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एयरपोर्ट के काम का ठेका दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:40 AM IST
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एयरपोर्ट पर सोलर पैनल सिस्टम लगाने का काम दिलाने के नाम पर दो लोगों ने राजस्थान स्थित कंपनी को 15 लाख का चूना लगा दिया। साइबर सेल ने मंगलवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से सवा लाख नकदी के साथ ही दो लाख के जेवर व अन्य सामान बरामद हुए हैं।
साइबर सेल प्रभारी बृजेश कुमार यादव ने बताया कि केशरीनंदन वेंचर्स एलएलपी कंपनी राजस्थान के कोटा में है। यहां के रोहित परेटा ने आरोप लगाया था कि एयरपोर्ट पर सोलर पैनल लगाने के काम दिलाने के नाम पर उनसे अनूप कुमार चक्रवर्ती व सुकुमार सारखेल ने 15 लाख रुपये हड़प लिए। दोनों ने खुद को टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड से संबंधित बताया था। सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज होने के बाद विवेचना साइबर सेल को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने कई बार भुक्तभोगी से फोन पर संपर्क किया था। उनके मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली गई तो उनका पता मिला। इसके बाद आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे दोस्त हैं। सुकुमार सिविल लाइंस स्थित रेजीलाइंस कोचिंग में पढ़ाता है, जबकि अनूप टिफिन सर्विस व कॉल सेंटर में काम करता है। अनूप ने फेसबुक के जरिए संपर्क कर रोहित से कहा कि वह इलाहाबाद में एयरपोर्ट पर सोलर पैनल सिस्टम लगाने का काम उन्हें दिलवा सकता है। इसके बाद 20 जुलाई को उसने सुकुमार को अपना बॉस बताते हुए होटल डीपीएस इन में रोहित से मिलवाया। रोहित को भरोसा दिलानेे के लिए सुकुमार ने टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के नाम से फर्जी आईडी बनाकर मेल भेजा। टाटा कंपनी के नाम से मेल देखकर रोहित ने अनूप के खाते में 15 लाख रुपये दो बार में भेज दिए। जिसे दोनों ने आपस में बांट लिए।
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खाते में जमा रकम कराई गई सीज
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ठगी से प्राप्त रकम का काफी हिस्सा खर्च भी कर दिया। अनूप ने दो लाख के गहने भी खरीदे। उधर सुकुमार ने लैपटाप व मोबाइल समेत अन्य चीजें खरीदीं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 1.2 लाख नकद, दो लाख के जेवर, एप्पल का नोटबुक, तीन मोबाइल, दो एटीएम व डेबिट कार्ड बरामद किए। इसके अलावा अनूप के खाते में मौजूद 1.34 लाख रुपये सीज करा दिए गए। गिरफ्तारी वाली टीम में कांस्टेबल जसवीर, पप्पी यादव, विजेंद्र शामिल रहे।
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साइबर सेल प्रभारी बृजेश कुमार यादव ने बताया कि केशरीनंदन वेंचर्स एलएलपी कंपनी राजस्थान के कोटा में है। यहां के रोहित परेटा ने आरोप लगाया था कि एयरपोर्ट पर सोलर पैनल लगाने के काम दिलाने के नाम पर उनसे अनूप कुमार चक्रवर्ती व सुकुमार सारखेल ने 15 लाख रुपये हड़प लिए। दोनों ने खुद को टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड से संबंधित बताया था। सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज होने के बाद विवेचना साइबर सेल को सौंपी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने कई बार भुक्तभोगी से फोन पर संपर्क किया था। उनके मोबाइल नंबर की डिटेल निकाली गई तो उनका पता मिला। इसके बाद आरोपियों को पकड़ लिया गया।
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पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे दोस्त हैं। सुकुमार सिविल लाइंस स्थित रेजीलाइंस कोचिंग में पढ़ाता है, जबकि अनूप टिफिन सर्विस व कॉल सेंटर में काम करता है। अनूप ने फेसबुक के जरिए संपर्क कर रोहित से कहा कि वह इलाहाबाद में एयरपोर्ट पर सोलर पैनल सिस्टम लगाने का काम उन्हें दिलवा सकता है। इसके बाद 20 जुलाई को उसने सुकुमार को अपना बॉस बताते हुए होटल डीपीएस इन में रोहित से मिलवाया। रोहित को भरोसा दिलानेे के लिए सुकुमार ने टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के नाम से फर्जी आईडी बनाकर मेल भेजा। टाटा कंपनी के नाम से मेल देखकर रोहित ने अनूप के खाते में 15 लाख रुपये दो बार में भेज दिए। जिसे दोनों ने आपस में बांट लिए।
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खाते में जमा रकम कराई गई सीज
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने ठगी से प्राप्त रकम का काफी हिस्सा खर्च भी कर दिया। अनूप ने दो लाख के गहने भी खरीदे। उधर सुकुमार ने लैपटाप व मोबाइल समेत अन्य चीजें खरीदीं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से 1.2 लाख नकद, दो लाख के जेवर, एप्पल का नोटबुक, तीन मोबाइल, दो एटीएम व डेबिट कार्ड बरामद किए। इसके अलावा अनूप के खाते में मौजूद 1.34 लाख रुपये सीज करा दिए गए। गिरफ्तारी वाली टीम में कांस्टेबल जसवीर, पप्पी यादव, विजेंद्र शामिल रहे।