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पूर्व सीओ ने बहू के खिलाफ लिखाया कत्ल का मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 21 Apr 2017 01:52 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अल्लापुर इलाके में रहने वाले रिटायर्ड सीओ रामजी मिश्र ने बेटे अमित मिश्रा उर्फ सोनू की हत्या में उसकी पत्नी रुशाली के खिलाफ जार्जटाउन थाने में केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि अवैध रिश्ते पर विरोध जताने की वजह से बहू ने मंगलवार रात अपनी मां और भाई के इशारे पर यह वारदात की है। गला घोंटकर पति के कत्ल के बाद बहू ने झूठी कहानी गढ़ी कि उसने आत्महत्या कर ली थी मगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच सामने आ गया। एसपी सिटी विपिन टाडा का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर घटना की बारीकी से जांच की जा रही है। ठोस सुबूत जुटाने के बाद दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि रामजी मिश्रा के छोटे भाई विजय मिश्रा ज्ञानपुर से विधायक हैं।
एलआईसी कॉलोनी अल्लापुर स्थित मकान में मंगलवार आधी रात अमित मिश्र उर्फ बाबा की मौत को उसकी पत्नी रुशाली ने खुदकुशी बताया था लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कहा है कि उसे गला घोंटकर मारा गया। पुलिस को जांच में कोई अहम जानकारी नहीं मिली जिससे साफ हो सके कि असल में हुआ क्या था। पत्नी रुशाली ने तो यही बताया है कि अमित ने नशे में घर लौटकर झगड़ने के बाद बेड पर कुर्सी रखी और दुपट्टे को पंखे से बांध फांसी लगा ली थी। उसने अमित को भाई और पिता अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत बताया गया।
बृहस्पतिवार शाम पूर्व सीओ रामजी की ओर से उनके पुत्र सतीश और आशीष ने जार्जटाउन थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा को पांच पन्ने की तहरीर दी। इसमें अमित के पिता रामजी ने घटना का विस्तृत ब्योरा देते हुए फांसी लगाने की बात को बहू रुशाली की मनगढ़ंत कहानी करार दिया है। उनका कहना है कि अमित गहरे नशे में घर लौटा था और उस हालत में वह खुद फांसी नहीं लगा सकता था। पत्नी रुशाली ने ही जूते के फीते से उसका गला दबाया। अमित ने बचाव की कोशिश की इसलिए उसके और रुशाली की बांहों पर खींचतान के निशान हुए। रामजी ने तहरीर में लिखा है कि उन्होंने बुधवार सुबह अपनी दूसरी बहुओं से रुशाली के शरीर का मुआयना कराया तो बांहों पर पीछे तमाम खरोंचें और काले धब्बे दिखे।
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पूर्व सीओ रामजी का साफ आरोप है कि अमित को शक था कि उसका बड़ा पुत्र पत्नी के अवैध रिश्ते का नतीजा था इसलिए वह डीएनए टेस्ट कराने पर अड़ गया था। अमित को पता चला था कि रूशाली का मुंबई स्थित मायके में पड़ोस के एक व्यक्ति से उसका गहरा रिश्ता था। शादी के बाद भी वह उससे रिश्ता बनाए थी। कत्ल से एक रोज पहले अमित ने इस बारे में रुशाली से सख्ती से बात की तो उनके बीच झगड़ा हुआ। अमित ने शर्त रखी कि वह बेटे यशस्वी और उसके डीएनए का मिलान टेस्ट करा ले ताकि सच्चाई सामने आए। मगर रुशाली गालीगलौज करने लगी। घटना वाले दिन मंगलवार को भी अमित ने पत्नी से कहा कि वह बेटे का डीएनए टेस्ट कराए वरना वह परिजनों और रिश्तेदारों से उसकी बदचलनी की पोल खोल देगा। उसी रात आठ बजे अमित ने भाइयों सतीश और आशीष से भी रोते हुए कहा था कि बड़ा बेटा उसका नहीं है। रुशाली की मां को पता चला तो उसने फोन पर अमित को धमकाया कि वह इस मसले पर ज्यादा हल्ला करेगा तो उसे मरवा देगी।
बहू रुशाली पर संगीन आरोप लगाते पूर्व सीओ रामजी मिश्र ने कहा कि उसने अपनी मां और भाई के भड़काने पर अपना सुहाग मिटा दिया। मंगलवार रात अमित से झगड़े के बाद उसने फोन पर मुंबई में अपनी मां और भाई विकास से बात की थी। बड़ी बहू वैशाली ने उसे फोन पर मां से यह कहते सुना था कि जैसा तुमने समझाया है मैं वैसा ही कर दूंगी। अमित ही नहीं रहेगा तो डीएनए टेस्ट की बात खत्म। विकास भैया को आज ही वहां से रवाना कर दो ताकि कोई मुसीबत आए तो मुझे बचा लें। फिर उसने नशे में धुत अमित को जूते के फीते से गला दबाकर मारा और शव बेड से फर्श पर खींचकर अपने गोद में लेकर रोते हुए आत्महत्या का नाटक करने लगी। तहरीर में रामजी ने लिखा है कि अमित को भी खतरे का आभास हो गया था। मंगलवार रात पत्नी से झगड़े के बाद वह बाहर निकला तो दोस्तों के साथ शराब पीते वक्त कहा था कि वह घर नहीं जाएगा वरना पत्नी कुछ भी कर सकती है। उसने दोस्तों से कहा था कि कि उसे अपने घर ही रोक लें। उन्होंने अमित की हत्या में उसकी पत्नी रुशाली, साले विकास उपाध्याय और मां के खिलाफ हत्या, सुबूत मिटाने, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी की धाराओं मेें केस दर्ज करने का आग्रह किया है।
-पूर्व सीओ रामजी ने अपने मकान में कई सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। उन्होने तहरीर में लिखा है कि घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज में दोपहर बाद साढ़े तीन बजे एक व्यक्ति दरवाजे से अंदर आकर सीढ़ी से छत रर जाकर दरवाजे के ताले को चेक किया, फिर नीचे आकर गलियारे में झांकने के बाद रुशाली के कमरे का दरवाजा खटखटाया। रुशाली ने दरवाजा खोला तो उसे कोई सामान देकर वह व्यक्ति बाहर निकल गया। तब अमित घर में नहीं था। यह व्यक्ति कौन था? यह रहस्य बना है। अमित ने उस लड़के को भी तीन रोज पहले पीटा था जो उसके बेटे को टयूशन ले जाने के लिए घर आता था। उसे ऐतराज था कि वह उसकी पत्नी से क्यों मिलता-जुलता था। थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने गुरूवार को फीनिक्स जाकर पूछताछ की क्योंकि अमित को फंदे से उतार वही ले जाया गया था। रुशाली की भूमिका की छानबीन हो रही है। ठोस सुबूतों के आधार पर ही अगला कदम उठाया जाएगा। रुशाली, उसकी मां, भाई की कॉल डिटेल चेक होगी।
-अमित उर्फ सोनू ने ब्वायज हाईस्कूल में इंटर तक पढ़ाई के बाद सीएमपी कॉलेज से बीकॉम किया था। बृहस्पतिवार को बीएचएस के पुरा छात्रों अधिवक्ता अनुभव शुक्ला, रामा नागेश प्रताप सिंह, आतिफ खान, सुजीत सिंह, फरहान, तुषार सिंह, आदर्श तिवार ने अमित के परिजनों से मिलकर गहरा शोक जताया और पुलिस से कत्ल का जल्द खुलासा करने की मांग की।
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एलआईसी कॉलोनी अल्लापुर स्थित मकान में मंगलवार आधी रात अमित मिश्र उर्फ बाबा की मौत को उसकी पत्नी रुशाली ने खुदकुशी बताया था लेकिन पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कहा है कि उसे गला घोंटकर मारा गया। पुलिस को जांच में कोई अहम जानकारी नहीं मिली जिससे साफ हो सके कि असल में हुआ क्या था। पत्नी रुशाली ने तो यही बताया है कि अमित ने नशे में घर लौटकर झगड़ने के बाद बेड पर कुर्सी रखी और दुपट्टे को पंखे से बांध फांसी लगा ली थी। उसने अमित को भाई और पिता अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत बताया गया।
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बृहस्पतिवार शाम पूर्व सीओ रामजी की ओर से उनके पुत्र सतीश और आशीष ने जार्जटाउन थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा को पांच पन्ने की तहरीर दी। इसमें अमित के पिता रामजी ने घटना का विस्तृत ब्योरा देते हुए फांसी लगाने की बात को बहू रुशाली की मनगढ़ंत कहानी करार दिया है। उनका कहना है कि अमित गहरे नशे में घर लौटा था और उस हालत में वह खुद फांसी नहीं लगा सकता था। पत्नी रुशाली ने ही जूते के फीते से उसका गला दबाया। अमित ने बचाव की कोशिश की इसलिए उसके और रुशाली की बांहों पर खींचतान के निशान हुए। रामजी ने तहरीर में लिखा है कि उन्होंने बुधवार सुबह अपनी दूसरी बहुओं से रुशाली के शरीर का मुआयना कराया तो बांहों पर पीछे तमाम खरोंचें और काले धब्बे दिखे।
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पूर्व सीओ रामजी का साफ आरोप है कि अमित को शक था कि उसका बड़ा पुत्र पत्नी के अवैध रिश्ते का नतीजा था इसलिए वह डीएनए टेस्ट कराने पर अड़ गया था। अमित को पता चला था कि रूशाली का मुंबई स्थित मायके में पड़ोस के एक व्यक्ति से उसका गहरा रिश्ता था। शादी के बाद भी वह उससे रिश्ता बनाए थी। कत्ल से एक रोज पहले अमित ने इस बारे में रुशाली से सख्ती से बात की तो उनके बीच झगड़ा हुआ। अमित ने शर्त रखी कि वह बेटे यशस्वी और उसके डीएनए का मिलान टेस्ट करा ले ताकि सच्चाई सामने आए। मगर रुशाली गालीगलौज करने लगी। घटना वाले दिन मंगलवार को भी अमित ने पत्नी से कहा कि वह बेटे का डीएनए टेस्ट कराए वरना वह परिजनों और रिश्तेदारों से उसकी बदचलनी की पोल खोल देगा। उसी रात आठ बजे अमित ने भाइयों सतीश और आशीष से भी रोते हुए कहा था कि बड़ा बेटा उसका नहीं है। रुशाली की मां को पता चला तो उसने फोन पर अमित को धमकाया कि वह इस मसले पर ज्यादा हल्ला करेगा तो उसे मरवा देगी।
बहू रुशाली पर संगीन आरोप लगाते पूर्व सीओ रामजी मिश्र ने कहा कि उसने अपनी मां और भाई के भड़काने पर अपना सुहाग मिटा दिया। मंगलवार रात अमित से झगड़े के बाद उसने फोन पर मुंबई में अपनी मां और भाई विकास से बात की थी। बड़ी बहू वैशाली ने उसे फोन पर मां से यह कहते सुना था कि जैसा तुमने समझाया है मैं वैसा ही कर दूंगी। अमित ही नहीं रहेगा तो डीएनए टेस्ट की बात खत्म। विकास भैया को आज ही वहां से रवाना कर दो ताकि कोई मुसीबत आए तो मुझे बचा लें। फिर उसने नशे में धुत अमित को जूते के फीते से गला दबाकर मारा और शव बेड से फर्श पर खींचकर अपने गोद में लेकर रोते हुए आत्महत्या का नाटक करने लगी। तहरीर में रामजी ने लिखा है कि अमित को भी खतरे का आभास हो गया था। मंगलवार रात पत्नी से झगड़े के बाद वह बाहर निकला तो दोस्तों के साथ शराब पीते वक्त कहा था कि वह घर नहीं जाएगा वरना पत्नी कुछ भी कर सकती है। उसने दोस्तों से कहा था कि कि उसे अपने घर ही रोक लें। उन्होंने अमित की हत्या में उसकी पत्नी रुशाली, साले विकास उपाध्याय और मां के खिलाफ हत्या, सुबूत मिटाने, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी की धाराओं मेें केस दर्ज करने का आग्रह किया है।
-पूर्व सीओ रामजी ने अपने मकान में कई सीसीटीवी कैमरे लगा रखे हैं। उन्होने तहरीर में लिखा है कि घटना वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज में दोपहर बाद साढ़े तीन बजे एक व्यक्ति दरवाजे से अंदर आकर सीढ़ी से छत रर जाकर दरवाजे के ताले को चेक किया, फिर नीचे आकर गलियारे में झांकने के बाद रुशाली के कमरे का दरवाजा खटखटाया। रुशाली ने दरवाजा खोला तो उसे कोई सामान देकर वह व्यक्ति बाहर निकल गया। तब अमित घर में नहीं था। यह व्यक्ति कौन था? यह रहस्य बना है। अमित ने उस लड़के को भी तीन रोज पहले पीटा था जो उसके बेटे को टयूशन ले जाने के लिए घर आता था। उसे ऐतराज था कि वह उसकी पत्नी से क्यों मिलता-जुलता था। थानाध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने गुरूवार को फीनिक्स जाकर पूछताछ की क्योंकि अमित को फंदे से उतार वही ले जाया गया था। रुशाली की भूमिका की छानबीन हो रही है। ठोस सुबूतों के आधार पर ही अगला कदम उठाया जाएगा। रुशाली, उसकी मां, भाई की कॉल डिटेल चेक होगी।
-अमित उर्फ सोनू ने ब्वायज हाईस्कूल में इंटर तक पढ़ाई के बाद सीएमपी कॉलेज से बीकॉम किया था। बृहस्पतिवार को बीएचएस के पुरा छात्रों अधिवक्ता अनुभव शुक्ला, रामा नागेश प्रताप सिंह, आतिफ खान, सुजीत सिंह, फरहान, तुषार सिंह, आदर्श तिवार ने अमित के परिजनों से मिलकर गहरा शोक जताया और पुलिस से कत्ल का जल्द खुलासा करने की मांग की।