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राजू पाल हत्याकांड के आरोपी फरहान ने किया सरेंडर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 14 Apr 2018 01:31 AM IST
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गिरफ्तार
- फोटो : file photo
राजू पाल हत्याकांड समेत शहर के कई सनसनीखेज मामलों में आरोपी रहे फरहान ने शुक्रवार को अदालत में सरेंडर कर दिया। वह छह अप्रैल को पेशी से लौटते समय धूमनगंज के बेगम बाजार इलाके से फरार हो गया था। क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की कई टीमें उसकी खोजबीन कर रही थी लेकिन सभी को धता बताते हुए उसने सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
मरियाडीह निवासी फरहान को अतीक अहमद का बेहद करीबी माना जाता है। राजू पाल हत्याकांड, राजू पाल हत्याकांड के गवाहों को धमकाने और अल्कमा-सुरजीत हत्याकांड का उस पर आरोप है। वह कौशांबी जेल में बंद था। छह अप्रैल को शुक्रवार को उसे राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल के अपहरण मामले में पेशी पर कौशाम्बी जेल से कचहरी लाया गया था। उसकी सुरक्षा में एचसीपी भोला सिंह, कांस्टेबल राम सिंह, लवलेश यादव व सुभाष यादव लगे थे। पेशी के बाद वह फरहान को लेकर लौट रहे थे। करीब सवा तीन बजे फरहान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। एसएसपी आकाश कुलहरि ने क्राइम ब्रांच के साथ साथ कई थानों की फोर्स को उसे पकड़ने में लगाया था लेकिन उसने शुक्रवार को भी सबको चकमा दे दिया। पुलिस मानकर चल रही थी कि वह सरेंडर कर सकता है, इस कारण एक टीम कचहरी में भी लगाई गई थी। फरहान वकीलों के साथ शुक्रवार को कोर्ट पहुंचा और सरेंडर की अर्जी दे दी। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
फरहान ने शुक्रवार को अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दी कि उसे जेलर ने हाथ पांव तोड़ने की धमकी दी थी। वह सहम गया था। इसी कारण उसने भागने की गुस्ताखी की।
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मरियाडीह निवासी फरहान को अतीक अहमद का बेहद करीबी माना जाता है। राजू पाल हत्याकांड, राजू पाल हत्याकांड के गवाहों को धमकाने और अल्कमा-सुरजीत हत्याकांड का उस पर आरोप है। वह कौशांबी जेल में बंद था। छह अप्रैल को शुक्रवार को उसे राजू पाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल के अपहरण मामले में पेशी पर कौशाम्बी जेल से कचहरी लाया गया था। उसकी सुरक्षा में एचसीपी भोला सिंह, कांस्टेबल राम सिंह, लवलेश यादव व सुभाष यादव लगे थे। पेशी के बाद वह फरहान को लेकर लौट रहे थे। करीब सवा तीन बजे फरहान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। एसएसपी आकाश कुलहरि ने क्राइम ब्रांच के साथ साथ कई थानों की फोर्स को उसे पकड़ने में लगाया था लेकिन उसने शुक्रवार को भी सबको चकमा दे दिया। पुलिस मानकर चल रही थी कि वह सरेंडर कर सकता है, इस कारण एक टीम कचहरी में भी लगाई गई थी। फरहान वकीलों के साथ शुक्रवार को कोर्ट पहुंचा और सरेंडर की अर्जी दे दी। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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फरहान ने शुक्रवार को अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में अर्जी दी कि उसे जेलर ने हाथ पांव तोड़ने की धमकी दी थी। वह सहम गया था। इसी कारण उसने भागने की गुस्ताखी की।
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