फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Give the betel to cool down the fire

बदले की आग को ठंडा करने के लिए दी सुपारी

Thu, 10 Aug 2017 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 10 Aug 2017 02:05 AM IST
विज्ञापन
Give the betel to cool down the fire
गिरफ्तार - फोटो : file photo
सेंट जोंस स्कूल नैनी के वाइस प्रिंसिपल मेहरनोश फ्रेमजी की गोली मारने की सुपारी देने वाला और कोई नहीं बल्कि उन्हीं के कालेज का एक पूर्व कर्मचारी अमित गौड़ निकला। उसने बयान दिया है कि मेहरनोश द्वारा की गई बेइज्जती का बदला के लिए उसने सुपारी दी थी। एक समय मेहरनोश अमित के जूनियर हुआ करते थे। बाद में तरक्की पाकर वह वाइस प्रिंसिपल के पद तक पहुंच गए थे। पुलिस ने अमित के साथ एक शूटर को भी पकड़ा है।  नवाब यूसुफ रोड के रहने वाले मेहनोश फ्रेमजी 31 जुलाई को सेंट जोंस कालेज जा रहे थे, कीडगंज के बांगड़ धर्मशाला के बाद बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें पांच गोलियां मारी थी लेकिन वह बच गए थे। इस मामले में उनकी मां ने अपने ही भाई और उनके बेटों पर शक जताया था। कीडगंज पुलिस के साथ एसपी सिटी की टीम भी खुलासे में लगाई गई थी।
विज्ञापन


पुलिस को एक सफलता उस वक्त मिली जब दोनों शूटरों की सीसीटीवी फुटेज मिल गई। इसके बाद मेहरनोश के घर के पास की फुटेज को देखा गया तो वही दोनों शूटर वहां दिख गए। इस फुटेज से पुलिस को पूरी कहानी पता चल गई। दोनों शूटरों के साथ पुलिस को प्रीतम नगर का अमित गौड़ दिखा। उसके बारे में पता चला कि वह सेंट जोंस कालेज का पूर्व कर्मचारी है। उसके घर पर दबिश दी गई लेकिन वह फरार था। उधर शूटरों की भी शिनाख्त हो गई। आठ अगस्त को बैरहना चौकी इंचार्ज नित्यानंद सिंह और वेद प्रकाश पांडेय ने एसपी सिटी की टीम के साथ मिंटो पार्क के पास से अमित गौड़ और कटरा के सनाउल्ला उर्फ रानू को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से घटना में प्रयुक्त बाइक और एक तमंचा भी मिला। हालांकि मौके से प्रीतम नगर का अरशद अली भाग निकला था। घटना में प्रयुक्त पिस्टल उसी के पास थी।
विज्ञापन


पुलिस की गिरफ्त में आए अमित गौड़ ने बताया कि वह सेंट जोंस में सीनियर क्लर्क था। मेहरनोश जब कालेज आए तो उन्होंने प्रिंसिपल के पीए के पद पर ज्वाइन किया था। वह मेरे जूनियर थे लेकिन धीरे-धीरे उनका ओहदा, रुतबा और पैसा बढ़ता गया। जब मेहरनोश वाइस प्रिंसिपल के पद पर पहुंचे तो उन्होंने उसका सारा काम छीन लिया। वह सबके सामने बेइज्जती करते थे। इसी कारण मुझे नौकरी छोड़नी पड़ी। लेकिन उसके मन में बदले की भावना बनी रही। मेहनोश को गोली मारने के लिए अपने इलाके मेें रहने वाले अपराधी अरशद उर्फ बाबू से संपर्क किया। वह पैसे लेकर काम करने को राजी हो गया। 29 को अमित अरशद और सनाउल्ला को लेकर मेहरनोश के घर दिखाने के लिए पहुंचा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेहरनोश की हत्या के प्रयास के बाद उसकी मां ने अपने ही भाई और उनके लड़के पर शक जताया था। हालांकि पुलिस ने उन्हें नामजद नहीं किया था लेकिन दोनों से कई बार पूछताछ की थी। वे शुरू से ही कह रहे थे, घटना में उनका कोई हाथ नहीं है। नवाब यूसुफ रोड पर अमित का शूटरों के साथ जो फुटेज मिला है, उसे मामा के लड़के ने ही लाकर पुलिस को दिया था। घटना के खुलासे के बाद मामा के परिवार ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed