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सेंट्रल जेल में अब थाने से भी निगरानी
मिथलेश त्रिपाठी, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 30 Mar 2016 01:18 AM IST
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पकड़े गए आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं।
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जेलों में बंद कैदियों और उनसे मिलने आने वाले लोगों का रेकार्ड अब स्थानीय पुलिस भी रखेगी। जेलों से अपराध संचालन पर काबू पाने के लिए शासन स्तर से जारी इस आदेश पर अमल भी शुरू हो गया है। इसकी खातिर जेल के स्थानीय थाने में दूसरे थानों से पुलिस फोर्स की तैनाती की जा रही है। इलाहाबाद के भी नैनी थाने में सेंट्रल जेल के कैदियों और मुलाकातियों का ब्यौरा रखने समेत चेकिंग भी पुलिस कर रही है।
नैनी सेंट्रल जेल समेत दूसरी जेलों में बंद पेशेवर अपराधियों द्वारा जेल से ही अपराध संचालन का खुलासा कई बार हो चुका है। जेल से फोन के जरिए और गुर्गों से मुलाकात के जरिए वे अपराध की साजिश रचकर वारदात अंजाम दिलाते हैं। इन अपराधियों की जेल के कर्मचारियों से मिलीभगत के चलते भी जेल से अपराध पर काबू पाना मुश्किल रहा है। इसी वजह से शासन ने सभी सेंट्रल जेल के कैदियों-विचाराधीन बंदियों के साथ ही उनसे मुलाकात करने आने वाले लोगों के बारे में जानकारी रखने का जिम्मा स्थानीय पुलिस को भी सौंप दिया है। जिस थाना क्षेत्र में सेंट्रल जेल है वहां की पुलिस जेल में बंद सभी कैदियों-बंदियों और मुलाकातियों का ब्यौरा रखेगी। साथ ही जेल गेट पर पीएसी के साथ ही पुलिस ही चेकिंग करेगी ताकि जेल के भीतर मोबाइल, सिम, चार्जर समेत कोई भी प्रतिबंधित वस्तु नहीं पहुंचाई जा सके। इस अतिरिक्त कार्य की खातिर जेल वाले थाने में दूसरे थानों से हर महीने पुलिस बल की अस्थायी तौर पर तैनाती की जाएगी।
इलाहाबाद के नैनी थाने में भी सेंट्रल जेल के कैदियों-मुलाकातियों का ब्यौरा रखना शुरू कर दिया गया है। मौजूदा समय में बारा थाने से तीन दरोगा जेल ड्यूटी की खातिर नैनी थाने में अस्थायी तैनाती पर भेजे गए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केदार नाथ का कहना है कि शासन के आदेश पर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है ताकि कैदियों-मुलाकातियों पर पैनी नजर रखी जा सके। जेल के बंदियों और मुलाकातियों का रिकार्ड जेल में रखा जाता रहा है। अब यह रेकार्ड नैनी पुलिस के पास भी अपने पास रखेगी जिससे यह पता चल सके कि किस कैदी से कौन कितने बजे मिलने आया। शासन के इस कार्य प्रणाली से जेलों के अन्दर किसी भी प्रकार का अपराध नहीं हो सकेगा।
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‘नैनी जेल गेट पर चेकिंग के लिए पीएसी की तैनाती पहले ही कर दी गई थी। अब शासन के आदेश पर नैनी थाने में भी जेल के कैदियों और मुलाकातियों का ब्यौरा रखा जाने लगा है। इसकी खातिर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नैनी थाने में की गई है।’
0आशुतोष मिश्र, एसपी यमुनापार
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नैनी सेंट्रल जेल समेत दूसरी जेलों में बंद पेशेवर अपराधियों द्वारा जेल से ही अपराध संचालन का खुलासा कई बार हो चुका है। जेल से फोन के जरिए और गुर्गों से मुलाकात के जरिए वे अपराध की साजिश रचकर वारदात अंजाम दिलाते हैं। इन अपराधियों की जेल के कर्मचारियों से मिलीभगत के चलते भी जेल से अपराध पर काबू पाना मुश्किल रहा है। इसी वजह से शासन ने सभी सेंट्रल जेल के कैदियों-विचाराधीन बंदियों के साथ ही उनसे मुलाकात करने आने वाले लोगों के बारे में जानकारी रखने का जिम्मा स्थानीय पुलिस को भी सौंप दिया है। जिस थाना क्षेत्र में सेंट्रल जेल है वहां की पुलिस जेल में बंद सभी कैदियों-बंदियों और मुलाकातियों का ब्यौरा रखेगी। साथ ही जेल गेट पर पीएसी के साथ ही पुलिस ही चेकिंग करेगी ताकि जेल के भीतर मोबाइल, सिम, चार्जर समेत कोई भी प्रतिबंधित वस्तु नहीं पहुंचाई जा सके। इस अतिरिक्त कार्य की खातिर जेल वाले थाने में दूसरे थानों से हर महीने पुलिस बल की अस्थायी तौर पर तैनाती की जाएगी।
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इलाहाबाद के नैनी थाने में भी सेंट्रल जेल के कैदियों-मुलाकातियों का ब्यौरा रखना शुरू कर दिया गया है। मौजूदा समय में बारा थाने से तीन दरोगा जेल ड्यूटी की खातिर नैनी थाने में अस्थायी तैनाती पर भेजे गए हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केदार नाथ का कहना है कि शासन के आदेश पर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है ताकि कैदियों-मुलाकातियों पर पैनी नजर रखी जा सके। जेल के बंदियों और मुलाकातियों का रिकार्ड जेल में रखा जाता रहा है। अब यह रेकार्ड नैनी पुलिस के पास भी अपने पास रखेगी जिससे यह पता चल सके कि किस कैदी से कौन कितने बजे मिलने आया। शासन के इस कार्य प्रणाली से जेलों के अन्दर किसी भी प्रकार का अपराध नहीं हो सकेगा।
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‘नैनी जेल गेट पर चेकिंग के लिए पीएसी की तैनाती पहले ही कर दी गई थी। अब शासन के आदेश पर नैनी थाने में भी जेल के कैदियों और मुलाकातियों का ब्यौरा रखा जाने लगा है। इसकी खातिर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नैनी थाने में की गई है।’
0आशुतोष मिश्र, एसपी यमुनापार