। नाराज डॉक्टरों ने एसआरएन अस्पताल के गेट के बाहर दवा की दुकानें बंद करा दीं और फिर जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के कारण मरीजों की भर्ती भी ठप हो गई। बड़ी संख्या में एसआरएन और चिल्ड्रेन अस्पताल पहुंचे मरीज इलाज न होने से परेशान होकर लौट गए। अस्पताल परिसर शाम से देर रात तक पुलिस छावनी बना रहा।
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 प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने मामले की जानकारी शासन को देते हुए कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को भी सूचना दी। डीएम ने आंदोलित डॉक्टरों से बातचीत के लिए एडीएम सिटी को अस्पताल भेजा। इससे पहले शाम करीब छह बजे झुंड में आए जूनियर डॉक्टर नारेबाजी करते हुए एसआरएन अस्पताल के गेट पर पहुंचे। वहां सभी मेडिकल स्टोर बंद कराकर प्राचार्य कार्यालय पहुंचे। वहां जूनियर डॉक्टरों ने प्राचार्य डॉ. सिंह को पत्र सौंप कर पुलिस पर तमाम आरोप जडे़। डॉक्टरों ने कहा कि पुलिस मेडिकल कॉलेज के शिक्षक डॉ. राहुल सिंह व डॉ. मुकुल सिंह का उत्पीड़न कर रही है। बसपा नेता की हत्या में उन्हें जबरन फंसाया जा रहा है। डॉ. राहुल आरोपी नहीं हैं फिर भी उन्हें तीन अक्तूबर की रात से चार अक्तूबर की शाम तक थाने में पुलिस बैठाए रही। हड़ताल की चेतावनी देकर एसआरएन आए जूनियर डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया।
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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से एसआरएन की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई। शाम छह बजे से देर रात तक इमरजेंसी पहुंचे मरीजों को लौटा दिया गया। भर्ती बंद होने से मरीज परेशान होकर भटकते रहे। रात में एडीएम सिटी से हुई वार्ता के  बाद उम्मीद बंधी कि जूनियर डॉक्टर काम पर लौटेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एसआरएन अस्पताल परिसर में कई थानों की फोर्स और पीएसी तैनात की गई है। मरीजों के साथ किसी भी व्यक्ति को इमरजेंसी में नहीं जाने दिया गया।एसआरएन अस्पताल में करीब पांच घंटे मरीजों की भर्ती बंद रही। इस बीच वहां एक वाहन से प्रसव पीड़ित महिला को लेकर इमरजेंसी पहुंचे परिजनों ने मिन्नतें कीं तो उस महिला को भर्ती कर गेट बंद कर दिया गया। महिला के परिजन भी बाहर ही खड़े रहे।
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जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का एसआरएन अस्पताल की सेवाओं पर असर न पड़े इसलिए प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बुधवार शाम एक आदेश जारी कर वरिष्ठ चिकित्सकों की छुट्टियां रद कर दीं। जो अवकाश पर थे, उन्हें बुला लिया गया। रात में सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर प्राचार्य ने कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में भर्ती मरीजों और नए मरीजों को भर्ती करने के बारे में चर्चा की। प्राचार्य के मुताबिक निर्णय लिया गया कि मरीजों की भर्ती की जाएगी। जूनियरों डॉक्टरों ने प्राचार्य और एडीएम सिटी से हुई वार्ता के बाद रात 10 बजे एसआरएन अस्पताल परिसर में बैठक की। देर रात तक चली इस बैठक में यह निर्णय लेने में उहापोह की स्थिति रही कि वे काम पर लौटें या कार्य बहिष्कार जारी रखें। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों में व्यवस्था सामान्य हो गई है। जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए हैं।

इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की बुधवार को हुई आकस्मिक सभा में सदस्यों ने डॉ. मुकुल सिंह के मामले पर चर्चा की। अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष डॉ. अनिल शुक्ला ने कहा कि डॉ. सिंह को शक के आधार पर संगीन मामले में नहीं फंसाना चाहिए। सदस्यों ने प्रस्ताव पारित कर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से अनुरोध किया है कि मामले की पूरी जांच की जाए। बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई की जाए तो बसपा नेता की हत्या मामले में सही आरोपी पकड़े जाएंगे। सभा को सचिव डॉ. त्रिभुवन सिंह समेत बड़ी संख्या में डॉक्टर मौजूद रहे।


- जूनियर डॉक्टरों ने वार्ता के बाद रात दस बजे काम शुरू कर दिया है। मरीजों की भर्ती करने का काम नहीं रुका। घटनाक्रम से शासन को अवगत करा दिया गया है। कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को भी जानकारी दी गई है। - डॉ. एसपी सिंह - प्राचार्य एमएलएन मेडिकल कॉलेज
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