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एक लाख रुपये के जाली नोटों समेत तस्कर धराया
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:58 AM IST
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क्राइम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट ने रविवार दोपहर नैनी में एक लाख रुपये के जाली नोटों की खेप के साथ तस्कर अतुल पटेल को गिरफ्तार कर लिया। वह पश्चिम बंगाल से जाली नोट लेकर इलाहाबाद होते हुए रीवा जाते समय पकड़ा गया। वह लाखों रुपये के जाली नोट खपा चुका है।
एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रविवार दोपहर टीम के साथ नैनी के लेप्रोसी मिशन चौराहे पर घेराबंदी कर जाली नोटों के तस्कर अतुल पटेल को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक हजार के सौ जाली नोट यानी एक लाख रुपये के नकली नोट मिले। पकड़ा गया अतुल पड़ोसी जनपद रीवा के मनगवा इलाके सोपी गांव का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि उसके गांव इंदलाल यादव और अरुण पटेल लंबे समय से नकली नोटों की तस्करी में लिप्त हैं। उनके जरिए ही वह भी इसी धंधे में लग गया था। 2013 में वह 70 हजार के जाली नोटों के साथ रीवा में पुलिस के हत्थे चढ़ा। अरुण भी उसके साथ पकड़ा गया था। उनके गिरोह में घूरपुर का भी अरुण पटेल नाम का ही एक और सदस्य यही काम करता है।
वह पिछले साल जाली नोटों के साथ पकड़ा गया था। उसे नैनी जेल भेज दिया गया। अतुल ने बताया कि वह अरुण से मिलने नैनी जेल आता था। उसी दौरान हमीदुर शेख उर्फ हामिद से उसका परिचय हुआ जो जाली नोटों का बड़ा तस्कर है। कुछ समय पहले जेल से छूटने पर हमीदुर ने उसे पश्चिम बंगाल के न्यू फरक्का बुलाया। उसने फरक्का जाकर हमीदुर को 27 हजार असली रुपये दिए तो उसे एक लाख रुपये के जाली नोट मिले। हमीदुर ने दस हजार असली रुपये बैंक खाते में डालने को कहा था। फरक्का से वह ट्रेन से रविवार सुबह ही इलाहाबाद जंक्शन पर उतरा था। टेंपो से वह नैनी पहुंचा तभी एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। उससे पूछताछ में काफी जानकारी मिली।
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एसटीएफ इलाहाबाद यूनिट के उपनिरीक्षक अजय कुमार सिंह ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रविवार दोपहर टीम के साथ नैनी के लेप्रोसी मिशन चौराहे पर घेराबंदी कर जाली नोटों के तस्कर अतुल पटेल को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक हजार के सौ जाली नोट यानी एक लाख रुपये के नकली नोट मिले। पकड़ा गया अतुल पड़ोसी जनपद रीवा के मनगवा इलाके सोपी गांव का रहने वाला है। पूछताछ में उसने बताया कि उसके गांव इंदलाल यादव और अरुण पटेल लंबे समय से नकली नोटों की तस्करी में लिप्त हैं। उनके जरिए ही वह भी इसी धंधे में लग गया था। 2013 में वह 70 हजार के जाली नोटों के साथ रीवा में पुलिस के हत्थे चढ़ा। अरुण भी उसके साथ पकड़ा गया था। उनके गिरोह में घूरपुर का भी अरुण पटेल नाम का ही एक और सदस्य यही काम करता है।
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वह पिछले साल जाली नोटों के साथ पकड़ा गया था। उसे नैनी जेल भेज दिया गया। अतुल ने बताया कि वह अरुण से मिलने नैनी जेल आता था। उसी दौरान हमीदुर शेख उर्फ हामिद से उसका परिचय हुआ जो जाली नोटों का बड़ा तस्कर है। कुछ समय पहले जेल से छूटने पर हमीदुर ने उसे पश्चिम बंगाल के न्यू फरक्का बुलाया। उसने फरक्का जाकर हमीदुर को 27 हजार असली रुपये दिए तो उसे एक लाख रुपये के जाली नोट मिले। हमीदुर ने दस हजार असली रुपये बैंक खाते में डालने को कहा था। फरक्का से वह ट्रेन से रविवार सुबह ही इलाहाबाद जंक्शन पर उतरा था। टेंपो से वह नैनी पहुंचा तभी एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। उससे पूछताछ में काफी जानकारी मिली।
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