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घर के भीतर आग का गोला बनकर दौड़ी विवाहिता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 07 Oct 2017 12:57 AM IST
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Dowry Persecution
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सरायइनायत थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव में शुक्रवार की दोपहर विवाहिता कमरे के भीतर आग का गोला बनकर दौड़ी। गंभीर रूप से झुलसने के कारण विवाहिता की कच्चे मकान के भीतर ही मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। परिजनों ने दलील दी है कि विवाहिता का मानसिक हालत काफी दिनों से ठीक नहीं चल रही थी। विवाहिता के मौत की सूचना पर मायकेवाले भी मौके पर पहुंच गए थे। मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी रही।
सरायइनायत थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव निवासी परमानंद राजगीर है। परमानंद का विवाह तकरीबन 17 साल पहले केशवापुर-अंदावा गांव निवासी भागीरथी की 35 वर्षीय बेटी अनीता देवी से हुआ था। पत्नी से उसे एक बेटी सपना तथा दो बेटे देवानंद व शिवानंद है। रोज की तरह परमानंद सुबह मजदूरी पर चला गया। बेटी सपना दादी अमिरती के साथ घास काटने खेत की ओर गई थी। घर पर अनीता अकेली थी। इसी बीच वह कच्चे मकान के कमरे में गई और भीतर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद विवाहिता ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।
वह कमरे के भीतर आग का गोला बनकर दौड़ने लगी। तभी बेटी सपना दादी के साथ खेत से लौटी तो कमरे के भीतर से निकल रहे काले धुंए पर उसकी नजर पड़ी। सपना ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। किसी तरह कच्चे मकान का दरवाजा और खपरैल हटाकर ग्रामीण भीतर दाखिल हुए। हालांकि तब तक गंभीर रूप से झुलसने के कारण विवाहिता की मौत हो चुकी थी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोटस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। उधर, विवाहिता के मौत की जानकारी मिलने पर मायकेवाले भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि विवाहिता की मानसिक हालत काफी दिनों से ठीक नहीं चल रही थी। इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली होगी। मौके पर ग्रामीण भी भारी संख्या में जुटे रहे।
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सरायइनायत थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव निवासी परमानंद राजगीर है। परमानंद का विवाह तकरीबन 17 साल पहले केशवापुर-अंदावा गांव निवासी भागीरथी की 35 वर्षीय बेटी अनीता देवी से हुआ था। पत्नी से उसे एक बेटी सपना तथा दो बेटे देवानंद व शिवानंद है। रोज की तरह परमानंद सुबह मजदूरी पर चला गया। बेटी सपना दादी अमिरती के साथ घास काटने खेत की ओर गई थी। घर पर अनीता अकेली थी। इसी बीच वह कच्चे मकान के कमरे में गई और भीतर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद विवाहिता ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी।
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वह कमरे के भीतर आग का गोला बनकर दौड़ने लगी। तभी बेटी सपना दादी के साथ खेत से लौटी तो कमरे के भीतर से निकल रहे काले धुंए पर उसकी नजर पड़ी। सपना ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। किसी तरह कच्चे मकान का दरवाजा और खपरैल हटाकर ग्रामीण भीतर दाखिल हुए। हालांकि तब तक गंभीर रूप से झुलसने के कारण विवाहिता की मौत हो चुकी थी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोटस्टमार्टम के लिए चीरघर भेज दिया। उधर, विवाहिता के मौत की जानकारी मिलने पर मायकेवाले भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बताया कि विवाहिता की मानसिक हालत काफी दिनों से ठीक नहीं चल रही थी। इसी के चलते उसने आत्महत्या कर ली होगी। मौके पर ग्रामीण भी भारी संख्या में जुटे रहे।
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