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सबूतों से साफ होगा डॉक्टर की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 23 Oct 2016 01:54 AM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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कैंट इलाके में डॉक्टर राहुल पाल सिंह की गोली लगने से हुई मौत के मामले की तस्वीर सबूतों के पड़ताल के बाद ही साफ होगी। पुलिस जहां मामले को हादसा बता रही है। वहीं डॉक्टर के घरवाले इसे गहरी साजिश बता रहे है। इस मामले में घटना के समय राहुल के कमरे में मौजूद स्टॉफ नर्स अंकिता गौड़ और वंदना वूमेंस हॉस्पिटल की प्रबंधक वंदना के खिलाफ हत्या और साजिश का केस कैं ट पुलिस ने दर्ज किया है। पुलिस ने शनिवार को घटना स्थल से उठाए गए सबूतों की फोरेंसिक जांच, और रिवॉल्वर की बैलेस्टिक जांच के लिए भेज दिया है। हादसा और हत्या की कहानी में उलझी कैंट पुलिस इस हाईप्रोफाइल मामले में फूंक-फूंककर कदम उठा रही है।
कैंट में गंगानगर निवासी डॉ. राहुल पाल सिंह की गुरुवार आधी रात गोली लगने से मौत हो गई थी। उनके कमरे में मौजूद सहकर्मी स्टॉफ नर्स अंकिता की सूचना पर कैंट पुलिस और घरवाले पहुंचे। अंकिता के मुताबिक राहुल की मौत महज एक हादसा है। शराब के नशे में धुत राहुल ने खेल-खेल में कनपटी पर सटाकर गोली चलाई और उनकी मौत हो गई। बयान के मुताबिक ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी काफी कुछ हादसे की ओर ही इशारा कर रही है।
जिसके आधार पर पुलिस ने पूछताछ के बाद अंकिता को छोड़ दिया। उसे हिरासत में नहीं लिया गया। वहीं राहुल के घरवालों का आरोप था कि यह गहरी साजिश है। वंदना वूमेंस हॉस्पिटल के मालिकानों के कई राज राहुल को पता चल गए थे। उन्होंने घरवालों को फोन पर इस बारे में बताया था। एसओ कैंट ब्रजेश द्विवेदी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर के घर लगा सीसीटीवी कैमरा कई महीने से खराब था। रिवाल्वर की बैलेस्टिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट से साफ होगा कि रिवॉल्वर से गोली चली है कि नहीं है। सिर में जो खोखा मिला है वह इसी रिवॉल्वर का है कि नहीं।
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सुल्तानपुर में पहाड़पुर के शिक्षक का बेटा डॉ. राहुल पाल सिंह कई साल पहले शहर में पढ़ाई के लिए आया तो वह हत्याकांड में आरोपी निकिता के घर पर किराए पर रहता है। पढ़ाई के बाद वह जब वह डॉक्टर हो गया और नौकरी करने लगा तब उसका निकिता से संपर्क बना रहा। एसओ कैंट ब्रजेश द्विवेदी के मुताबिक पूछताछ में पता चला है कि निकिता को डॉ. राहुल ने ही पढ़ाया है। वह उसके गांव के पास स्थित एक स्कूल से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई की। नर्सिंग का कोर्स भी उसी ने कराया और राहुल की मदद से उसे वंदना वूमेंस हॉस्पिटल मे नौकरी मिली थी। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि डॉ. राहुल अपने मालिक के काफी करीबी थे। वह उनके यहां कई सालों से नौकरी कर रहा था।
छानबीन की जा रही है। घटना स्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच,बरामद अवैध रिवॉल्वर की बैलेस्टिक जांच, फिंगर प्रिंट के मिलान से इस घटना की तस्वीर साफ होगी। जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार है। ---आलोक मिश्र सीओ सिविल लाइंस।
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कैंट में गंगानगर निवासी डॉ. राहुल पाल सिंह की गुरुवार आधी रात गोली लगने से मौत हो गई थी। उनके कमरे में मौजूद सहकर्मी स्टॉफ नर्स अंकिता की सूचना पर कैंट पुलिस और घरवाले पहुंचे। अंकिता के मुताबिक राहुल की मौत महज एक हादसा है। शराब के नशे में धुत राहुल ने खेल-खेल में कनपटी पर सटाकर गोली चलाई और उनकी मौत हो गई। बयान के मुताबिक ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी काफी कुछ हादसे की ओर ही इशारा कर रही है।
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जिसके आधार पर पुलिस ने पूछताछ के बाद अंकिता को छोड़ दिया। उसे हिरासत में नहीं लिया गया। वहीं राहुल के घरवालों का आरोप था कि यह गहरी साजिश है। वंदना वूमेंस हॉस्पिटल के मालिकानों के कई राज राहुल को पता चल गए थे। उन्होंने घरवालों को फोन पर इस बारे में बताया था। एसओ कैंट ब्रजेश द्विवेदी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर के घर लगा सीसीटीवी कैमरा कई महीने से खराब था। रिवाल्वर की बैलेस्टिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट से साफ होगा कि रिवॉल्वर से गोली चली है कि नहीं है। सिर में जो खोखा मिला है वह इसी रिवॉल्वर का है कि नहीं।
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सुल्तानपुर में पहाड़पुर के शिक्षक का बेटा डॉ. राहुल पाल सिंह कई साल पहले शहर में पढ़ाई के लिए आया तो वह हत्याकांड में आरोपी निकिता के घर पर किराए पर रहता है। पढ़ाई के बाद वह जब वह डॉक्टर हो गया और नौकरी करने लगा तब उसका निकिता से संपर्क बना रहा। एसओ कैंट ब्रजेश द्विवेदी के मुताबिक पूछताछ में पता चला है कि निकिता को डॉ. राहुल ने ही पढ़ाया है। वह उसके गांव के पास स्थित एक स्कूल से हाईस्कूल और इंटर की पढ़ाई की। नर्सिंग का कोर्स भी उसी ने कराया और राहुल की मदद से उसे वंदना वूमेंस हॉस्पिटल मे नौकरी मिली थी। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि डॉ. राहुल अपने मालिक के काफी करीबी थे। वह उनके यहां कई सालों से नौकरी कर रहा था।
छानबीन की जा रही है। घटना स्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच,बरामद अवैध रिवॉल्वर की बैलेस्टिक जांच, फिंगर प्रिंट के मिलान से इस घटना की तस्वीर साफ होगी। जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार है। ---आलोक मिश्र सीओ सिविल लाइंस।