{"_id":"b4a94ab52a8dce8d995a693f518a2564","slug":"drisyam-had-learned-to-dodge-police-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘दृश्यम’ से सीखा था पुलिस को चकमा देना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
‘दृश्यम’ से सीखा था पुलिस को चकमा देना
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 30 Oct 2015 01:59 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद। चौथी कक्षा के छात्र आदित्य सिंह के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार 15 साल का रमेश नाबालिग होने की वजह से बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस की पूछताछ में उसने कबूला है कि अपने पिता का कर्ज चुकता करने और खुद एक झटके में धनी बनने के इरादे से अपहरण और फिरौती उगाहने की यह योजना उसने क्राइम सीरियल देखकर बनाई जबकि पुलिस को चकमा देने का तरीका उसने अजय देवगन की फिल्म दृश्यम देखकर सीखा। जांच में यह भी साफ हो गया है कि किडनैपिंग की इस वारदात को इस नाबालिग लड़के ने अकेले ही अंजाम दिया था।
चक निरातुल मुहल्ले से सोमवार दोपहर दस साल के आदित्य के अपहरण से परिजन और पुलिस अफसर चिंतित थे। आदित्य के पिता मान सिंह को फोनकर तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम आदित्य की तलाश में भटक रही थी इसी बीच बुधवार देर शाम वह खुद घर पहुंच गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने राजरूपपुर के एक मकान में छापा मारकर वहां किराए पर रहने वाले 15 साल के रमेश (नाम काल्पनिक) को पकड़ लिया।
खुल्दाबाद थाना प्रभारी समीर सिंह के मुताबिक, शुरूआती पूछताछ में ही रमेश ने कुबूला कि उसने अकेले ही यह कारनामा किया लेकिन जांच हो रही थी कि कहीं ऐसा तो नहीं कि वह घटना में शामिल लोगों के नाम बताने से घबरा रहा हो। मगर साफ हो गया कि वही इस अपहरणकांड का मास्टरमाइंड और इकलौता गुनहगार है। रमेश ने बताया कि मजदूरी करने वाले उसके पिता पर पांच लाख रुपये का कर्ज हो गया था। परिवार बेहद गरीब है। इसी वजह उसने सारी मुसीबतों को एक झटके में दूर करने के इरादे से आदित्य के अपहरण की योजना बना ली।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर के मुताबिक कक्षा आठ तक पढ़ाई करने वाले रमेश ने दृश्यम फिल्म देखी थी जिसमें अजय देवगन ने बेहद चालाकी से पुलिस को चकमा देकर खुद को हत्या में फंसने से बचा लिया था। उसी फिल्म की तर्ज पर रमेश ने कई फर्जी सिम लिए और फिरौती के लिए फोन करने की खातिर वह चौफटका के पास रेलवे लाइन किनारे जाता था। वह जब भी आदित्य के पिता को फोन करता तो ट्रेन की आवाज आती। क्राइम ब्रांच को मोबाइल की लोकेशन चौफटका रेलवे ट्रैक के पास मिलती इसलिए गढ़वा के जंगल में खोजबीन की गई जबकि रमेश ने आदित्य को अपने कमरे में बंधक बना रखा था। 14 साल के लड़के के इस शातिर अंदाज ने पुलिस को भी चौंका दिया। उसे कोर्ट के आदेश पर बाल सुधार गृह भेजा गया है।
विज्ञापन
चक निरातुल मुहल्ले से सोमवार दोपहर दस साल के आदित्य के अपहरण से परिजन और पुलिस अफसर चिंतित थे। आदित्य के पिता मान सिंह को फोनकर तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही थी। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम आदित्य की तलाश में भटक रही थी इसी बीच बुधवार देर शाम वह खुद घर पहुंच गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने राजरूपपुर के एक मकान में छापा मारकर वहां किराए पर रहने वाले 15 साल के रमेश (नाम काल्पनिक) को पकड़ लिया।
विज्ञापन
खुल्दाबाद थाना प्रभारी समीर सिंह के मुताबिक, शुरूआती पूछताछ में ही रमेश ने कुबूला कि उसने अकेले ही यह कारनामा किया लेकिन जांच हो रही थी कि कहीं ऐसा तो नहीं कि वह घटना में शामिल लोगों के नाम बताने से घबरा रहा हो। मगर साफ हो गया कि वही इस अपहरणकांड का मास्टरमाइंड और इकलौता गुनहगार है। रमेश ने बताया कि मजदूरी करने वाले उसके पिता पर पांच लाख रुपये का कर्ज हो गया था। परिवार बेहद गरीब है। इसी वजह उसने सारी मुसीबतों को एक झटके में दूर करने के इरादे से आदित्य के अपहरण की योजना बना ली।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर के मुताबिक कक्षा आठ तक पढ़ाई करने वाले रमेश ने दृश्यम फिल्म देखी थी जिसमें अजय देवगन ने बेहद चालाकी से पुलिस को चकमा देकर खुद को हत्या में फंसने से बचा लिया था। उसी फिल्म की तर्ज पर रमेश ने कई फर्जी सिम लिए और फिरौती के लिए फोन करने की खातिर वह चौफटका के पास रेलवे लाइन किनारे जाता था। वह जब भी आदित्य के पिता को फोन करता तो ट्रेन की आवाज आती। क्राइम ब्रांच को मोबाइल की लोकेशन चौफटका रेलवे ट्रैक के पास मिलती इसलिए गढ़वा के जंगल में खोजबीन की गई जबकि रमेश ने आदित्य को अपने कमरे में बंधक बना रखा था। 14 साल के लड़के के इस शातिर अंदाज ने पुलिस को भी चौंका दिया। उसे कोर्ट के आदेश पर बाल सुधार गृह भेजा गया है।